FIFA World Cup 2026 का आगाज 12 जून से होने वाला है। इस बार इस टूर्नामेंट की मेजबानी संयुक्त रूप से United States, Canada और Mexico कर रहे हैं।
स्पोर्ट्स न्यूज़: फुटबॉल के सबसे बड़े टूर्नामेंट FIFA World Cup 2026 को लेकर दुनिया भर के फैंस में भारी उत्साह है, लेकिन भारत में इसके प्रसारण अधिकार (Broadcasting Rights) को लेकर अनिश्चितता ने चिंता बढ़ा दी है। 12 जून से शुरू होने वाले इस मेगा इवेंट से पहले अब तक भारत में किसी भी प्रमुख ब्रॉडकास्टर ने अधिकार हासिल नहीं किए हैं।
भारत में ब्रॉडकास्टिंग डील अटकी, फैंस की बढ़ी टेंशन
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बार ब्रॉडकास्टिंग राइट्स की कीमत लगभग 100 मिलियन डॉलर रखी गई थी, जो 2026 और 2030 वर्ल्ड कप दोनों के लिए संयुक्त पैकेज का हिस्सा थी। हालांकि भारत के प्रमुख डिजिटल और टीवी प्लेटफॉर्म्स ने इस कीमत को अधिक मानते हुए पीछे हटने का फैसला किया। बताया जा रहा है कि जियोस्टार ने लगभग 20 मिलियन डॉलर का ऑफर दिया था, जो फीफा की मांग से काफी कम था। इसी वजह से अब तक भारत में किसी भी प्लेटफॉर्म के साथ डील फाइनल नहीं हो पाई है।
2022 वर्ल्ड कप की रिकॉर्ड व्यूअरशिप के बाद भी स्थिति अलग
2022 में हुए पिछले वर्ल्ड कप में भारत में जबरदस्त दर्शक संख्या देखने को मिली थी। उस दौरान लाखों लोगों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर मैच देखे थे। विशेष रूप से अर्जेंटीना और फ्रांस के बीच हुए फाइनल मैच को करोड़ों लोगों ने लाइव देखा था, जिससे कुल वॉच टाइम अरबों मिनट्स तक पहुंच गया था। इसके बावजूद इस बार प्रसारण अधिकारों को लेकर स्थिति बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है।
FIFA World Cup 2026 का आयोजन अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में होगा। इसका मतलब है कि भारत में अधिकतर मैच रात देर से या सुबह के समय खेले जाएंगे। इसी टाइम ज़ोन अंतर के कारण ब्रॉडकास्टर्स को लगता है कि व्यूअरशिप पर असर पड़ सकता है, जिससे विज्ञापन और रेवेन्यू मॉडल कमजोर हो सकता है। यही कारण है कि कई कंपनियां अभी तक निवेश को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।

फीफा की रणनीति और कीमत पर विवाद
फुटबॉल की वैश्विक संस्था FIFA ने इस बार डिजिटल और टीवी अधिकारों को एक बड़े ग्लोबल पैकेज के रूप में पेश किया है। हालांकि भारत जैसे बड़े बाजार में अपेक्षित बोली न मिलने के कारण यह सौदा अटका हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि फीफा की ऊंची कीमत और भारत के बदलते डिजिटल विज्ञापन मॉडल के बीच तालमेल नहीं बैठ पा रहा है।
इस टूर्नामेंट को ऐतिहासिक बनाने वाली सबसे बड़ी बात यह है कि यह कई दिग्गज खिलाड़ियों का आखिरी वर्ल्ड कप हो सकता है। Lionel Messi, जिन्होंने 2022 में अर्जेंटीना को विश्व चैंपियन बनाया था, एक बार फिर खिताब बचाने उतर सकते हैं। वहीं Cristiano Ronaldo के लिए यह उनका अंतिम वर्ल्ड कप माना जा रहा है, क्योंकि वे अब तक यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी नहीं जीत पाए हैं। फुटबॉल फैंस के लिए यह टूर्नामेंट भावनात्मक रूप से बेहद खास होने वाला है।










