FY26 में यूपी की GSDP 36 लाख करोड़ रुपये तक, उद्योग और निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि

उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था FY26 में 36 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान। राजस्व, उद्योग, निर्यात और इंफ्रास्ट्रक्चर में मजबूती से प्रदेश का विकास तेज।

उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था FY26 में 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। उद्योग, निर्यात और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार से प्रदेश की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है। प्रति व्यक्ति आय 1.20 लाख रुपये तक बढ़ने की संभावना है।

UP Economic Survey 2026: उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2025-26 की समाप्ति तक 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय भी 1.20 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। यह जानकारी वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सोमवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण में दी। यह पहला मौका है जब उत्तर प्रदेश सरकार ने अपना अलग आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया है।

वित्त मंत्री ने कहा कि वर्ष 2016-17 में प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आकार महज 13.30 लाख करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में 30.25 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। प्रदेश का योगदान देश की अर्थव्यवस्था में भी बढ़ा है। वर्ष 2016-17 में उत्तर प्रदेश का योगदान 8.6 फीसदी था, जो 2024-25 में बढ़कर 9.1 फीसदी हो गया।

प्रति व्यक्ति आय में सुधार

आर्थिक सर्वेक्षण में बताया गया है कि आजादी के समय 1947 में उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत के बराबर थी। लेकिन 2014-15 में यह घटकर महज 50.02 फीसदी रह गई थी। प्रदेश सरकार के प्रयासों से 2024-25 में यह बढ़कर राष्ट्रीय औसत का 53.5 फीसदी हो गया है।

सर्वेक्षण में प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) में क्षेत्रवार योगदान का भी जिक्र किया गया है। वर्ष 2024-25 में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र ने 25.8 फीसदी योगदान दिया, औद्योगिक क्षेत्र ने 27.2 फीसदी और सेवा क्षेत्र ने 47 फीसदी योगदान दिया।

वित्त मंत्री ने कहा कि कर्ज के मोर्चे पर भी सुधार हुआ है। सार्वजनिक ऋण-से-जीडीपी अनुपात 2016-17 में 29.3 फीसदी था, जो 2024-25 में घटकर 28 फीसदी हो गया। इससे प्रदेश की वित्तीय स्थिति मजबूत होने का संकेत मिलता है।

राजस्व में वृद्धि

उत्तर प्रदेश ने अपने स्वयं के कर राजस्व में भी शानदार प्रगति की है। वर्ष 2016-17 में प्रदेश का कर राजस्व 86 हजार करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में 2.09 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ गया।

औद्योगिक मोर्चे पर भी प्रदेश ने मजबूती दिखाई है। वर्ष 2016-17 में प्रदेश में कुल 14,169 कारखाने थे, जबकि नवंबर 2025 तक उनकी संख्या बढ़कर 30,169 हो गई। उद्योगों के सकल मूल्य वर्धन में पिछले वर्ष की तुलना में 25 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, जो राष्ट्रीय औसत 11.9 फीसदी से कहीं अधिक है।

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों और व्यवसाय के माहौल में सुधार के चलते निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा है। यह वृद्धि रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को गति देने में मदद करेगी।

निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि

उत्तर प्रदेश ने निर्यात के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दिखाई है। वित्त वर्ष 2016-17 में प्रदेश का कुल निर्यात 46 हजार करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 1.86 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष में नवंबर तक 1.31 लाख करोड़ रुपये का निर्यात किया जा चुका है।

वित्त मंत्री ने कहा कि निर्यात में वृद्धि से प्रदेश की अंतरराष्ट्रीय व्यापार पहचान मजबूत हुई है। कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र से जुड़े उत्पादों का निर्यात बढ़ने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

पिछले सात वर्षों में उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे, रेल नेटवर्क और हवाई अड्डों जैसी प्रमुख ढांचागत परियोजनाओं को पूरा किया गया है। इसके अलावा मेट्रो और रैपिड रेल परियोजनाओं की प्रगति भी उल्लेखनीय रही है।

सरकार ने कानपुर को ड्रोन हब के रूप में विकसित करने और राजधानी लखनऊ को एआई विशेष क्षेत्र बनाने की योजना का भी उल्लेख किया। इन परियोजनाओं से प्रदेश में उद्योग और तकनीकी विकास को बढ़ावा मिलेगा।

प्रदेश की आर्थिक तस्वीर

आर्थिक सर्वेक्षण से यह स्पष्ट होता है कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है। राजस्व में वृद्धि, उद्योगों की मजबूती, निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार प्रदेश को आर्थिक दृष्टि से आगे ले जा रहे हैं।

फाइनेंशियल मैनेजमेंट और कर्ज नियंत्रण की मजबूती से प्रदेश की वित्तीय स्थिति भी संतुलित बनी हुई है। यह सभी कारक उत्तर प्रदेश को निवेशकों के लिए आकर्षक बनाते हैं।

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