मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री इस्माइल साबरी पर भ्रष्टाचार मामले की सुनवाई टली, स्वास्थ्य कारणों से अदालत में नहीं हुए पेश

मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री इस्माइल साबरी स्वास्थ्य कारणों से अदालत में पेश नहीं हो पाए। अदालत ने भ्रष्टाचार मामले की सुनवाई 27 अगस्त तक टाल दी गई है।

मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री इस्माइल साबरी स्वास्थ्य कारणों से अदालत में पेश नहीं हो सके। भ्रष्टाचार मामले की सुनवाई 27 अगस्त तक टाल दी गई है। जांच एजेंसियां धनशोधन और पद के दुरुपयोग से जुड़े आरोपों की जांच जारी रखे हुए हैं।

कुआलालंपुर: मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री इस्माइल साबरी याकूब के खिलाफ चल रहे बहुचर्चित भ्रष्टाचार मामले में अदालत की कार्यवाही फिलहाल टाल दी गई है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण वह निर्धारित तारीख पर अदालत में पेश नहीं हो सके। राजधानी कुआलालंपुर की सेशंस कोर्ट ने उनकी अनुपस्थिति को देखते हुए मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त तय की है। इस दिन अभियोजन पक्ष आरोपों को औपचारिक रूप से अदालत के सामने पेश करेगा और पूर्व प्रधानमंत्री का पक्ष दर्ज किया जाएगा। 66 वर्षीय इस्माइल साबरी मलेशिया में प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के दायरे में आने वाले सबसे वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि मलेशिया की राजनीति, प्रशासन और भ्रष्टाचार विरोधी संस्थाओं की कार्यप्रणाली को लेकर भी व्यापक चर्चा का विषय बन गया है।

अस्पताल में भर्ती होने के कारण नहीं हो सके पेश

इस्माइल साबरी के वकील अमेर हमज़ाह अरशद ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल को पूछताछ के दौरान स्वास्थ्य संबंधी परेशानी महसूस हुई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद उनके हृदय की स्थिति को देखते हुए पेसमेकर लगाने की प्रक्रिया करने का निर्णय लिया। वकील ने यह भी जानकारी दी कि कुछ सप्ताह पहले भी इस्माइल साबरी एक दुर्घटना में गिरने के बाद अस्पताल में भर्ती हुए थे। लगातार स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते वह अदालत में उपस्थित होने की स्थिति में नहीं थे। अदालत ने चिकित्सकीय रिपोर्ट को देखते हुए सुनवाई स्थगित करने की अनुमति दे दी।

भ्रष्टाचार जांच कैसे शुरू हुई

इस मामले की शुरुआत फरवरी में हुई, जब मलेशियाई भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (MACC) ने इस्माइल साबरी के एक वरिष्ठ सहयोगी और कई अन्य लोगों को कथित भ्रष्टाचार, धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) और पद के दुरुपयोग के आरोपों में हिरासत में लिया। जांच के दौरान अधिकारियों ने एक कार्यालय से बड़ी मात्रा में नकदी और सोने की ईंटें बरामद कीं। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह स्थान कथित तौर पर पूर्व प्रधानमंत्री के एक सहयोगी द्वारा सुरक्षित ठिकाने के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार, वहां से लगभग 170 मिलियन रिंगिट (करीब 41.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर) नकद और लगभग 16 किलोग्राम सोने की ईंटें, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 7 मिलियन रिंगिट बताई गई, बरामद हुईं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इन संपत्तियों का इस्माइल साबरी से प्रत्यक्ष संबंध किस रूप में स्थापित किया गया है। मामले की जांच अभी जारी है।

किन आरोपों का सामना कर सकते हैं?

अब तक अदालत में आरोप औपचारिक रूप से प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। उपलब्ध न्यायालयी दस्तावेजों के अनुसार, मामला मलेशियाई भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (MACC) अधिनियम के तहत दर्ज है, जिसमें भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और संबंधित वित्तीय अपराधों से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। 27 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई में अभियोजन पक्ष आरोपों को औपचारिक रूप से पढ़कर सुनाएगा और उसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री अपना पक्ष अदालत के सामने रखेंगे।

अनवर सरकार का भ्रष्टाचार विरोधी अभियान

प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के नेतृत्व वाली सरकार ने वर्ष 2022 में सत्ता संभालने के बाद भ्रष्टाचार के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू किया। सरकार का कहना है कि कानून के समक्ष सभी नागरिक समान हैं और चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, यदि उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो कार्रवाई की जाएगी।

पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े राजनीतिक नेताओं, उद्योगपतियों और पूर्व सरकारी अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू की गई है। सरकार का दावा है कि इसका उद्देश्य शासन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना और सार्वजनिक धन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

दूसरे पूर्व प्रधानमंत्री भी जांच के दायरे में

इस्माइल साबरी ऐसे दूसरे पूर्व प्रधानमंत्री हैं जिन्हें अनवर इब्राहिम सरकार के कार्यकाल में अदालत का सामना करना पड़ रहा है। उनसे पहले पूर्व प्रधानमंत्री मुहीद्दीन यासीन पर भी भ्रष्टाचार और धनशोधन से जुड़े कई आरोप लगाए गए थे। उन पर अपनी राजनीतिक पार्टी के लिए कथित रूप से करोड़ों रिंगिट की रिश्वत लेने और वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था। इन मामलों की सुनवाई अभी भी न्यायिक प्रक्रिया में है।

पूर्व वित्त मंत्री का मामला भी चर्चा में रहा

मलेशिया के पूर्व वित्त मंत्री और उद्योगपति दाइम ज़ैनुद्दीन तथा उनकी पत्नी नईमा खालिद भी भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी की जांच के दायरे में आए थे। उन पर अपनी संपत्तियों की जानकारी पूरी तरह घोषित नहीं करने का आरोप लगाया गया था। हालांकि, दाइम ज़ैनुद्दीन के निधन के बाद उनके खिलाफ चल रहे मामले समाप्त हो गए, जबकि उनकी पत्नी अभी भी कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रही हैं। उनके परिवार ने आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए सभी दावों से इनकार किया है।

राजनीति और कानून के बीच बहस

मलेशिया में भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज रही है। सरकार का कहना है कि सभी जांच स्वतंत्र एजेंसियों द्वारा कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही हैं। वहीं विपक्ष और कुछ प्रभावित नेताओं का आरोप है कि इन मामलों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में जांच और मुकदमे की निष्पक्षता सबसे महत्वपूर्ण होती है। इसलिए अंतिम निष्कर्ष अदालत के फैसले के बाद ही निकाला जाना चाहिए।

आगे क्या होगा?

अब सभी की नजर 27 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई पर रहेगी। यदि इस्माइल साबरी स्वास्थ्य कारणों से अदालत में उपस्थित हो पाते हैं तो अभियोजन पक्ष औपचारिक आरोप पेश करेगा और अदालत उनके जवाब को दर्ज करेगी। इसके बाद मुकदमे की आगे की प्रक्रिया तय होगी। फिलहाल पूर्व प्रधानमंत्री को दोषी नहीं ठहराया गया है और मामला न्यायिक विचाराधीन है। अदालत का अंतिम फैसला आने तक सभी आरोप केवल जांच और अभियोजन प्रक्रिया का हिस्सा माने जाएंगे। 

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