इंग्लैंड की मिडफील्डर एला टून को ग्रीस के खिलाफ महिला विश्व कप प्लेऑफ मुकाबलों से पहले टीम में वापस बुलाया गया है। वहीं, मामूली चोट के कारण डिफेंडर लूसी ब्रॉन्ज टीम छोड़कर अपने क्लब चेल्सी लौट गई हैं।
फुटबॉल: इंग्लैंड की महिला फुटबॉल टीम में फीफा महिला विश्व कप 2027 के क्वालीफाइंग प्लेऑफ मुकाबलों से पहले बड़ा बदलाव हुआ है। मैनचेस्टर यूनाइटेड की मिडफील्डर एला टून को ग्रीस के खिलाफ दो मैचों की सीरीज के लिए टीम में देर से शामिल किया गया है। वहीं, चेल्सी की अनुभवी डिफेंडर लूसी ब्रॉन्ज मामूली चोट के कारण राष्ट्रीय टीम के शिविर से बाहर हो गई हैं। इंग्लैंड की टीम शुक्रवार, 9 अक्टूबर को ग्रीस के खिलाफ पहला मुकाबला खेलेगी, जबकि दूसरा मैच 13 अक्टूबर को लीसेस्टर के किंग पावर स्टेडियम में होगा।
टीम से बाहर होने के बाद एला टून की वापसी
एला टून को शुरुआती टीम में जगह नहीं मिली थी। इंग्लैंड की मुख्य कोच सरिना विगमैन ने सितंबर में घोषित टीम से टून और आर्सेनल की विंगर क्लो केली को बाहर रखा था। उस समय विगमैन ने कहा था कि दोनों खिलाड़ियों ने हाल के सप्ताहों में मैदान पर अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं किया था।
यह फैसला टून के लिए निराशाजनक था। इंग्लैंड के लिए 69 सीनियर अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल चुकीं टून ने अब तक 24 गोल किए हैं। वह इंग्लैंड की उन खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने टीम की हालिया बड़ी सफलताओं में अहम योगदान दिया है। ऐसे में शुरुआती टीम में जगह नहीं मिलने के बाद उनकी वापसी चर्चा का विषय बन गई।
टून ने टीम से बाहर किए जाने के बाद अपनी निराशा जाहिर करते हुए कहा था कि यह सप्ताह उनके लिए काफी मुश्किल रहा और किसी भी फुटबॉलर को टीम में चयन नहीं होने की खबर अच्छी नहीं लगती। हालांकि, उन्होंने इस फैसले को चुनौती के रूप में लेने और अपनी मेहनत जारी रखने की बात कही थी।
स्पेन में ट्रेनिंग के बाद टीम से जुड़ीं टून
शुरुआती चयन में जगह नहीं मिलने के बाद टून अपने परिवार के साथ स्पेन गई थीं। वहां उन्होंने पहले से तय व्यक्तिगत प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लिया। इस दौरान उनका उद्देश्य अभ्यास जारी रखना, अपनी फिटनेस पर काम करना और अंतरराष्ट्रीय टीम से दूर मिले समय का सकारात्मक इस्तेमाल करना था।
लूसी ब्रॉन्ज की चोट के बाद इंग्लैंड टीम प्रबंधन ने टून को दोबारा बुलाने का फैसला किया। इसके बाद मिडफील्डर गुरुवार को ग्रीस पहुंचीं और टीम से जुड़ गईं। यह पहला मुकाबला होने से एक दिन पहले हुआ।
विगमैन ने बीबीसी रेडियो 5 लाइव से बातचीत में टून की प्रतिक्रिया की तारीफ की। उन्होंने कहा कि टीम से बाहर किए जाने के बाद टून निराश थीं, लेकिन उन्होंने तुरंत यह सोचना शुरू कर दिया कि अपनी वापसी के लिए क्या करना होगा। कोच के मुताबिक, टून ने स्पेन में कड़ी ट्रेनिंग की और इस अनुभव से उन्हें मानसिक रूप से भी मदद मिली।
विगमैन ने टून के रवैये को उनकी दृढ़ता और मुश्किल परिस्थिति से उबरने की क्षमता का संकेत बताया। कोच के अनुसार, टून ने अपनी निराशा को स्वीकार किया, लेकिन उसके बाद आगे बढ़ने और बेहतर प्रदर्शन करने पर ध्यान केंद्रित किया।
लूसी ब्रॉन्ज चोट के कारण टीम से बाहर
इंग्लैंड की अनुभवी डिफेंडर लूसी ब्रॉन्ज को पिछले सप्ताहांत महिला सुपर लीग में वेस्ट हैम के खिलाफ चेल्सी के मैच के दौरान मामूली चोट लगी थी। चेल्सी ने यह मुकाबला 3-0 से जीता था और ब्रॉन्ज ने टीम की कप्तानी करते हुए पूरा मैच खेला था।
हालांकि, चोट से उबरने के लिए उन्हें अतिरिक्त समय की जरूरत है। इसी वजह से वह ग्रीस के खिलाफ दोनों मुकाबलों में हिस्सा नहीं लेंगी और इंग्लैंड के शिविर से लौटकर अपने क्लब चेल्सी में आगे का प्रबंधन करेंगी। चेल्सी और इंग्लैंड फुटबॉल की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, चोट मामूली है, लेकिन फिलहाल वह खेलने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं।
ब्रॉन्ज इंग्लैंड की अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं और राष्ट्रीय टीम के लिए 148 मैच खेल चुकी हैं। उन्होंने 2022 और 2025 में इंग्लैंड की यूरोपीय चैंपियनशिप जीत में भी हिस्सा लिया था। उनकी अनुपस्थिति में इंग्लैंड को अपनी रक्षात्मक व्यवस्था और टीम के संतुलन पर ध्यान देना होगा।

विगमैन ने टून को ही टीम में शामिल करने का फैसला किया, न कि किसी अन्य डिफेंडर को बुलाने का। कोच के मुताबिक, टीम में रक्षात्मक पोजिशन के लिए पर्याप्त विकल्प हैं, जबकि ग्रीस के खिलाफ उनकी रणनीति को देखते हुए मिडफील्ड में एक अतिरिक्त खिलाड़ी रखना अधिक उपयोगी था।
इंग्लैंड के लिए क्यों अहम है ग्रीस के खिलाफ सीरीज?
