ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम द्वारा यूरोपीय संघ में दोबारा शामिल होने की संभावना को विकल्प के रूप में सामने रखने के बाद फ्रांस और स्पेन ने इसका स्वागत किया। इमैनुएल मैक्रों और पेड्रो सांचेज ने ब्रिटेन के साथ करीबी संबंधों का समर्थन किया।
मैड्रिड: ब्रिटेन के यूरोपीय संघ (EU) में दोबारा शामिल होने की संभावना पर फ्रांस और स्पेन ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने यूरोपीय संघ के साथ देश के भविष्य के संबंधों को लेकर कई विकल्प खुले रखने की बात कही थी। इसके बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने ब्रिटेन के संभावित EU रिटर्न का स्वागत किया। मैक्रों ने बुधवार को मैड्रिड में सांचेज के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अंग्रेजी में “Welcome back” कहा।
उन्होंने कहा कि अगर ब्रिटेन वापस लौटना चाहता है और ब्रिटिश प्रधानमंत्री उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं तो यह ब्रिटेन और यूरोपीय देशों, दोनों के लिए अच्छी खबर होगी। सांचेज ने भी ब्रिटेन के संभावित EU रिटर्न का समर्थन किया। उन्होंने Brexit को ब्रिटेन की जनता और पूरे यूरोपीय प्रोजेक्ट के लिए बड़ा नुकसान बताया और कहा कि अगर ब्रिटेन EU में फिर शामिल होने का प्रयास करता है तो स्पेन उसका स्वागत करेगा।
बर्नहम ने EU संबंधों पर खोले कई विकल्प
ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने लेबर पार्टी के वार्षिक सम्मेलन में यूरोपीय संघ के साथ ब्रिटेन के भविष्य के संबंधों को लेकर नई बहस शुरू की है। उन्होंने कहा कि सरकार को Brexit के बाद बने मौजूदा संबंधों को लंबे समय के लिए तय करने से पहले विभिन्न विकल्पों पर विचार करना चाहिए। बर्नहम के सामने रखे विकल्पों में मौजूदा व्यवस्था को जारी रखना, EU के कस्टम्स यूनियन में दोबारा शामिल होना, सिंगल मार्केट में वापसी और अंततः पूर्ण EU सदस्यता के लिए आगे बढ़ना शामिल है।
BBC के साथ बातचीत में बर्नहम ने कहा कि ब्रिटेन के पास मौजूदा स्थिति बनाए रखने का विकल्प भी है, लेकिन जरूरत पड़ने पर देश EU के साथ संबंधों में और आगे बढ़ने पर भी विचार कर सकता है। उन्होंने इस मुद्दे को ब्रिटेन की दीर्घकालिक आर्थिक और राजनीतिक दिशा से जोड़कर देखा है।
Brexit को लेकर बर्नहम का रुख
बर्नहम ने लेबर पार्टी सम्मेलन में कहा कि Brexit ने ब्रिटेन को लाभ की तुलना में अधिक नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने विशेष रूप से आर्थिक विकास और यूरोप के साथ व्यापारिक संबंधों पर इसके प्रभाव का उल्लेख किया।
हालांकि, बर्नहम ने तत्काल EU में दोबारा शामिल होने की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा नहीं की है। उनके बयान का मुख्य फोकस ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के बीच भविष्य के संबंधों के सभी संभावित मॉडल पर चर्चा शुरू करना है।
रिपोर्टों के अनुसार, ब्रिटेन की सरकार आगामी वर्षों के लिए यूरोप के साथ अपने संबंधों को लेकर व्यापक विकल्पों का मूल्यांकन करना चाहती है। नवंबर में प्रस्तावित EU-UK शिखर सम्मेलन इस बहस के लिए महत्वपूर्ण मंच बन सकता है।
मैक्रों ने कहा- EU के फायदे चुन-चुनकर नहीं लिए जा सकते
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ब्रिटेन के संभावित EU रिटर्न का स्वागत करते हुए साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि EU के साथ संबंधों में केवल अपनी पसंद के फायदे हासिल करने का मॉडल स्वीकार करना आसान नहीं होगा।
मैक्रों ने कहा कि यूरोपीय संघ की विभिन्न स्वतंत्रताओं में से किसी एक को चुनकर बाकी को छोड़ना संभव नहीं है। उनका संकेत EU के सिंगल मार्केट से जुड़े नियमों और सदस्य देशों पर लागू होने वाली साझा व्यवस्थाओं की ओर था।
यह मुद्दा Brexit के बाद ब्रिटेन और EU के संबंधों में लगातार महत्वपूर्ण रहा है। सिंगल मार्केट में शामिल होने का अर्थ वस्तुओं, सेवाओं, पूंजी और लोगों की आवाजाही से जुड़े साझा नियमों को स्वीकार करना होगा।
