Fractal Analytics IPO की बाजार में फीकी एंट्री, बीएसई पर सपाट और एनएसई पर छूट के साथ लिस्टिंग

Fractal Analytics IPO की शेयर बाजार में सपाट शुरुआत हुई। बीएसई पर बिना लाभ और एनएसई पर छूट के साथ लिस्टिंग से निवेशकों को पहले दिन त्वरित फायदा नहीं मिल सका।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कंपनी Fractal Analytics का आईपीओ शेयर बाजार में सपाट लिस्ट हुआ। बीएसई पर शेयर निर्गम मूल्य पर और एनएसई पर छूट के साथ खुले, जिससे निवेशकों को पहले दिन त्वरित लाभ नहीं मिला।

Fractal Analytics IPO: कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित समाधान प्रदान करने वाली कंपनी Fractal Analytics का प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ शेयर बाजार में सोमवार 16 फरवरी को सूचीबद्ध हो गया। हालांकि, जिस तरह की उम्मीदें लिस्टिंग से पहले जताई जा रही थीं, उस हिसाब से निवेशकों को पहले ही दिन कोई विशेष लाभ नहीं मिल सका। कंपनी के शेयरों की शुरुआत लगभग सपाट रही, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि बाजार ने इस आईपीओ को लेकर बेहद संतुलित रुख अपनाया।

बीएसई और एनएसई पर अलग-अलग रही लिस्टिंग

Fractal Analytics के शेयर Bombay Stock Exchange पर 900 रुपये के भाव पर सूचीबद्ध हुए। यह कीमत आईपीओ के ऊपरी मूल्य स्तर के बिल्कुल बराबर रही। इसका अर्थ यह हुआ कि जिन निवेशकों को शेयर आवंटित हुए थे, उन्हें लिस्टिंग के समय किसी भी प्रकार का त्वरित लाभ नहीं मिला।

वहीं दूसरी ओर National Stock Exchange पर कंपनी के शेयरों की शुरुआत कुछ कमजोर रही। यहां शेयर 876 रुपये पर सूचीबद्ध हुए, जो कि निर्गम मूल्य से 24 रुपये या लगभग 3 प्रतिशत कम था। इस तरह एनएसई पर लिस्टिंग के समय निवेशकों को हल्का नुकसान झेलना पड़ा।

ग्रे मार्केट संकेतों के अनुरूप रही लिस्टिंग

Fractal Analytics के आईपीओ की लिस्टिंग काफी हद तक ग्रे मार्केट के संकेतों के अनुसार ही रही। लिस्टिंग से पहले कंपनी के गैर-सूचीबद्ध शेयर ग्रे मार्केट में लगभग 872 रुपये के आसपास कारोबार कर रहे थे।

ग्रे मार्केट भाव यह संकेत दे रहे थे कि शेयर निर्गम मूल्य की तुलना में 25 से 30 रुपये तक की छूट के साथ सूचीबद्ध हो सकते हैं। इसी वजह से बाजार विशेषज्ञों का मानना था कि आईपीओ से तुरंत लाभ मिलने की संभावना कम है।

सोमवार को हुई लिस्टिंग ने इन अनुमानों को सही साबित किया और निवेशकों को किसी प्रकार का अप्रत्याशित लाभ नहीं मिला।

निवेशकों से मिला सीमित उत्साह

Fractal Analytics के आईपीओ को निवेशकों की ओर से औसत से कमजोर प्रतिक्रिया मिली। इस आईपीओ को कुल 2.81 गुना सब्सक्रिप्शन प्राप्त हुआ। यह आंकड़ा यह दर्शाता है कि निवेशकों ने इस निर्गम में बहुत आक्रामक तरीके से भाग नहीं लिया।

एनएसई के आंकड़ों के अनुसार, कुल 1 करोड़ 85 लाख 79 हजार 360 शेयरों के मुकाबले 4 करोड़ 95 लाख 44 हजार 208 शेयरों के लिए बोली लगाई गई। यह दर्शाता है कि मांग मौजूद थी, लेकिन बहुत अधिक जोश नहीं दिखा।

रिटेल और एनआईआई निवेशकों की सीमित भागीदारी

रिटेल निवेशकों की श्रेणी में इस आईपीओ को केवल 1.10 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। यह संकेत देता है कि आम निवेशकों ने इस निर्गम में सावधानी बरती और सीमित मात्रा में ही आवेदन किए।

गैर-संस्थागत निवेशकों यानी एनआईआई श्रेणी में भी स्थिति लगभग समान रही। इस श्रेणी में आईपीओ को 1.11 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इसका अर्थ यह है कि उच्च मूल्य पर निवेश करने वाले निवेशक भी पूरी तरह आश्वस्त नजर नहीं आए।

संस्थागत निवेशकों ने दिखाया अधिक भरोसा

यदि किसी वर्ग ने इस आईपीओ में अपेक्षाकृत अधिक रुचि दिखाई, तो वह क्वालिफाइड संस्थागत निवेशकों की श्रेणी रही। इस वर्ग में आईपीओ को 4.41 गुना सब्सक्रिप्शन प्राप्त हुआ।

संस्थागत निवेशकों की यह भागीदारी यह संकेत देती है कि दीर्घकालिक दृष्टि से कंपनी के व्यवसाय मॉडल और भविष्य की संभावनाओं में उन्हें कुछ भरोसा दिखाई देता है। हालांकि, यह भरोसा लिस्टिंग के समय त्वरित लाभ में तब्दील नहीं हो सका।

आईपीओ की समय-सीमा और मूल्य दायरा

Fractal Analytics का आईपीओ निवेश के लिए 9 फरवरी को खुला था और 11 फरवरी को बंद हुआ। कंपनी ने इस निर्गम के लिए प्रति शेयर 857 रुपये से 900 रुपये का मूल्य दायरा तय किया था।

अधिकांश निवेशकों को ऊपरी मूल्य स्तर 900 रुपये पर ही शेयर आवंटित हुए थे। इसी वजह से बीएसई पर सपाट लिस्टिंग और एनएसई पर छूट के साथ लिस्टिंग ने निवेशकों की उम्मीदों को थोड़ा झटका दिया।

आईपीओ के माध्यम से जुटाई गई राशि

कंपनी ने इस आईपीओ के जरिये कुल 2,833.90 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था। इस निर्गम के तहत 1.14 करोड़ नए शेयर जारी किए गए, जिनसे 1,023.50 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई।

इसके अलावा 2.01 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल के माध्यम से बेचे गए, जिनका कुल मूल्य 1,810.40 करोड़ रुपये रहा। इस राशि का लाभ कंपनी के मौजूदा शेयरधारकों को मिला।

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