ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर संसद से भी देंगे इस्तीफा, अंतरराष्ट्रीय मामलों पर करेंगे ध्यान केंद्रित

ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सांसद पद छोड़ने का फैसला किया है। वह अंतरराष्ट्रीय मामलों, रक्षा, सुरक्षा, व्यापार और तकनीक पर ध्यान देंगे।

ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने होलबॉर्न और सेंट पैनक्रास से सांसद पद छोड़ने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि अब वह अंतरराष्ट्रीय मामलों, रक्षा, सुरक्षा, व्यापार और तकनीक जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।

लंदन: ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने संसद सदस्य के पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है। उन्होंने मंगलवार को इसकी घोषणा करते हुए कहा कि अब वह बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच अंतरराष्ट्रीय मामलों, रक्षा, सुरक्षा, व्यापार और तकनीक जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। उनके इस्तीफे के बाद लंदन के होलबॉर्न और सेंट पैनक्रास निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव कराया जाएगा।

11 साल बाद संसद छोड़ेंगे कीर स्टार्मर

कीर स्टार्मर ने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा कि उनके लिए होलबॉर्न और सेंट पैनक्रास से सांसद के रूप में पद छोड़ने का यह सही समय है। वह इस सीट का प्रतिनिधित्व करीब 11 वर्षों से कर रहे थे।

स्टार्मर ने कहा कि अब वह संसद की राजनीति से अलग होकर बदलती दुनिया से जुड़े दूसरे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। उन्होंने विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय मामलों के साथ रक्षा, सुरक्षा, व्यापार और तकनीक का उल्लेख किया।

उनके इस्तीफे की घोषणा ऐसे समय में हुई है जब ब्रिटेन की राजनीति में हाल के महीनों में नेतृत्व और राजनीतिक दिशा को लेकर लगातार बदलाव देखने को मिले हैं। सांसद के रूप में उनके इस्तीफे के बाद उनके निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव होगा और मतदाता नए प्रतिनिधि का चुनाव करेंगे।

प्रधानमंत्री पद छोड़ने के बाद अब संसद से भी विदाई

स्टार्मर ने इस साल गर्मियों में प्रधानमंत्री और लेबर पार्टी के नेता के पद से इस्तीफा दिया था। उनके कार्यकाल के दौरान सरकार को राजनीतिक दबाव, सार्वजनिक असंतोष और कई विवादों का सामना करना पड़ा।

उनके इस्तीफे के बाद एंडी बर्नहम ने प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। नेतृत्व परिवर्तन के बाद अब स्टार्मर ने संसद से भी बाहर होने का निर्णय लिया है।

स्थानीय समाचार पत्र Camden New Journal के अनुसार, स्टार्मर ने लेबर पार्टी को अपने संसद छोड़ने के फैसले की जानकारी दे दी थी। वह लगभग 11 वर्षों तक सांसद रहे और इनमें करीब छह वर्ष उन्होंने लेबर पार्टी के नेता के रूप में बिताए।

2024 में लेबर पार्टी को दिलाई बड़ी चुनावी जीत

कीर स्टार्मर का राजनीतिक सफर ब्रिटेन की लेबर पार्टी के लिए महत्वपूर्ण रहा है। पूर्व मानवाधिकार वकील स्टार्मर ने पार्टी को राजनीतिक रूप से केंद्र की ओर ले जाने और उसकी छवि को फिर से मजबूत करने की कोशिश की।

2024 के आम चुनाव में उनके नेतृत्व में लेबर पार्टी ने शानदार जीत हासिल की थी। पार्टी ने बड़े बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की और स्टार्मर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने।

यह जीत लंबे समय तक विपक्ष में रहने के बाद लेबर पार्टी के लिए बड़ी राजनीतिक उपलब्धि मानी गई। स्टार्मर ने पार्टी को व्यापक मतदाता आधार तक पहुंचाने की कोशिश की और आर्थिक तथा सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े मुद्दों को अपने राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बनाया।

हालांकि, सरकार बनने के बाद उनके सामने कई कठिन चुनौतियां खड़ी हो गईं। राजनीतिक फैसलों, सरकार के कामकाज और सार्वजनिक छवि को लेकर उनकी लोकप्रियता में गिरावट आई।

दो साल के कार्यकाल में बढ़ा राजनीतिक दबाव

प्रधानमंत्री के रूप में स्टार्मर का कार्यकाल अपेक्षाकृत कम समय में ही मुश्किलों से घिर गया। सरकार के कुछ फैसलों और राजनीतिक रणनीतियों को लेकर पार्टी के भीतर तथा बाहर आलोचना हुई।