स्पेन ने ब्रिटेन के लिए जताया स्वागत
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने कहा कि Brexit ब्रिटिश जनता और यूरोपीय परियोजना, दोनों के लिए बड़ा नुकसान रहा। उन्होंने संकेत दिया कि यदि ब्रिटेन EU में वापसी के लिए औपचारिक कदम उठाता है तो स्पेन उसका स्वागत करेगा।
मैड्रिड में सांचेज और मैक्रों की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ब्रिटेन के साथ भविष्य के संबंधों का मुद्दा यूरोपीय राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बना रहा।
हालांकि, दोनों नेताओं की टिप्पणियां राजनीतिक समर्थन का संकेत हैं, लेकिन ब्रिटेन के EU में लौटने की कोई औपचारिक प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।

यूरोपीय आयोग ने भी प्रतिक्रिया दी
यूरोपीय आयोग ने ब्रिटेन को EU का करीबी और महत्वपूर्ण साझेदार बताया है। आयोग के प्रवक्ता बालाज़ उजवारी ने कहा कि आगे ब्रिटेन अपने और EU के बीच संबंधों को किस तरह विकसित करना चाहता है, यह ब्रिटिश सरकार को तय करना है।
आयोग ने साथ ही कहा कि ब्रिटेन की ओर से सामने रखे जाने वाले विकल्पों पर बातचीत के लिए वह तैयार है। इसका अर्थ यह है कि ब्रसेल्स ने बर्नहम के बयान को तुरंत सदस्यता प्रक्रिया की शुरुआत के रूप में नहीं देखा है।
नवंबर में EU-UK शिखर सम्मेलन पर नजर
ब्रिटेन और EU के बीच अगला शिखर सम्मेलन नवंबर में ब्रसेल्स में होने की उम्मीद है। यह बैठक पहले जुलाई में प्रस्तावित थी, लेकिन ब्रिटेन में राजनीतिक बदलाव के बाद इसे टाल दिया गया था।
ब्रिटिश सरकार और EU के बीच बातचीत में कार्बन बाजारों को जोड़ने, खाद्य एवं कृषि व्यापार और युवाओं के लिए यात्रा तथा काम के अवसरों से जुड़े प्रस्ताव महत्वपूर्ण मुद्दे हैं।
ब्रिटिश सरकार ने यूरोप के साथ आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए कई क्षेत्रों में नियमों के बेहतर तालमेल की जरूरत पर भी जोर दिया है।
‘Made in Europe’ नीति भी अहम मुद्दा
ब्रिटेन और EU के बीच संबंधों में एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा यूरोप की औद्योगिक नीति है। EU की प्रस्तावित ‘Made in Europe’ व्यवस्था में यूरोप के भीतर उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं को सार्वजनिक धन और निवेश से जुड़े कुछ क्षेत्रों में प्राथमिकता देने की योजना पर चर्चा हो रही है।
ब्रिटेन जैसे करीबी व्यापारिक और निवेश साझेदारों के लिए ऐसी व्यवस्था चिंता का विषय हो सकती है। ब्रिटिश सरकार चाहती है कि यूरोपीय बाजार में उसकी कंपनियों को नए नियमों के कारण नुकसान न हो।
EU में वापसी आसान प्रक्रिया नहीं होगी
यदि ब्रिटेन भविष्य में EU की पूर्ण सदस्यता के लिए आवेदन करता है तो यह एक अलग और लंबी राजनीतिक एवं कानूनी प्रक्रिया होगी। सदस्यता के लिए यूरोपीय संघ के मौजूदा सदस्य देशों की सहमति और विस्तृत बातचीत की आवश्यकता होगी।
इसके अलावा, ब्रिटेन को यह तय करना होगा कि वह EU के साझा नियमों, व्यापार नीति और अन्य सदस्यता संबंधी दायित्वों को किस तरह स्वीकार करेगा। पुराने Brexit-पूर्व विशेष प्रबंध स्वतः बहाल होंगे, यह मान लेना उचित नहीं होगा।
इसलिए बर्नहम का मौजूदा बयान तत्काल EU में वापसी की घोषणा के बजाय ब्रिटेन की भविष्य की यूरोपीय नीति पर व्यापक विकल्पों को चर्चा में लाने के रूप में देखा जा रहा है।
Brexit के एक दशक बाद नई बहस
2016 के जनमत संग्रह के लगभग एक दशक बाद ब्रिटेन में EU के साथ भविष्य के संबंधों पर बहस एक बार फिर केंद्र में आ गई है। बर्नहम सरकार ने फिलहाल विभिन्न विकल्पों पर विचार करने का संकेत दिया है, जबकि फ्रांस और स्पेन ने ब्रिटेन के साथ नजदीकी संबंधों और संभावित EU वापसी के विचार का स्वागत किया है।
आने वाले महीनों में ब्रिटेन की सरकार किस विकल्प को प्राथमिकता देती है और नवंबर के EU-UK शिखर सम्मेलन में किन मुद्दों पर प्रगति होती है, यह इस बहस की अगली दिशा तय करने वाले प्रमुख घटनाक्रम होंगे।











