सोने-चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे दिन गिरावट, निवेशक कर रहे प्रॉफिट बुकिंग

सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज। वैश्विक कमजोरी और CME मार्जिन बढ़ोतरी से निवेशक प्रॉफिट बुक कर रहे हैं।

सोना और चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज हुई। वैश्विक बाजार में कमजोरी और CME द्वारा फ्यूचर्स के मार्जिन बढ़ाने से निवेशक प्रॉफिट बुक कर रहे हैं, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव बना हुआ है।

Gold Silver Price: सोमवार 2 फरवरी 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे दिन भारी गिरावट दर्ज की गई। निवेशक लगातार प्रॉफिट बुकिंग कर रहे हैं, जिससे इन कीमती धातुओं के भाव पर दबाव बना हुआ है। सुबह 10 बजे MCX पर 2 अप्रैल की डिलीवरी वाला सोना 3 प्रतिशत यानी लगभग 4000 रुपये की गिरावट के साथ 1,38,256 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर कारोबार कर रहा था। वहीं, 5 मार्च की डिलीवरी वाली चांदी 6 प्रतिशत यानी करीब 16,000 रुपये की गिरावट के साथ 2,49,713 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी से गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त कमजोरी देखी जा रही है। सोमवार को सुबह 10 बजे के आसपास सोने की कीमतें 4.20 प्रतिशत यानी करीब 206 डॉलर की गिरावट के साथ 4,689.43 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थीं। चांदी भी 6.51 प्रतिशत यानी लगभग 5.56 डॉलर की गिरावट के साथ 79.76 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रही थी। वैश्विक बाजार में कमजोर संकेत और निवेशकों की सतर्कता के कारण कीमती धातुओं में लगातार दबाव देखा जा रहा है।

CME ने बढ़ाई गोल्ड फ्यूचर्स के लिए मार्जिन जरूरतें

CME ने गोल्ड फ्यूचर्स के लिए मार्जिन की जरूरतें बढ़ाने की घोषणा की है। नॉन-हाइटेंड रिस्क पोजीशन के लिए मार्जिन कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू के 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 8 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं हाइटेंड रिस्क पोजीशन के लिए मार्जिन 6.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.8 प्रतिशत हो जाएगा। इसका मतलब है कि ट्रेडर्स को अब सोने के डेरिवेटिव्स में अधिक पैसे रखने होंगे। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे सट्टेबाजी कम हो सकती है और लिक्विडिटी पर असर पड़ सकता है।

सिल्वर फ्यूचर्स के लिए मार्जिन भी बढ़ा

सिल्वर फ्यूचर्स के लिए भी CME ने मार्जिन जरूरतें बढ़ा दी हैं। नॉन-हाइटेंड रिस्क पोजीशन के लिए मार्जिन 11 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किया गया है। हाइटेंड रिस्क पोजीशन के लिए मार्जिन 12.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 16.5 प्रतिशत कर दिया गया है। इसका असर यह होगा कि ट्रेडर्स को चांदी के डेरिवेटिव्स में ज्यादा पूंजी लगानी होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि मार्जिन बढ़ोतरी और वैश्विक कमजोर संकेतों के बीच निवेशक बड़े पैमाने पर प्रॉफिट बुक कर रहे हैं।

प्रॉफिट बुकिंग के कारण कीमतों में गिरावट

मार्जिन की जरूरतों में वृद्धि और वैश्विक संकेतों के कमजोर होने के कारण निवेशक और ट्रेडर्स बड़ी मात्रा में प्रॉफिट बुक कर रहे हैं। इसी वजह से सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट का सिलसिला जारी है। निवेशक जोखिम कम करने के लिए इस समय खरीदारी में संकोच कर रहे हैं।

विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान स्थिति में सोने और चांदी के निवेशक सतर्क रहें। मार्जिन बढ़ने से फ्यूचर्स ट्रेडिंग में सट्टेबाजी कम हो सकती है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोर संकेत और डॉलर की मजबूती भी कीमतों को प्रभावित कर रही है। निवेशकों को इस समय लम्बी अवधि के निवेश पर ध्यान देना चाहिए।

घरेलू बाजार में भी दबाव

भारत में MCX पर सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट देखी जा रही है। सोना 1,38,256 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,49,713 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर ट्रेड कर रही है। यह दोनों कीमती धातुएं पिछले कुछ दिनों से लगातार कमजोर रही हैं। घरेलू निवेशक भी प्रॉफिट बुकिंग कर रहे हैं और नई खरीदारी सीमित नजर आ रही है।

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