बजट 2026 में भारत ने AI और क्लाउड डेटा सेंटर सेक्टर में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए लंबी अवधि की टैक्स छुट और सेफ हार्बर नियम लागू किए हैं। इससे गूगल, अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों के लिए भारत में निवेश आसान होगा और देश AI और क्लाउड सेवाओं का ग्लोबल हब बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
AI and cloud data center investments: भारत सरकार ने बजट 2026 में विदेशी कंपनियों के लिए AI और क्लाउड डेटा सेंटर सेक्टर में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए लंबी अवधि की टैक्स छुट और सेफ हार्बर नियम पेश किए हैं। इसका मकसद गूगल, अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों को भारत में स्थायी निवेश के लिए आकर्षित करना है। भारत में डेटा सेंटर होने से लेटेंसी कम होगी और सेवाएं तेज मिलेंगी, जबकि स्टार्टअप्स और उभरते टेक हब्स को भी समान अवसर मिलेगा। यह कदम देश को AI समाधान विकसित करने और लागू करने में ग्लोबल हब बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा।
विदेशी कंपनियों के लिए निवेश प्रोत्साहन
सरकार का यह प्रस्ताव खास तौर पर उन कंपनियों के लिए आकर्षक है जिनका AI और क्लाउड सेवाओं में बड़ा व्यवसाय है। डेटा सेंटर के जरिए भारतीय ग्राहकों को सेवाएं देने की शर्त के साथ टैक्स छुट विदेशी निवेश को बढ़ावा देगी। लंबे समय तक छूट मिलने से बड़ी कंपनियों के लिए भारत में स्थायी निवेश करना आसान होगा।
सेफ हार्बर नियम के तहत भारत में डेटा सेंटर सेवाओं पर लागत का 15 प्रतिशत मार्जिन तय किया जाएगा, जिससे टैक्स विवाद कम होंगे और अनुपालन आसान होगा। इससे मल्टीनेशनल कंपनियां लंबी अवधि की निवेश योजना भरोसे के साथ बना पाएंगी।

इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
सरकार का मानना है कि AI सेवाओं के लिए मजबूत कंप्यूटिंग और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी है। भारत में डेटा सेंटर होने से लेटेंसी कम होगी और सर्विस तेज मिलेगी। बजट में बॉन्डेड वेयरहाउस का फायदा भी विदेशी इलेक्ट्रॉनिक कंपनियों के लिए प्रस्तावित किया गया है, जिससे मुनाफा न्यूनतम कर दर के साथ माना जाएगा।
भारत का AI मिशन गेम-चेंजर कदम
मीडियाट्रॉनिक्स ग्रुप के फाउंडर रिचांक तिवारी के अनुसार, भारत AI स्वामित्व की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। 2026-27 में कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर, AI-तैयार डेटासेट और स्वदेशी फाउंडेशन मॉडल्स पर जोर देने से मेट्रो शहरों के बाहर के स्टार्टअप्स और टेक हब्स को भी समान अवसर मिलेगा। यह कदम भारत को AI समाधान विकसित करने और लागू करने के लिए ग्लोबल हब बनाने में मदद करेगा।










