FY26 में भारत का इनडायरेक्ट टैक्स संग्रह लक्ष्य से ऊपर रहा। कस्टम ड्यूटी 102%, एक्साइज ड्यूटी 101% और केंद्रीय जीएसटी 100.8% पर रहा। कुल संग्रह 15.52 लाख करोड़ रुपये से अधिक, पान मसाला सेस में संग्रह अपेक्षाकृत कम रहा।
New Delhi: सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपने इनडायरेक्ट टैक्स कलेक्शन के लक्ष्य को मामूली रूप से पार कर लिया है। इसमें कस्टम ड्यूटी, उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) और केंद्रीय जीएसटी (CGST) शामिल हैं। FY26 के लिए संशोधित अनुमान (RE) के अनुसार कुल इनडायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 15.52 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहने का अनुमान था। इस राशि में से 2.58 लाख करोड़ रुपये कस्टम ड्यूटी, 3.38 लाख करोड़ रुपये उत्पाद शुल्क और 9.58 लाख करोड़ रुपये केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर से आने की उम्मीद थी।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, कुल मिलाकर जीएसटी और गैर-जीएसटी संग्रह संशोधित अनुमान का 101.2 प्रतिशत रहा। इससे संकेत मिलता है कि सरकार ने अपने बजटीय अनुमान को पार करते हुए टैक्स संग्रह में स्थिरता बनाए रखी।
कस्टम और एक्साइज ड्यूटी में बेहतर प्रदर्शन
कस्टम ड्यूटी FY26 में संशोधित अनुमान का 102 प्रतिशत रहा। इसका मतलब है कि सरकार को अनुमान से ज्यादा राजस्व हासिल हुआ। इसी तरह, उत्पाद शुल्क संग्रह ने संशोधित अनुमान का 101 प्रतिशत पूरा किया। यह दर्शाता है कि घरेलू उत्पादन और आयात दोनों क्षेत्रों में टैक्स संग्रह अपेक्षाकृत मजबूत रहा।
विशेषज्ञों का कहना है कि कस्टम ड्यूटी और एक्साइज ड्यूटी में यह प्रदर्शन भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है। इससे न केवल केंद्र सरकार की राजस्व स्थिति मजबूत हुई, बल्कि घरेलू उद्योगों और आयात पर नियंत्रण बनाए रखने में भी मदद मिली।
केंद्रीय जीएसटी (CGST) संग्रह का प्रदर्शन
FY26 में केंद्रीय जीएसटी संग्रह ने संशोधित अनुमान का 100.8 प्रतिशत पूरा किया। इसका मतलब है कि जीएसटी संग्रह भी अनुमान के मुताबिक मजबूत रहा। अधिकारियों ने बताया कि GST और गैर-GST दोनों स्रोतों से कुल संग्रह 15.52 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। यह संकेत है कि घरेलू खपत और व्यापार गतिविधियां अपेक्षाकृत स्थिर बनी रही।

विशेषज्ञों के अनुसार, GST संग्रह का अनुमान से बेहतर होना भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है। इससे व्यापार और उपभोक्ता गतिविधियों में सुधार का संकेत मिलता है।
पान मसाला सेस में कमी
हालांकि, पान मसाला प्रोडक्शन पर लगाए गए स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा सेस (Health & National Security Cess) में लक्ष्य के मुकाबले कम संग्रह हुआ। FY26 में इस सेस से 2,330 करोड़ रुपये का संग्रह अपेक्षित था, लेकिन वास्तविक संग्रह केवल 63 प्रतिशत ही रहा।
यह सेस 1 फरवरी 2026 से लागू किया गया और इसमें 40 प्रतिशत की GST दर के अतिरिक्त अतिरिक्त शुल्क शामिल है। अधिकारी ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में इस सेस से संग्रह में सुधार की उम्मीद है, क्योंकि यह व्यवस्था अब स्थिर हो रही है। FY27 के लिए सरकार ने पान मसाला सेस से 14,000 करोड़ रुपये का संग्रह लक्ष्य रखा है।
FY26 टैक्स कलेक्शन का सारांश
टैक्स कैटेगरी के अनुसार FY26 में प्रदर्शन इस प्रकार रहा:
- कस्टम ड्यूटी – 2.58 लाख करोड़ रुपये, 102 प्रतिशत।
- एक्साइज ड्यूटी – 3.38 लाख करोड़ रुपये, 101 प्रतिशत।
- CGST – 9.58 लाख करोड़ रुपये, 100.8 प्रतिशत।
- कुल (GST + Non-GST) – 15.52+ लाख करोड़ रुपये, 101.2 प्रतिशत।
इस आंकड़े से यह साफ है कि FY26 में भारत की इनडायरेक्ट टैक्स रणनीति अपेक्षाकृत सफल रही।
सरकार के प्रयास और नीतिगत स्थिरता
विशेषज्ञों के अनुसार, इनडायरेक्ट टैक्स संग्रह में सफलता के पीछे सरकार की नीतिगत स्थिरता और प्रशासनिक प्रयास महत्वपूर्ण रहे। कस्टम ड्यूटी और एक्साइज ड्यूटी में अनुमान से बेहतर संग्रह यह दर्शाता है कि आयात और घरेलू उत्पादन पर निगरानी और नियमों का पालन प्रभावी रहा।
GST संग्रह का अनुमान से बेहतर प्रदर्शन घरेलू व्यापार और उपभोक्ता गतिविधियों में स्थिरता को दिखाता है। इससे सरकार के वित्तीय बजट और विकास योजनाओं को आवश्यक संसाधन उपलब्ध होते हैं।
पान मसाला सेस का FY27 लक्ष्य
पान मसाला पर स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा सेस FY26 में अपेक्षा के मुताबिक संग्रह नहीं कर पाया। FY27 में सरकार ने इस सेस से 14,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अब जब यह सेस स्थिर हो गया है, तो संग्रह में सुधार होगा और सरकार को अतिरिक्त राजस्व मिलेगा।









