राजस्थान के जोधपुर में शुक्रवार सुबह 50 वर्षीय ASI दुर्गाराम भील की मौत हो गई। वह SI पद पर प्रमोशन के लिए फिजिकल टेस्ट देने पहुंचे थे। दो किलोमीटर दौड़ पूरी करने के बाद उनके सीने में दर्द उठा।
जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर में शुक्रवार सुबह पुलिस विभाग से जुड़ी एक दुखद घटना सामने आई। सब-इंस्पेक्टर (SI) पद पर पदोन्नति के लिए फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट देने पहुंचे असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) दुर्गाराम भील की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। 50 वर्षीय दुर्गाराम मंडोर स्थित राजस्थान पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (RPTC) में शारीरिक दक्षता परीक्षा देने पहुंचे थे। उन्होंने दो किलोमीटर की दौड़ पूरी कर ली थी। इसके बाद उन्हें अन्य शारीरिक परीक्षणों में शामिल होना था। इसी दौरान उनके सीने में तेज दर्द उठा और उनकी हालत बिगड़ गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
इस घटना से पुलिस विभाग में शोक का माहौल है। दुर्गाराम भील मूल रूप से राजस्थान के बाड़मेर जिले के नेतराड़ गांव के निवासी थे। वह पदोन्नति की प्रक्रिया में शामिल होने के लिए जोधपुर आए थे।
सुबह 7 बजे पहुंचे थे ट्रेनिंग सेंटर
मिली जानकारी के अनुसार, दुर्गाराम भील शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे मंडोर स्थित राजस्थान पुलिस ट्रेनिंग सेंटर पहुंचे थे। यहां SI पद पर प्रमोशन के लिए निर्धारित फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट आयोजित किया जा रहा था। इस प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों को निर्धारित शारीरिक मानकों और गतिविधियों को पूरा करना होता है।
दुर्गाराम भील ने परीक्षा के दौरान दो किलोमीटर की दौड़ पूरी की। दौड़ के बाद उन्हें शारीरिक परीक्षण के अगले चरण में शामिल होना था। हालांकि, इसी बीच उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 8:30 बजे उनके सीने में दर्द हुआ और उन्हें परेशानी महसूस होने लगी।
मौके पर मौजूद लोगों ने स्थिति को देखते हुए उन्हें अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। अचानक बिगड़ी तबीयत के कारण परीक्षा केंद्र पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
सीने में दर्द और तबीयत बिगड़ने के बाद दुर्गाराम भील को नजदीकी मंदिर हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनकी मौत से पहले ट्रेनिंग सेंटर में ही उनकी तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ी थी।
प्रारंभिक जानकारी में इस घटना को हार्ट अटैक से हुई मौत बताया गया है। हालांकि, मौत के सटीक चिकित्सकीय कारण की पुष्टि संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड या आधिकारिक बयान से ही की जा सकती है।
इस घटना ने पुलिसकर्मियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं के महत्व को भी रेखांकित किया है। शारीरिक परीक्षणों में दौड़ जैसी गतिविधियां शामिल होती हैं, जिनके दौरान किसी भी अभ्यर्थी की तबीयत अचानक बिगड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता जरूरी होती है।
SI पद पर प्रमोशन के लिए दे रहे थे परीक्षा
दुर्गाराम भील असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत थे और सब-इंस्पेक्टर बनने के लिए पदोन्नति प्रक्रिया में हिस्सा ले रहे थे। इसके लिए उन्हें फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट देना था। इसी सिलसिले में वह शुक्रवार सुबह जोधपुर के मंडोर स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर पहुंचे थे।
पदोन्नति के लिए आयोजित शारीरिक परीक्षा पुलिसकर्मियों की निर्धारित शारीरिक क्षमता का आकलन करने की प्रक्रिया का हिस्सा होती है। दौड़ पूरी करने के बाद दुर्गाराम को अन्य परीक्षणों से गुजरना था, लेकिन उससे पहले ही उनकी तबीयत बिगड़ गई।
यह घटना इसलिए भी दुखद है क्योंकि वह अपने करियर में आगे बढ़ने की प्रक्रिया के तहत परीक्षा देने पहुंचे थे। हालांकि, उनकी सेवा अवधि, तैनाती और पदोन्नति प्रक्रिया से जुड़ी अन्य विस्तृत जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
बाड़मेर के नेतराड़ गांव के रहने वाले थे दुर्गाराम
दुर्गाराम भील बाड़मेर जिले के नेतराड़ गांव के निवासी थे। वह 50 वर्ष के थे और राजस्थान पुलिस में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत थे। पदोन्नति परीक्षा में शामिल होने के लिए उन्हें जोधपुर आना पड़ा था।
उनकी अचानक मौत की खबर से परिजनों और परिचितों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा होगा। हालांकि, परिवार की प्रतिक्रिया, अंतिम संस्कार और पुलिस विभाग की ओर से जारी आधिकारिक बयान के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
घटना से जुड़े तथ्यों के अनुसार, वह सुबह निर्धारित समय पर ट्रेनिंग सेंटर पहुंचे, दौड़ पूरी की और इसके बाद सीने में दर्द की शिकायत हुई। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
शारीरिक परीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सुरक्षा क्यों जरूरी?
शारीरिक दक्षता परीक्षा में दौड़ और अन्य गतिविधियों के दौरान शरीर पर मेहनत का दबाव बढ़ता है। ऐसे में किसी व्यक्ति को सीने में दर्द, सांस लेने में असामान्य परेशानी, चक्कर या अचानक कमजोरी महसूस हो तो इसे गंभीरता से लेना जरूरी है। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण होता है।
हालांकि, दुर्गाराम भील की व्यक्तिगत चिकित्सा स्थिति, पहले से मौजूद किसी बीमारी या घटना के विस्तृत चिकित्सकीय कारण के बारे में जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए उनकी मौत को किसी खास स्वास्थ्य समस्या या केवल दौड़ के कारण हुआ परिणाम मानना उचित नहीं होगा।
पुलिस ट्रेनिंग सेंटरों में इस तरह की घटनाएं आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता और समय पर अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया के महत्व की ओर ध्यान दिलाती हैं।
पुलिस विभाग के लिए दुखद घटना
जोधपुर में हुई इस घटना में एक पुलिसकर्मी की जान चली गई, जो पदोन्नति के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा देने पहुंचे थे। दुर्गाराम भील ने दो किलोमीटर की दौड़ पूरी कर ली थी, लेकिन इसके बाद सीने में दर्द होने पर उनकी हालत बिगड़ गई। उन्हें मंदिर हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर घटना का मुख्य विवरण यही है कि 50 वर्षीय ASI की शुक्रवार सुबह ट्रेनिंग सेंटर में तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हुई। घटना के संबंध में किसी विस्तृत आधिकारिक जांच, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट या विभागीय बयान की पुष्टि होने पर अतिरिक्त तथ्य सामने आ सकते हैं।












