तेलंगाना Formula-E कार रेस केस में BRS नेता KTR शुक्रवार को नांपल्ली ACB कोर्ट में पेश हुए। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त तक टाल दी। ACB 55 करोड़ रुपये से अधिक खर्च की कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है।
हैदराबाद: भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष और तेलंगाना के पूर्व मंत्री के. तारक रामा राव (KTR) शुक्रवार को नांपल्ली स्थित ACB विशेष अदालत में Formula-E कार रेस मामले की सुनवाई के लिए पेश हुए। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी है। इस मामले में KTR को आरोपी नंबर-1 बनाया गया है, जबकि IAS अधिकारी अरविंद कुमार और पूर्व HMDA चीफ इंजीनियर बी.एल.एन. रेड्डी भी आरोपी के रूप में अदालत में उपस्थित हुए।
Formula-E केस में KTR की कोर्ट में पेशी
Formula-E कार रेस आयोजन से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में तेलंगाना भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) जांच कर रहा है। शुक्रवार सुबह KTR नांपल्ली ACB कोर्ट पहुंचे, जहां मामले की सुनवाई हुई। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अगली तारीख 25 अगस्त निर्धारित की।
KTR के साथ BRS के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता भी कोर्ट परिसर पहुंचे। पूर्व मंत्री सबिता इंद्रा रेड्डी, महमूद अली, विधायक कौशिक रेड्डी और BRS नेता आर.एस. प्रवीण कुमार समेत कई नेताओं की मौजूदगी के कारण नांपल्ली कोर्ट के आसपास कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ।
HMDA फंड से 55 करोड़ रुपये खर्च करने का आरोप
ACB की जांच Formula-E रेस के आयोजन के दौरान हुए कथित वित्तीय लेनदेन पर केंद्रित है। आरोप है कि हैदराबाद महानगर विकास प्राधिकरण (HMDA) के फंड से Formula-E रेस, ट्रैक निर्माण और अन्य संबंधित गतिविधियों के लिए 55 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई। जांच एजेंसी का दावा है कि इन खर्चों के दौरान आधिकारिक रिकॉर्ड और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। ACB के अनुसार, कथित तौर पर खर्चों को इस तरह दर्ज किया गया जिससे ऑडिट प्रक्रिया से बचने की कोशिश की जा सके।

जांच में यह भी आरोप लगाया गया है कि तीन सीजन से जुड़े खर्चों को एक ही रेस से संबंधित दिखाया गया, जिससे कैबिनेट की मंजूरी लेने की आवश्यकता को दरकिनार किया जा सके। हालांकि, इस मामले में अंतिम निर्णय अदालत की प्रक्रिया और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगा।
KTR और BRS ने आरोपों को किया खारिज
BRS और KTR पहले से ही इन आरोपों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते रहे हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि Formula-E रेस का आयोजन तेलंगाना को वैश्विक खेल और निवेश मानचित्र पर स्थापित करने के उद्देश्य से किया गया था। BRS नेताओं का तर्क है कि इस परियोजना से हैदराबाद की अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत हुई और राज्य में निवेश को बढ़ावा मिला। पार्टी ने कई बार कहा है कि सरकार द्वारा लगाए गए आरोपों में कोई ठोस आधार नहीं है। वहीं, जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले की जांच पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है और इसमें वित्तीय नियमों के उल्लंघन की जांच की जा रही है।
अदालत की कार्यवाही पर नजर
Formula-E केस अब तेलंगाना की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुका है। KTR राज्य की पिछली सरकार में नगरपालिका प्रशासन और शहरी विकास विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर थे। HMDA इसी विभाग के अंतर्गत आता था। ACB की जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि Formula-E रेस आयोजन में लिए गए फैसले नियमों के अनुसार थे या नहीं। इसके अलावा धनराशि के इस्तेमाल, प्रशासनिक मंजूरी और दस्तावेजों की प्रक्रिया की भी जांच की जा रही है। आने वाली सुनवाई में जांच एजेंसी अपनी प्रगति रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज अदालत के सामने पेश कर सकती है। वहीं, आरोपी पक्ष अपनी दलीलें जारी रखेगा।
Formula-E आयोजन और राजनीतिक विवाद
हैदराबाद में Formula-E रेस का आयोजन राज्य सरकार की एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय पहल के रूप में देखा गया था। इसका उद्देश्य शहर को वैश्विक मोटरस्पोर्ट आयोजन के केंद्र के रूप में विकसित करना था। हालांकि, बाद में यही आयोजन वित्तीय और प्रशासनिक सवालों के कारण विवाद में आ गया। सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार ने इस मामले की जांच शुरू करवाई, जिसके बाद ACB ने केस दर्ज किया। अब यह मामला केवल प्रशासनिक जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि तेलंगाना की राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बन चुका है। KTR और BRS जहां इसे राजनीतिक दबाव बता रहे हैं, वहीं सरकार और जांच एजेंसियां इसे वित्तीय जवाबदेही से जुड़ा मामला बता रही हैं।
आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर
25 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई में यह साफ हो सकता है कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ेगी। अदालत की प्रक्रिया के साथ-साथ ACB की जांच भी जारी रहेगी। Formula-E मामले में आने वाले दिनों में नए दस्तावेज, बयान और जांच से जुड़े तथ्य सामने आने की संभावना है। फिलहाल KTR समेत अन्य आरोपियों की कानूनी स्थिति अदालत की आगे की कार्यवाही पर निर्भर करेगी।











