Iran-US तनाव के बीच अमेरिका-भारत वार्ता, वाशिंगटन में रुबियो और मिसरी की बैठक

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच वॉशिंगटन में भारत-अमेरिका उच्चस्तरीय बैठक हुई। रक्षा, व्यापार, क्वाड और क्षेत्रीय सुरक्षा पर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच वॉशिंगटन में भारत और अमेरिका के बीच उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें रणनीतिक साझेदारी, रक्षा सहयोग और व्यापार पर चर्चा की गई। बैठक में दोनों देशों ने संबंधों को मजबूत करने पर सहमति जताई। साथ ही कूटनीतिक सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर भी विचार हुआ।

India US Strategic Talks: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच वॉशिंगटन में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बीच व्हाइट हाउस में महत्वपूर्ण बैठक हुई। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब दोनों देश व्यापार, रक्षा सहयोग, महत्वपूर्ण खनिज और क्वाड जैसे मुद्दों पर अपने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा कर रहे हैं। इस दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद और वैश्विक स्थिरता से जुड़े विषयों पर भी विचार साझा किए गए। बैठक में दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई, जबकि आगामी महीनों में रूबियो की भारत यात्रा को भी अहम माना जा रहा है।

वॉशिंगटन में भारत-अमेरिका बैठक

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच वॉशिंगटन में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बीच अहम बैठक हुई। यह मुलाकात व्हाइट हाउस में आयोजित की गई, जिसमें दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में व्यापार, रक्षा सहयोग, महत्वपूर्ण खनिज और क्वाड जैसे प्रमुख मुद्दों पर फोकस रहा। अमेरिकी पक्ष ने भारत के साथ रिश्तों को और गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई, जबकि भारत ने भी व्यापक वैश्विक साझेदारी को आगे बढ़ाने की बात कही।

भारत-अमेरिका रणनीतिक सहयोग

दोनों देशों ने रक्षा और आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई। चर्चा में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र और क्वाड के तहत चल रहे सहयोग को भी अहम माना गया।

भारत के दूतावास ने भी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि दोनों देश व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने भी साझा हितों पर सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।

आतंकवाद और वैश्विक मुद्दों पर भी हुई बातचीत

विक्रम मिसरी ने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी एफबीआई के निदेशक काश पटेल से भी मुलाकात की। इस दौरान आतंकवाद, संगठित अपराध और ड्रग्स तस्करी जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।

इसके अलावा क्षेत्रीय और वैश्विक परिस्थितियों, खासकर फारस की खाड़ी और मध्य पूर्व की स्थिति पर भी विचार साझा किए गए। अमेरिका ने इस दौर में क्षेत्रीय स्थिरता को प्राथमिकता देने की बात कही।

आगे की कूटनीतिक गतिविधियां

इस बातचीत के बीच यह भी जानकारी सामने आई कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो मई में भारत का दौरा करेंगे। इस यात्रा को दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा देने के तौर पर देखा जा रहा है।

विक्रम मिसरी की यह अमेरिका यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में तनाव बना हुआ है और वैश्विक कूटनीति में सक्रियता बढ़ी हुई है।

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