यूरोप में रिकॉर्डतोड़ गर्मी ने गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा कर दिया है। फ्रांस में हीटवेव के दौरान 2,025 अतिरिक्त मौतें दर्ज की गई हैं, जबकि बेल्जियम, नीदरलैंड, स्पेन और पुर्तगाल में भी भीषण गर्मी, जंगलों में आग और स्वास्थ्य जोखिम बढ़ गए हैं।
पेरिस: यूरोप इस समय हाल के वर्षों की सबसे भीषण हीटवेव का सामना कर रहा है। जून के अंतिम सप्ताह में रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचे तापमान ने कई देशों में जनजीवन को प्रभावित किया है। फ्रांस में सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार हीटवेव के चरम के दौरान 2,025 अतिरिक्त मौतें दर्ज की गईं, जो सामान्य सप्ताह की तुलना में लगभग 29 प्रतिशत अधिक हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी केवल असुविधा का कारण नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य, जल संसाधनों, कृषि और पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। मौसम विभागों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में यूरोप के कई हिस्सों में तापमान फिर से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
फ्रांस में सबसे अधिक असर, पेरिस सहित कई इलाके प्रभावित
फ्रांस ने 24 जून को देशव्यापी औसत तापमान के लिहाज से अपने इतिहास का सबसे गर्म दिन दर्ज किया। राजधानी पेरिस में तापमान लगभग 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि देश के लगभग आधे हिस्से में रेड हीट अलर्ट जारी किया गया। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 22 से 28 जून के बीच दर्ज अतिरिक्त मौतों की संख्या शुरुआती अनुमान है और वास्तविक आंकड़ा इससे अधिक हो सकता है।
अधिकारियों ने बताया कि पेरिस क्षेत्र में मृत्यु दर में लगभग 62 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। फ्रांस की स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में मौतों में स्पष्ट बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि अत्यधिक गर्मी केवल बुजुर्गों ही नहीं बल्कि मध्यम आयु वर्ग के लोगों के लिए भी गंभीर खतरा बन रही है।
बेल्जियम और नीदरलैंड में भी बढ़ी मौतों की संख्या
हीटवेव का असर केवल फ्रांस तक सीमित नहीं रहा। बेल्जियम में इस दौरान 1,222 अतिरिक्त मौतें दर्ज की गईं, जो सामान्य स्तर से लगभग 39 प्रतिशत अधिक हैं। इनमें लगभग आधे मृतक 85 वर्ष या उससे अधिक आयु के थे।
बेल्जियम के स्वास्थ्य अधिकारियों ने इसे देश के इतिहास में हीटवेव के दौरान मृत्यु का अभूतपूर्व स्तर बताया है। वहीं नीदरलैंड में भी रिकॉर्ड गर्मी के कारण लगभग 480 अतिरिक्त मौतें दर्ज की गईं। अधिकांश मृतकों की उम्र 80 वर्ष से अधिक थी। देश के दक्षिणी और पूर्वी क्षेत्रों में तापमान लगभग 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।
जंगलों में आग और डूबने की घटनाएं भी बढ़ीं
अत्यधिक गर्मी के साथ जंगलों में आग की घटनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। फ्रांस के दक्षिणी हिस्सों में मौसम विभाग ने जंगलों में आग लगने का जोखिम "बहुत अधिक" बताया है और कई क्षेत्रों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। फ्रांसीसी अधिकारियों के अनुसार गर्मियों की शुरुआत से अब तक करीब 7,000 जंगलों में आग लग चुकी है, जिनमें लगभग 8,700 हेक्टेयर भूमि जल चुकी है।

एक बड़ी आग के कारण दक्षिणी फ्रांस के सेंट-मैरी-ला-मेयर और काने-आँ-रूसियों क्षेत्रों से लगभग 3,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इसके अलावा भीषण गर्मी के दौरान फ्रांस में डूबने की घटनाओं में भी तेजी आई है। 18 जून के बाद से 72 लोगों की डूबने से मौत दर्ज की गई, जो बढ़ती गर्मी के बीच जलाशयों में बढ़ती गतिविधियों से जुड़ी मानी जा रही है।
स्पेन और पुर्तगाल में फिर लौट सकती है भीषण गर्मी
मौसम एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि यूरोप के दक्षिणी हिस्सों में एक और हीटवेव की संभावना बन रही है। स्पेन के कई दक्षिण-पश्चिमी इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां तापमान फिर से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। पुर्तगाल सरकार ने अत्यधिक गर्मी को देखते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अलर्ट घोषित किया है, जो अगले सप्ताह तक प्रभावी रहेगा। कई क्षेत्रों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर और रात का तापमान भी 25 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहने का अनुमान है।
जलवायु परिवर्तन से बढ़ रही चरम मौसम की घटनाएं
जलवायु वैज्ञानिकों का कहना है कि वैश्विक तापमान में लगातार वृद्धि के कारण यूरोप में हीटवेव पहले की तुलना में अधिक बार और अधिक तीव्र रूप में देखने को मिल रही हैं। बढ़ते तापमान के कारण जल संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है, जंगलों में आग की घटनाएं अधिक हो रही हैं और स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यदि ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को नियंत्रित नहीं किया गया, तो ऐसी चरम मौसम घटनाएं और अधिक सामान्य हो सकती हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जारी की सावधानियां
स्वास्थ्य विभागों ने नागरिकों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और बुजुर्गों, बच्चों तथा पहले से बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। अत्यधिक गर्मी के दौरान लंबे समय तक धूप में रहने से हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, हृदय संबंधी समस्याएं और अन्य गंभीर स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकते हैं।
सरकारें कर रही हैं आपात तैयारियां
फ्रांस, स्पेन, पुर्तगाल और अन्य प्रभावित देशों की सरकारों ने स्वास्थ्य सेवाओं को अलर्ट पर रखा है। आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं, अग्निशमन दलों और स्थानीय प्रशासन को संभावित संकट से निपटने के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। कई शहरों में कूलिंग सेंटर खोले गए हैं और जंगलों में आग की निगरानी के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं।










