हॉलीवुड के चर्चित पूर्व कपल Angelina Jolie और Brad Pitt के बीच चल रहा कानूनी विवाद एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। फ्रांस की मशहूर वाइनरी Château Miraval से जुड़े मामले में लॉस एंजिल्स की अदालत ने एंजेलीना जोली के पक्ष में फैसला सुनाया है।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: Brad Pitt और Angelina Jolie के बीच चल रही कानूनी लड़ाई एक बार फिर सुर्खियों में है। यह विवाद उनकी फ्रांसीसी वाइनरी Château Miraval में हिस्सेदारी को लेकर है। ताज़ा जानकारी के अनुसार, इस मामले में लॉस एंजिल्स सुपीरियर कोर्ट ने एंजेलीना जोली को राहत दी है। अदालत ने ब्रैड पिट की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने जोली के निजी ईमेल और हिस्सेदारी बिक्री से जुड़े दस्तावेज़ों तक पहुंच की मांग की थी।
यह विवाद तब से चल रहा है जब दोनों के बीच संपत्ति और बिजनेस हिस्सेदारी को लेकर मतभेद सामने आए थे। अदालत का यह फैसला फिलहाल एंजेलीना जोली के पक्ष में माना जा रहा है, जबकि मामला अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
अदालत का अहम फैसला: जोली को मिली राहत
लॉस एंजिल्स सुपीरियर कोर्ट के न्यायाधीश ने ब्रैड पिट की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने एंजेलीना जोली के निजी ईमेल और दस्तावेजों तक पहुंच की मांग की थी। ये ईमेल 2021 में वाइनरी में उनकी हिस्सेदारी की बिक्री से जुड़े थे। अदालत ने माना कि ब्रैड पिट यह साबित करने में असफल रहे कि मांगे गए दस्तावेज उनकी मांग के अनुसार जरूरी और वैध रूप से उपलब्ध कराए जा सकते हैं। कोर्ट के अनुसार, ये दस्तावेज कानूनी रूप से “प्रिविलेज्ड कम्युनिकेशन” यानी गोपनीय श्रेणी में आते हैं।
जोली के वकील पॉल मर्फी ने इस फैसले को उनके लिए “महत्वपूर्ण जीत” बताया। उन्होंने कहा कि अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि निजी और कानूनी रूप से सुरक्षित दस्तावेजों तक पहुंच की मांग उचित नहीं थी। कानूनी टीम के अनुसार, ब्रैड पिट पहले 126 दस्तावेजों तक पहुंच चाहते थे, लेकिन बाद में यह संख्या घटाकर 22 कर दी गई थी। अदालत के अंतिम निर्णय के बाद उन्हें कोई भी दस्तावेज प्राप्त नहीं हुआ।
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विवाद की जड़: Château Miraval वाइनरी
यह पूरा विवाद फ्रांस की मशहूर वाइनरी Château Miraval में हिस्सेदारी को लेकर है, जिसे दोनों ने अपने विवाह के दौरान संयुक्त रूप से खरीदा था। ब्रैड पिट का आरोप है कि एंजेलीना जोली ने 2021 में उनकी सहमति के बिना अपनी हिस्सेदारी बेच दी, जो पहले हुए समझौते का उल्लंघन था। पिट के अनुसार, यह सौदा स्टोली ग्रुप के वाइन डिवीजन Tenute del Mondo को किया गया था।
वहीं एंजेलीना जोली का कहना है कि उन्होंने किसी भी बाध्यकारी समझौते का उल्लंघन नहीं किया और यह बिक्री पूरी तरह वैध थी। यह कानूनी मामला 2022 में तब शुरू हुआ जब ब्रैड पिट ने कोर्ट में मुकदमा दायर किया। उनका दावा था कि उन्हें बिक्री प्रक्रिया से बाहर रखा गया और यह उनके अधिकारों का उल्लंघन है।
इसके जवाब में जोली ने पिट पर “प्रतिशोधात्मक मुकदमा” (retaliatory lawsuit) दायर करने का आरोप लगाया और कहा कि यह मामला व्यक्तिगत विवाद से प्रेरित है, न कि केवल व्यापारिक असहमति से।
ईमेल और दस्तावेजों को लेकर विवाद
ब्रैड पिट की कानूनी टीम ने विशेष रूप से जोली के बिजनेस मैनेजर, वित्तीय सलाहकारों और प्रचारकों से जुड़े ईमेल की मांग की थी। उनका दावा था कि इन दस्तावेजों से यह स्पष्ट होगा कि बिक्री के पीछे क्या कारण थे। हालांकि, जोली पक्ष ने तर्क दिया कि ये सभी ईमेल उनकी कानूनी रणनीति का हिस्सा हैं और इन्हें सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला केवल एक सेलिब्रिटी विवाद नहीं है, बल्कि यह कॉर्पोरेट और व्यक्तिगत गोपनीयता से जुड़े कानूनी सिद्धांतों को भी मजबूत करता है।








