भारतीय सेना में काम करने और आधुनिक रक्षा तकनीकों से जुड़ी परियोजनाओं पर व्यावहारिक अनुभव हासिल करने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए इंडियन आर्मी इंटर्नशिप प्रोग्राम (IAIP) एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस कार्यक्रम के दूसरे संस्करण 2026-27 के तहत छात्रों को सेना से संबंधित विभिन्न तकनीकी और प्रबंधन क्षेत्रों में काम करने का अवसर दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को वास्तविक परियोजनाओं पर काम करने, विशेषज्ञों से सीखने और अपने कौशल को विकसित करने का मौका देना है।
इस इंटर्नशिप की खास बात इसका स्टाइपेंड है। घोषित अवसरों में पात्रता और परियोजना की शर्तों के अनुसार अधिकतम 75,000 रुपये तक स्टाइपेंड का प्रावधान रखा गया था। हालांकि, यह राशि सभी उम्मीदवारों को बिना शर्त मिलने वाली निश्चित मासिक राशि नहीं है। संबंधित इंटर्नशिप की शर्तें पूरी करने और निर्धारित उपस्थिति बनाए रखने के बाद ही स्टाइपेंड दिया जाना है। इसलिए आवेदन करने वाले छात्रों को प्रत्येक पद की जानकारी ध्यान से पढ़नी चाहिए।
भारतीय सेना की इस इंटर्नशिप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी, एथिकल हैकिंग, क्वांटम कंप्यूटिंग, क्रिप्टोग्राफी, ड्रोन और मानवरहित हवाई प्रणालियों, रोबोटिक्स, स्पेस टेक्नोलॉजी, सैटेलाइट टेक्नोलॉजी, डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स, संचार तकनीक, फिनटेक, मानव संसाधन प्रबंधन और ऑपरेशनल लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया था। इसके अलावा डेटा एनालिटिक्स, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, मोबाइल एप्लिकेशन, डिजिटल वर्कफ्लो और कानूनी दस्तावेजों के डिजिटलीकरण से जुड़ी परियोजनाएं भी सूचीबद्ध की गई थीं।
कार्यक्रम की घोषित अवधि 75 दिन रखी गई थी। इसमें शुरुआती 60 दिन व्यावहारिक प्रशिक्षण और कार्यालय में काम करने के लिए निर्धारित थे, जबकि शेष 15 दिनों में घर से काम करने की व्यवस्था थी। इंटर्नशिप दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आयोजित की जानी थी। चयनित उम्मीदवारों को संबंधित परियोजना के अनुसार काम करना होगा और सेना की ओर से निर्धारित नियमों, कार्य समय तथा गोपनीयता संबंधी निर्देशों का पालन करना होगा।
इस कार्यक्रम के तहत योग्यता हर परियोजना के अनुसार अलग-अलग निर्धारित की गई थी। तकनीकी पदों के लिए इंजीनियरिंग और संबंधित विषयों की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों से आवेदन मांगे गए थे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, कंप्यूटर साइंस, रोबोटिक्स, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों से जुड़े छात्रों के लिए उनकी विशेषज्ञता के अनुरूप अवसर रखे गए थे। कुछ परियोजनाओं में संबंधित विषय का ज्ञान और विशेष तकनीकी कौशल भी आवश्यक थे।
उदाहरण के तौर पर, डेटा एनालिस्ट जैसे पदों के लिए डेटा को व्यवस्थित करने, उसका विश्लेषण करने और रिपोर्ट तैयार करने की क्षमता महत्वपूर्ण थी। कुछ परियोजनाओं में एडवांस्ड एक्सेल, पावर बीआई, टेबल्यू और अन्य डेटा विश्लेषण उपकरणों का ज्ञान उपयोगी या आवश्यक था। वहीं, रोबोटिक्स और स्वायत्त प्रणालियों से संबंधित पदों के लिए इंजीनियरिंग और संबंधित तकनीकी क्षेत्रों की पृष्ठभूमि मांगी गई थी। उम्मीदवारों को अपनी शैक्षणिक योग्यता और कौशल का मिलान संबंधित पद के आधिकारिक विवरण से करना चाहिए।
घोषित अवसरों में चयनित इंटर्न को अधिकतम 75,000 रुपये तक स्टाइपेंड देने का प्रावधान था। यह राशि परियोजना की शर्तों और इंटर्न की उपस्थिति पर निर्भर करेगी। कार्यक्रम के विवरण के अनुसार, स्टाइपेंड इंटर्नशिप सफलतापूर्वक पूरी करने और निर्धारित आवश्यकताएं पूरी होने के बाद दिया जाना है। कुछ पदों के विवरण में कम-से-कम 75 प्रतिशत उपस्थिति की शर्त भी दी गई थी। इसलिए किसी भी अवसर के लिए आवेदन से पहले संबंधित इंटर्नशिप की सभी शर्तें पढ़ना जरूरी है।