ग्रीस के खिलाफ दो मैचों की यह सीरीज 2027 फीफा महिला विश्व कप के लिए यूरोपीय क्वालीफिकेशन प्लेऑफ का पहला दौर है। इंग्लैंड को विश्व कप में जगह बनाने के लिए इस चरण में आगे बढ़ना होगा। टीम का पहला मुकाबला 9 अक्टूबर को ग्रीस के क्रीट द्वीप के हेराक्लिओन स्थित पंक्रिटियो स्टेडियम में निर्धारित है।
दूसरा मुकाबला मंगलवार, 13 अक्टूबर को इंग्लैंड में लीसेस्टर सिटी के किंग पावर स्टेडियम में खेला जाएगा। दो मैचों के कुल परिणाम के आधार पर अगले दौर में पहुंचने वाली टीम का फैसला होगा। इस चरण में आगे बढ़ने वाली टीम को दूसरे प्लेऑफ दौर में स्लोवाकिया या यूक्रेन में से किसी एक का सामना करना होगा। ये मुकाबले 26 नवंबर और 5 दिसंबर को निर्धारित हैं।
इंग्लैंड की टीम लगातार दूसरी बार यूरोपीय चैंपियन बनने के बाद 2027 विश्व कप में भी मजबूत प्रदर्शन करना चाहेगी। टीम 2023 विश्व कप के फाइनल में स्पेन से हार गई थी। अब ब्राजील में होने वाले अगले विश्व कप के लिए क्वालीफाई करना उसका प्रमुख लक्ष्य है।
एला टून का अनुभव इंग्लैंड के लिए उपयोगी
टून इंग्लैंड की उस टीम का हिस्सा रही हैं जिसने यूरो 2022 और यूरो 2025 का खिताब जीता। वह 2023 महिला विश्व कप के फाइनल में भी शुरुआती एकादश में शामिल थीं, जहां इंग्लैंड को स्पेन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था।
उनका अंतरराष्ट्रीय अनुभव और मिडफील्ड में योगदान ग्रीस के खिलाफ मुकाबलों में उपयोगी हो सकता है। हालांकि, टीम में देर से शामिल होने के बाद अंतिम एकादश में उनकी जगह और खेलने का समय कोच के फैसले पर निर्भर करेगा। टून की वापसी उन्हें खुद को साबित करने का नया अवसर देती है, जबकि विगमैन के लिए यह टीम के संतुलन और खिलाड़ियों के मौजूदा फॉर्म के बीच सही तालमेल बैठाने की चुनौती है।
विश्व कप की राह में इंग्लैंड के सामने बड़ी चुनौती
इंग्लैंड के लिए ग्रीस के खिलाफ प्लेऑफ केवल दो मुकाबलों की सीरीज नहीं, बल्कि अगले साल होने वाले विश्व कप तक पहुंचने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। टीम को चोट से प्रभावित रक्षात्मक विकल्पों के बीच संयोजन बनाए रखना होगा और दोनों मैचों में लगातार प्रदर्शन करना होगा।
टून की देर से हुई वापसी टीम को मिडफील्ड में अतिरिक्त विकल्प देती है, जबकि ब्रॉन्ज की अनुपस्थिति से अन्य खिलाड़ियों पर जिम्मेदारी बढ़ेगी। विगमैन ने मुकाबले से पहले धैर्य, तेजी से गेंद आगे बढ़ाने और टीम के खेल पर ध्यान बनाए रखने को अहम बताया है। इंग्लैंड को अब मैदान पर अपने प्रदर्शन के जरिए अगले दौर में जगह बनाने की कोशिश करनी होगी।
ग्रीस के खिलाफ पहला मुकाबला इंग्लैंड के अभियान की दिशा तय करने में अहम होगा। इसके बाद घरेलू मैदान पर होने वाला दूसरा मैच अगले दौर में पहुंचने की तस्वीर साफ करेगा। टून की वापसी और ब्रॉन्ज की चोट के बीच इंग्लैंड की नजरें अब बेहतर टीम संयोजन, मजबूत प्रदर्शन और 2027 महिला विश्व कप के लिए क्वालीफिकेशन की राह पर टिकी हैं।











