इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने टेस्ट फॉर्मेट के लिए बड़ा बदलाव करते हुए न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग को नया हेड कोच नियुक्त किया है। फ्लेमिंग अब इंग्लैंड टेस्ट टीम के मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभालेंगे और अपने पुराने साथी व न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ब्रेंडन मैकुलम की जगह लेंगे।
स्पोर्ट्स न्यूज़: न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के लंबे समय तक हेड कोच रहे स्टीफन फ्लेमिंग को इंग्लैंड टेस्ट टीम का नया मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। वह ब्रेंडन मैकुलम की जगह यह जिम्मेदारी संभालेंगे। हालांकि, नियुक्ति के तुरंत बाद इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने फ्लेमिंग को एक महत्वपूर्ण सलाह देते हुए कहा है कि इंग्लैंड में उन्हें महेंद्र सिंह धोनी जैसा कप्तान नहीं मिलेगा।
फ्लेमिंग की नियुक्ति को इंग्लैंड क्रिकेट में एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। मैकुलम के नेतृत्व में इंग्लैंड ने ‘बैजबॉल’ शैली को अपनाकर आक्रामक टेस्ट क्रिकेट खेला था, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में 2-1 की हार के बाद मैकुलम ने पद छोड़ दिया। अब इंग्लैंड को उम्मीद है कि फ्लेमिंग अपने अनुभव और रणनीतिक क्षमता से टीम को नई दिशा देंगे।
फ्लेमिंग की पहली चुनौती पाकिस्तान टेस्ट सीरीज नहीं होगी
इंग्लैंड को अगले महीने पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलनी है, लेकिन स्टीफन फ्लेमिंग इस दौरे पर टीम के साथ हेड कोच की भूमिका में नहीं होंगे। यह फैसला माइकल वॉन को पसंद नहीं आया। वॉन ने ब्रिटिश अखबार ‘द टेलीग्राफ’ में लिखे अपने कॉलम में कहा कि फ्लेमिंग को पाकिस्तान सीरीज से ही टीम की जिम्मेदारी संभालनी चाहिए थी। उनके अनुसार, नए कोच के लिए शुरुआत से टीम के साथ जुड़ना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि इससे खिलाड़ियों, स्टेडियमों और घरेलू क्रिकेट व्यवस्था को समझने का मौका मिलता है।
वॉन ने कहा कि कोचिंग में छोटी-छोटी चीजें भी बड़ा अंतर पैदा करती हैं। एजबेस्टन जैसे मैदानों पर अनुभव हासिल करना, इंग्लिश क्रिकेट से जुड़े लोगों को समझना और काउंटी क्रिकेट कोचों के साथ बातचीत करना नए कोच के लिए काफी मददगार साबित हो सकता है।

CSK और धोनी के साथ फ्लेमिंग की सफलता
स्टीफन फ्लेमिंग का नाम दुनिया के सबसे सफल टी20 कोचों में गिना जाता है। वह करीब 17 वर्षों तक चेन्नई सुपर किंग्स के हेड कोच रहे और टीम को कई बड़ी सफलताएं दिलाने में अहम भूमिका निभाई। चेन्नई सुपर किंग्स की सफलता में फ्लेमिंग और महेंद्र सिंह धोनी की जोड़ी को बेहद खास माना जाता है। धोनी की कप्तानी और फ्लेमिंग की रणनीतिक सोच ने मिलकर फ्रेंचाइजी को आईपीएल की सबसे सफल टीमों में शामिल किया।
माइकल वॉन ने इसी साझेदारी का जिक्र करते हुए कहा कि इंग्लैंड में फ्लेमिंग के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि उनके पास धोनी जैसा शांत और अनुभवी कप्तान नहीं होगा।
‘धोनी जैसा कप्तान मिलना आसान नहीं’
माइकल वॉन ने कहा कि फ्लेमिंग एक शानदार मैनेजर और रणनीतिकार हैं, लेकिन चेन्नई सुपर किंग्स में उन्हें धोनी जैसा कप्तान मिला था, जो मैदान पर दबाव को संभालने और फैसले लेने में माहिर थे। वॉन के मुताबिक, इंग्लैंड टेस्ट टीम में फ्लेमिंग को कप्तान के साथ नए सिरे से तालमेल बनाना होगा। बेन स्टोक्स के टेस्ट क्रिकेट से हटने के बाद जो रूट को कप्तानी की जिम्मेदारी दी गई है और अब फ्लेमिंग के सामने नई नेतृत्व संरचना के साथ काम करने की चुनौती होगी।
वॉन ने फ्लेमिंग के चेन्नई कार्यकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि सीएसके की सफलता केवल तेज गेंदबाजी पर निर्भर नहीं थी, बल्कि गेंदबाजों की तकनीक, कौशल और परिस्थितियों को समझने की क्षमता पर आधारित थी। उन्होंने कहा कि फ्लेमिंग के पास चेन्नई में बेहतरीन सपोर्ट स्टाफ भी था। एरिक साइमन्स जैसे कोचों ने टीम की गेंदबाजी रणनीति को मजबूत बनाया। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या फ्लेमिंग इंग्लैंड टेस्ट टीम में भी केवल तेज रफ्तार के बजाय गेंदबाजी कौशल और रणनीति पर अधिक जोर देंगे।