यह इस भर्ती से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण जानकारी है। 2026-27 के दूसरे संस्करण के लिए घोषित कई परियोजनाओं की आवेदन अंतिम तिथियां 1 अगस्त से 15 अगस्त 2026 के बीच थीं। उदाहरण के तौर पर, कुछ एआई, रोबोटिक्स और डेटा एनालिटिक्स इंटर्नशिप के लिए 23 अगस्त 2026 तक आवेदन की जानकारी भी सूचीबद्ध थी। ये तारीखें अब बीत चुकी हैं। उपलब्ध जानकारी से यह पुष्टि नहीं होती कि सभी परियोजनाओं के लिए आवेदन अभी भी खुले हैं। इसलिए किसी पुराने विज्ञापन को देखकर आवेदन की प्रक्रिया चालू मान लेना सही नहीं होगा।
उम्मीदवारों को राष्ट्रीय इंटर्नशिप पोर्टल पर भारतीय सेना की इंटर्नशिप से संबंधित नवीनतम सूची देखनी चाहिए। वहां संबंधित परियोजना का नाम, शैक्षणिक योग्यता, स्टाइपेंड, काम की अवधि, आवेदन की अंतिम तिथि और अन्य शर्तें जांची जा सकती हैं। आधिकारिक पोर्टल पर नया अवसर उपलब्ध होने पर उसी के निर्देशों के अनुसार आवेदन करना चाहिए।
भारतीय सेना के इंटर्नशिप अवसर राष्ट्रीय इंटर्नशिप पोर्टल के माध्यम से सूचीबद्ध किए गए थे। उम्मीदवार पोर्टल पर जाकर Indian Army या IAIP से संबंधित अवसर खोज सकते हैं। इसके बाद संबंधित पद का विवरण खोलकर पात्रता, कौशल, आवेदन की अंतिम तिथि और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी देखनी चाहिए। यदि पद की आवेदन अवधि समाप्त हो चुकी है, तो उसके लिए नया आवेदन जमा करने के बजाय किसी अन्य सक्रिय अवसर की तलाश करना बेहतर होगा।
एक विद्यार्थी एक से अधिक इंटर्नशिप अवसरों के लिए आवेदन कर सकता है, लेकिन कार्यक्रम के नियमों के अनुसार केवल एक इंटर्नशिप ऑफर स्वीकार कर सकता है। चयनित उम्मीदवारों को पुलिस सत्यापन सहित संबंधित पद की आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ सकती हैं। इसलिए आवेदन के समय सही जानकारी और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध रखना जरूरी है।
इस इंटर्नशिप के लिए दिल्ली या राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में चयनित होने वाले उम्मीदवारों को अपने रहने की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। कार्यक्रम के विवरण में आवास उपलब्ध कराने का प्रावधान नहीं बताया गया था। ऐसे में आवेदन करने से पहले यात्रा, रहने और अन्य व्यक्तिगत खर्चों का अनुमान लगा लेना चाहिए।
यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि इंटर्नशिप पूरी करने के बाद भारतीय सेना में स्थायी नौकरी मिलने या प्लेसमेंट की गारंटी नहीं है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव, विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और संबंधित क्षेत्र में काम सीखने का अवसर देना है। सफलतापूर्वक इंटर्नशिप पूरी करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी दिया जाना है। ₹75,000 तक स्टाइपेंड की खबर के साथ धोखाधड़ी की आशंका को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। फर्जी ईमेल या संदेशों में चयन का दावा करके व्यक्तिगत जानकारी अथवा वित्तीय विवरण मांगे जा सकते हैं। उम्मीदवारों को किसी अनजान व्यक्ति या संदिग्ध लिंक पर भरोसा नहीं करना चाहिए। आवेदन, चयन और स्टाइपेंड से संबंधित जानकारी की पुष्टि आधिकारिक पोर्टल पर ही करनी चाहिए।
कुल मिलाकर, भारतीय सेना का इंटर्नशिप कार्यक्रम तकनीकी और प्रबंधन क्षेत्रों में पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए उपयोगी व्यावहारिक अनुभव प्रदान कर सकता है। लेकिन 2026-27 के घोषित अवसरों में कई पदों की अंतिम तिथि बीत चुकी है। इच्छुक उम्मीदवारों के लिए सबसे जरूरी कदम है कि वे आवेदन करने से पहले नवीनतम उपलब्ध पद, उसकी पात्रता और अंतिम तिथि की आधिकारिक पुष्टि कर लें।












