मुख्य घटना: भारतीय शतरंज महासंघ (AICF) ने हाल ही में एक असहज स्थिति का सामना किया, जब उन्होंने पाया कि 2022 के चेन्नई शतरंज ओलंपियाड में जीती गई 'नोना गैप्रिंडाशविली कप' ट्रॉफी गायब हो गई है। यह ट्रॉफी दुनिया भर में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली टीम को दी जाती है, जो पुरुषों और महिलाओं दोनों के डिवीज़न में सर्वोच्च अंक अर्जित करती है। भारत ने इस ट्रॉफी को 2022 में जीता था, लेकिन यह पिछले एक महीने से लापता है।
पुलिस में शिकायत दर्ज: जब अंतर्राष्ट्रीय शतरंज महासंघ (FIDE) ने भारतीय महासंघ से इस ट्रॉफी को बुडापेस्ट में चल रहे 2024 शतरंज ओलंपियाड के लिए भेजने को कहा, तब AICF को पता चला कि यह ट्रॉफी गुम हो चुकी है। AICF ने इस मुद्दे पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, और इसकी जांच शुरू कर दी गई है।
नई ट्रॉफी का ऑर्डर: इस घटना के बाद AICF ने एक वैकल्पिक योजना तैयार की है और नई ट्रॉफी का ऑर्डर दे दिया है, जो दिखने में लगभग वही होगी। हालांकि, मूल ट्रॉफी की विशिष्टता को दोबारा से हासिल नहीं किया जा सकेगा, लेकिन फिलहाल इसे एक अस्थायी समाधान के रूप में देखा जा रहा है।
समारोह और आगामी आयोजन: वर्तमान 45वें शतरंज ओलंपियाड का आयोजन 10 सितंबर से 23 सितंबर 2024 तक बुडापेस्ट में हो रहा है, जिसमें 195 देशों की 197 टीमें हिस्सा ले रही हैं। भारतीय पुरुष और महिला टीमों का प्रदर्शन शानदार रहा है और सबकी निगाहें भारत के प्रदर्शन पर टिकी हुई हैं।
यह घटना AICF के लिए अत्यंत शर्मनाक रही है, और महासंघ ने इसके लिए माफी मांगी है। अब सभी की नजरें इस पर हैं कि पुलिस जांच में क्या परिणाम आता है और ट्रॉफी को वापस पाने के लिए क्या कदम उठाए जाते है:
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