पंजाब में 'युद्ध नशेआं विरुद्ध' अभियान का असर, फाजिल्का में 924 मामलों में 1,331 नशा तस्कर गिरफ्तार

फाजिल्का पुलिस ने ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान में 924 NDPS मामले दर्ज कर 1,331 आरोपियों को गिरफ्तार किया। हेरोइन समेत बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद हुए।

फाजिल्का पुलिस ने पिछले आठ महीनों में एनडीपीएस एक्ट के तहत 924 मामले दर्ज कर 1,331 आरोपियों को गिरफ्तार किया। अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में हेरोइन, अफीम, पोस्त की भूसी और नशीली दवाएं बरामद हुईं।

 फाजिल्का: पंजाब में नशा तस्करी के खिलाफ चल रहे ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत फाजिल्का पुलिस ने पिछले आठ महीनों में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज 924 मामलों में 1,331 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस दौरान हेरोइन, अफीम, चरस, पोस्त की भूसी और नशीली दवाओं के साथ तस्करी में इस्तेमाल 38 वाहन भी जब्त किए गए।

924 एनडीपीएस मामलों में 1,331 गिरफ्तारियां

फाजिल्का जिला पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ अभियान के तहत लगातार कार्रवाई करते हुए पिछले आठ महीनों में एनडीपीएस एक्ट के 924 मामले दर्ज किए हैं। इन मामलों में कुल 1,331 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की कार्रवाई में नशीले पदार्थों की बड़ी खेप भी बरामद हुई है।

पुलिस के अनुसार, इस दौरान 41.124 किलोग्राम हेरोइन, 3.85 ग्राम क्रिस्टल मेथामफेटामाइन, 6.503 किलोग्राम अफीम, 42 ग्राम चरस और 250.537 किलोग्राम पोस्त की भूसी बरामद की गई। इसके अलावा नशीली दवाओं के 15,843 कैप्सूल और गोलियां भी जब्त की गईं। नशा तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे 38 वाहनों को भी पुलिस ने कब्जे में लिया।

पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने अभियान की कार्रवाई को महत्वपूर्ण सफलता बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस कार्रवाई के साथ नशे की समस्या से प्रभावित लोगों के पुनर्वास पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

नशा मुक्ति और इलाज पर भी फोकस

पुलिस के अनुसार, अभियान के तहत 252 लोगों को नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती कराया गया है। वहीं 1,809 लोगों को आउटपेशेंट ओपिओइड असिस्टेड ट्रीटमेंट यानी ओओएटी केंद्रों के लिए रेफर किया गया।

एनडीपीएस एक्ट की धारा 64-ए के तहत 141 लोगों को भी लाभ दिया गया है। पुलिस का कहना है कि नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ नशे की लत से प्रभावित लोगों को उपचार और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराना भी अभियान का अहम हिस्सा है।

फाजिल्का पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ भी कार्रवाई की है। गैंगस्टरों से जुड़े कई सहयोगियों की पहचान कर गिरफ्तारियां की गई हैं। एसएसपी गगन अजीत सिंह के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।

हथियार और ड्रोन भी बरामद

पुलिस के मुताबिक, आर्म्स एक्ट के तहत 10 मामले दर्ज किए गए और 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 25 पिस्तौल, एक देसी पिस्तौल, 32 मैगजीन, 52 जिंदा कारतूस और तीन ड्रोन बरामद किए गए।

सीमा पार से होने वाली नशा तस्करी पर भी पुलिस ने कार्रवाई की है। इस तरह के मामलों में 16 केस दर्ज कर 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इन कार्रवाइयों के दौरान 26.822 किलोग्राम हेरोइन, एक पिस्तौल, पांच मैगजीन, 13 जिंदा कारतूस और एक ड्रोन बरामद किया गया।

जागरूकता अभियान और तकनीक का इस्तेमाल

पुलिस ने नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए 99 ‘प्रोजेक्ट संपर्क’ बैठकें और 334 नशा विरोधी जागरूकता शिविर व सेमिनार आयोजित किए। इन कार्यक्रमों के जरिए लोगों को नशे के नुकसान के साथ साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग के बारे में भी जानकारी दी गई।

पुलिस ने साइबर ठगी की शिकायत के लिए 1930 हेल्पलाइन और cybercrime.gov.in पोर्टल के बारे में लोगों को जागरूक किया। इसके अलावा पंजाब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम यानी PAIS का इस्तेमाल पहचान सत्यापन के लिए किया जा रहा है।

नाकों और तलाशी अभियानों में वाहनों की जानकारी तत्काल जांचने के लिए VAHAN डेटाबेस का इस्तेमाल किया जा रहा है। जब्त मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच के लिए डिजिटल फोरेंसिक लैब भी स्थापित की गई है।

NATGRID से फरार आरोपी की गिरफ्तारी

पुलिस के अनुसार, अपराधियों की पहचान और लोकेशन ट्रेस करने के लिए NATGRID और ‘अन्वेषक’ जैसे ओपन-सोर्स एप्लिकेशन का इस्तेमाल किया जा रहा है। हत्या के मामले में फरार दोषी संदीप तोमर को NATGRID की मदद से मध्य प्रदेश से ट्रेस कर गिरफ्तार किया गया।

पुलिस का कहना है कि तकनीक आधारित निगरानी और खुफिया तंत्र से सीमा पार नशा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई को भी मजबूती मिली है। इसके साथ ही जिले में कानून-व्यवस्था मजबूत रखने के लिए रात्रि नाके, ईआरवी और पीसीआर मोटरसाइकिलों की तैनाती की गई है।

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