अमेरिका ईरान के सैन्य ठिकानों पर संभावित हमले की तैयारी कर रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है। ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए बाहरी हस्तक्षेप पर चेतावनी दी है। तनाव बढ़ता जा रहा है।
America: अमेरिका ईरान पर संभावित हमले की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी अधिकारी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों को लागू करने और ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए चर्चा कर रहे हैं। अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारी इस बात पर विचार कर रहे हैं कि किस तरह से ट्रंप की चेतावनियों को अमल में लाया जा सकता है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले करने की योजना बना सकता है। हालांकि इस पर अभी तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है और किसी तरह के सैनिक या हथियारों की तैनाती नहीं की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि योजना बनाना और हमला करना अलग बात है। अमेरिका की तैयारी का मतलब यह नहीं है कि हमला निश्चित रूप से होगा।
ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों को किया समर्थन
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप लगातार ईरान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके कहा कि ईरान आज़ादी की ओर बढ़ रहा है और अमेरिका मदद के लिए तैयार है। ट्रंप की यह बात ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक अस्थिरता के बीच सामने आई है।

ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा, "ईरान शायद पहले कभी न देखी गई आज़ादी की ओर देख रहा है। अमेरिका मदद के लिए तैयार है।" इससे यह स्पष्ट होता है कि अमेरिका न केवल योजना बना रहा है बल्कि वह ईरानी जनता के समर्थन में भी खड़ा है।
ईरान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
ईरान में पिछले कुछ दिनों से विरोध प्रदर्शन लगातार जारी हैं। शनिवार, 10 जनवरी को सरकार की तरफ से चेतावनी जारी की गई। ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने कहा कि विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले किसी भी व्यक्ति को ईश्वर का शत्रु माना जाएगा और उसे मृत्युदंड का सामना करना पड़ सकता है।
सरकारी टेलीविजन पर बताया गया कि दंगाइयों की मदद करने वालों को भी वही सजा दी जाएगी। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने के बावजूद सरकार के समर्थन में कई लोग भी बाहर निकल रहे हैं। विरोध प्रदर्शनों का मुख्य कारण राजनीतिक असंतोष और आर्थिक समस्याएं बताई जा रही हैं।
ईरान के सर्वोच्च नेता ने की चेतावनी
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने भी स्थिति को लेकर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी बाहरी हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी जाएगी और आंतरिक विरोध को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कार्रवाई की जाएगी। खामेनेई के अनुसार, दंगाइयों की मदद करने वाले लोग भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की सख्त प्रतिक्रिया और अमेरिका की संभावित योजना से तनाव और बढ़ सकता है। दोनों पक्षों के बीच स्थिति नाजुक बनी हुई है और कोई भी कदम बड़े राजनीतिक और सैन्य परिणाम ला सकता है।










