एनसीपी विलय पर CM देवेंद्र फडणवीस ने उठाए सवाल, कहा- ‘तारीख तय होती तो अजित दादा...'

CM देवेंद्र फडणवीस ने एनसीपी विलय पर सवाल उठाए और कहा – ‘अगर तारीख तय होती तो अजित दादा…’। राजनीति में नया मोड़, पूरा मामला पढ़ें। राजनीतिक संदेश और

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर चल रही चर्चाओं पर बिना नाम लिए शरद पवार पर तंज कसा है।

मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार (1 फरवरी) को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के संभावित विलय को लेकर उठ रही चर्चाओं पर अपनी प्रतिक्रिया दी और सवाल उठाए। मुख्यमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए स्पष्ट किया कि यदि सच में एनसीपी के दोनों गुटों के बीच विलय की कोई बातचीत चल रही होती, तो इसकी जानकारी उन्हें अवश्य होती।

मुख्यमंत्री ने मुंबई स्थित वर्षा सरकारी निवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में कहा, अजित पवार महायुति का हिस्सा थे और मेरे साथ उनके व्यक्तिगत संबंध भी काफी अच्छे हैं। अगर दोनों एनसीपी के विलय की तारीख तय हो गई होती, तो क्या वे मुझसे बात नहीं करते? क्या वे विलय को लेकर भाजपा से चर्चा नहीं करते?

कन्फ्यूजन फैलाने का आरोप

देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राजनीतिक और मीडिया इको सिस्टम का इस्तेमाल कर जानबूझकर इस तरह का भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, मेरे पास भी बहुत कुछ कहने के लिए है और मैं कई घटनाओं का साक्षी रहा हूं, लेकिन इस समय राजनीतिक बयानबाज़ी करना उचित नहीं समझता। फडणवीस ने जोर देकर कहा कि वर्तमान में एनसीपी के दोनों गुट स्वतंत्र रूप से काम कर रहे हैं और भाजपा का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं है। 

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की विलय की तारीख तय होने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। अगर चाहूं तो बहुत कुछ कह सकता हूं, लेकिन ऐसा नहीं करूंगा, मुख्यमंत्री ने कहा।

राजनीतिक संदेश और प्रशासन पर फोकस

मुख्यमंत्री ने अपने बयान में यह भी संकेत दिया कि वे आगामी जिला परिषद चुनावों में प्रचार में सक्रिय नहीं होंगे। उनका कहना है कि उनका पूरा ध्यान सरकार के कामकाज और प्रशासनिक जिम्मेदारियों पर रहेगा। फडणवीस के इस बयान से राजनीतिक गलियारों में यह संदेश गया कि वे एनसीपी विलय की अटकलों के बीच भाजपा और सरकार के कामकाज को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने यह साफ किया कि पार्टी के निर्णय और एनसीपी के गुटों के विलय जैसी घटनाओं में भाजपा का कोई हस्तक्षेप नहीं है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दो गुटों के संभावित विलय की खबरें पिछले कुछ हफ्तों से चर्चा में हैं। इन चर्चाओं में मुख्य रूप से शरद पवार और अजित पवार की भूमिकाओं को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि फडणवीस ने इन अटकलों को खारिज किया है, राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि महाराष्ट्र की राजनीतिक परिदृश्य में एनसीपी विलय की संभावना अभी भी गहरी छाया बनाए हुए है।

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