उनकी सख्त और औपचारिक राजनीतिक शैली भी जनता के एक हिस्से को आकर्षित नहीं कर सकी। समय के साथ सरकार के सामने सार्वजनिक समर्थन बनाए रखने की चुनौती बढ़ती गई।

लेबर पार्टी के भीतर भी नेतृत्व को लेकर असंतोष की खबरें सामने आती रहीं। लगातार राजनीतिक दबाव के बीच स्टार्मर ने अंततः प्रधानमंत्री और पार्टी नेता के पद से हटने का फैसला किया।

उनके इस्तीफे के बाद ब्रिटेन की सत्ता में एक और नेतृत्व परिवर्तन हुआ। इससे देश की राजनीति में प्रधानमंत्री पद पर तेजी से बदलाव की बहस भी तेज हुई।

ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर संसद से भी देंगे इस्तीफा, अंतरराष्ट्रीय मामलों पर करेंगे ध्यान केंद्रित

अंतरराष्ट्रीय मामलों पर फोकस करने की तैयारी

संसद छोड़ने के अपने फैसले के बारे में स्टार्मर ने संकेत दिया है कि भविष्य में उनका ध्यान अंतरराष्ट्रीय मामलों पर अधिक रहेगा। उन्होंने रक्षा और सुरक्षा के साथ व्यापार और तकनीक को भी प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शामिल किया है।

बदलती वैश्विक व्यवस्था में यूरोप की सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय व्यापार, तकनीकी प्रतिस्पर्धा और रक्षा सहयोग जैसे मुद्दे लगातार महत्वपूर्ण हो रहे हैं। ऐसे में स्टार्मर का कहना है कि वह इन क्षेत्रों में अपनी भूमिका पर ध्यान देना चाहते हैं।

एक पूर्व प्रधानमंत्री और लंबे समय तक संसद सदस्य रहे नेता के रूप में अंतरराष्ट्रीय मामलों में उनका अनुभव उनके भविष्य के काम में उपयोगी हो सकता है। हालांकि, उन्होंने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह किस संस्था, संगठन या भूमिका के माध्यम से इन क्षेत्रों में सक्रिय होंगे।

होलबॉर्न और सेंट पैनक्रास में होगा उपचुनाव

स्टार्मर के इस्तीफे के बाद उनके लंदन स्थित निर्वाचन क्षेत्र होलबॉर्न और सेंट पैनक्रास में उपचुनाव कराया जाएगा। इस सीट से स्टार्मर 11 वर्षों तक सांसद रहे हैं।

उपचुनाव में लेबर पार्टी के सामने अपनी पारंपरिक पकड़ बनाए रखने की चुनौती होगी। साथ ही अन्य राजनीतिक दल भी इस मौके का इस्तेमाल अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए कर सकते हैं।

स्टार्मर का सांसद पद छोड़ना केवल एक व्यक्तिगत राजनीतिक निर्णय नहीं माना जा रहा, बल्कि यह ब्रिटेन की हालिया राजनीतिक उथल-पुथल का भी हिस्सा है। प्रधानमंत्री पद से हटने के कुछ समय बाद संसद से विदाई लेने का उनका फैसला उनके सक्रिय घरेलू राजनीतिक करियर के एक बड़े चरण के अंत का संकेत देता है।

वकील से प्रधानमंत्री तक का सफर

राजनीति में आने से पहले कीर स्टार्मर मानवाधिकार कानून से जुड़े रहे। इसके बाद उन्होंने लेबर पार्टी के भीतर तेजी से अपनी जगह बनाई और पार्टी के नेतृत्व तक पहुंचे।

उन्होंने लेबर पार्टी को अधिक व्यापक और चुनावी रूप से स्वीकार्य बनाने की रणनीति अपनाई। 2024 के आम चुनाव में इसका बड़ा राजनीतिक लाभ भी मिला और पार्टी ने सत्ता हासिल की।

प्रधानमंत्री बनने के बाद हालांकि उनकी सरकार को उम्मीदों के मुताबिक जनसमर्थन बनाए रखने में कठिनाई हुई। कई राजनीतिक विवादों और फैसलों की वजह से उनकी लोकप्रियता प्रभावित हुई और अंततः उन्हें नेतृत्व छोड़ना पड़ा।

अब संसद से भी इस्तीफा देने के फैसले के साथ स्टार्मर ने अपने राजनीतिक जीवन का एक नया अध्याय शुरू करने का संकेत दिया है। अंतरराष्ट्रीय मामलों पर उनका प्रस्तावित फोकस भविष्य में उनकी सार्वजनिक भूमिका को घरेलू राजनीति से अलग दिशा दे सकता है।

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