दिल्ली यूनिवर्सिटी में SC, ST, OBC और EWS कैटेगरी के लिए तय आरक्षण व्यवस्था के तहत छात्रों को प्रवेश में राहत मिलती है, लेकिन इसके लिए मान्य और अपडेटेड सर्टिफिकेट अनिवार्य है। DU ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा, इसलिए छात्रों को सभी दस्तावेज समय पर तैयार रखने होंगे।
DU Reservation Rules: दिल्ली यूनिवर्सिटी में नए शैक्षणिक सत्र के लिए एडमिशन प्रक्रिया शुरू होने से पहले यूनिवर्सिटी ने साफ किया है कि SC, ST, OBC और EWS कैटेगरी के आरक्षण का लाभ सिर्फ वैध और नवीनतम सर्टिफिकेट दिखाने पर मिलेगा। DU, जो देश की सबसे बड़ी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में से एक है, केंद्र सरकार की आरक्षण नीति का पालन करती है और किसी भी श्रेणी के छात्रों को दस्तावेज जमा करने के लिए अतिरिक्त समय नहीं देती। एडमिशन मेरिट और पात्रता के आधार पर होता है और जिन छात्रों की मेरिट सामान्य सूची में आ जाती है, उन्हें रिजर्व सीटों में शामिल नहीं किया जाता।
DU में किसे कितना रिजर्वेशन मिलता है
दिल्ली यूनिवर्सिटी में SC और ST छात्रों के लिए कुल 22.5 प्रतिशत सीटें आरक्षित होती हैं। इनमें 15 प्रतिशत SC और 7.5 प्रतिशत ST छात्रों के लिए तय हैं। पात्रता के लिए SC/ST छात्रों को पास मार्क्स पर्याप्त माने जाते हैं। जहां एडमिशन एंट्रेंस टेस्ट के आधार पर होता है, वहां इन श्रेणियों के लिए अलग मेरिट लिस्ट बनाई जाती है। कट-ऑफ में 5 प्रतिशत तक की छूट दी जाती है और जरुरत पड़ने पर और राहत भी दी जा सकती है। यदि सीटें खाली रह जाती हैं तो SC की सीटें ST को और ST की सीटें SC को दी जा सकती हैं, लेकिन तब भी सीटें भरने के लिए बाध्यता नहीं है।
OBC कैटेगरी के लिए DU में 27 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं। OBC छात्रों को पात्रता अंकों में 10 प्रतिशत तक की छूट मिलती है। हालांकि, OBC सर्टिफिकेट नॉन-क्रीमी लेयर का होना चाहिए और वह केंद्र सरकार की सूची में शामिल जाति का होना आवश्यक है। अगर छात्र के पास रजिस्ट्रेशन के समय तक नया प्रमाणपत्र नहीं है, तो पुराना सर्टिफिकेट या आवेदन स्लिप अपलोड कर सकते हैं, लेकिन एडमिशन के समय नए वर्ष का नॉन-क्रीमी लेयर प्रमाणपत्र दिखाना अनिवार्य है।

EWS कैटेगरी के नियम और जरूरी सर्टिफिकेट
EWS यानी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए DU में 10 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं। यह आरक्षण केवल केंद्र सरकार के निर्धारित नियमों के तहत दिया जाता है। EWS सर्टिफिकेट भी उन्हीं अधिकृत अधिकारियों से जारी होना चाहिए जो SC/ST/OBC प्रमाणपत्र जारी कर सकते हैं।
EWS कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए यह आवश्यक है कि उनका प्रमाणपत्र नवीनतम हो और केंद्र के मानकों के अनुसार जारी किया गया हो। इसमें यह स्पष्ट होना चाहिए कि परिवार की वार्षिक आय तय सीमा से कम है और उम्मीदवार EWS श्रेणी में आता है। यदि छात्र समय पर अपडेटेड सर्टिफिकेट नहीं दिखा पाते हैं, तो उन्हें उस कैटेगरी का लाभ नहीं दिया जाएगा।
रिजर्वेशन के साथ एडमिशन के नियम
अगर कोई छात्र रिजर्व कैटेगरी का होते हुए भी मेरिट पर जनरल लिस्ट में सिलेक्ट हो जाता है, तो उसे रिजर्व सीटों में शामिल नहीं किया जाता। यह DU की निष्पक्षता और मेरिट-आधारित एडमिशन प्रक्रिया का हिस्सा है।
यूनिवर्सिटी यह भी स्पष्ट करती है कि किसी भी स्थिति में एडमिशन के दौरान सर्टिफिकेट जमा करने या अपडेट करने के लिए अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। इसलिए छात्रों को एडमिशन प्रक्रिया शुरू होने से पहले अपने दस्तावेज पूरे रखने की सलाह दी जाती है।










