Gabba Cricket Stadium: सरकार का बड़ा फैसला, तोडा जाएगा ब्रिस्बेन क्रिकेट ग्राउंड

Gabba Cricket Stadium: सरकार का बड़ा फैसला, ब्रिस्बेन का ऐतिहासिक Gabba Cricket Stadium तोड़ा जाएगा। जानें इस फैसले के पीछे की वजह और नया स्टेडियम बनने की योजना

ब्रिस्बेन का ऐतिहासिक गाबा क्रिकेट स्टेडियम अब केवल यादों का हिस्सा बनने जा रहा है। क्वींसलैंड सरकार ने 2032 ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों के बाद इसे ध्वस्त करने का फैसला लिया हैं। 

स्पोर्ट्स न्यूज़: ब्रिस्बेन का ऐतिहासिक गाबा क्रिकेट स्टेडियम अब केवल यादों का हिस्सा बनने जा रहा है। क्वींसलैंड सरकार ने 2032 ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों के बाद इसे ध्वस्त करने का फैसला लिया है। इसके स्थान पर एक अत्याधुनिक 63,000 सीटों वाला स्टेडियम विक्टोरिया पार्क में बनाया जाएगा। यह परियोजना ऑस्ट्रेलियाई खेल जगत में अब तक के सबसे बड़े बुनियादी ढांचा सुधारों में से एक होगी।

क्यों लिया गया गाबा को तोड़ने का फैसला?

गाबा स्टेडियम, जिसे 1895 में बनाया गया था, अब अपनी क्षमता और सुविधाओं के मामले में आधुनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में असमर्थ हो गया है। 37,000 दर्शकों की वर्तमान क्षमता वाला यह स्टेडियम वर्षों से मरम्मत और नवीनीकरण की मांग कर रहा था, लेकिन बढ़ती लागत के कारण सरकार ने इसे पूरी तरह से नया रूप देने का निर्णय लिया हैं।

Gabba Cricket Stadium: सरकार का बड़ा फैसला, तोडा जाएगा ब्रिस्बेन क्रिकेट ग्राउंड

3.8 बिलियन डॉलर की लागत से बनेगा नया स्टेडियम

नए स्टेडियम के निर्माण पर 3.8 बिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर खर्च किए जाएंगे। यह न केवल क्रिकेट बल्कि अन्य खेलों जैसे ऑस्ट्रेलियन फुटबॉल लीग (AFL), रग्बी और अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए भी अनुकूल होगा। क्वींसलैंड सरकार का मानना है कि यह नया स्टेडियम ब्रिस्बेन को वैश्विक खेल आयोजनों का केंद्र बना देगा।

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और क्वींसलैंड क्रिकेट ने इस फैसले का समर्थन किया है। प्रारंभिक योजना के अनुसार, गाबा का पुनर्निर्माण किया जाना था, लेकिन बढ़ती लागतों को देखते हुए इसे तोड़कर नया स्टेडियम बनाने का निर्णय लिया गया।

गाबा: इतिहास का स्वर्णिम पन्ना

Gabba Cricket Stadium: सरकार का बड़ा फैसला, तोडा जाएगा ब्रिस्बेन क्रिकेट ग्राउंड

गाबा केवल एक स्टेडियम नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय रहा है। 2021 में भारतीय क्रिकेट टीम ने इस मैदान पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। ऋषभ पंत की नाबाद 89 रनों की पारी और शुभमन गिल (91) के शानदार प्रदर्शन ने ऑस्ट्रेलिया के 32 साल के अजेय रिकॉर्ड को तोड़ दिया था। इसी जीत के बाद प्रसिद्ध कमेंट्री लाइन "टूटा है गाबा का घमंड" भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक यादगार वाक्य बन गई थी।

2032 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए सरकार का मानना है कि ब्रिस्बेन को एक विश्वस्तरीय खेल परिसर की जरूरत है। नया स्टेडियम अत्याधुनिक तकनीकों से लैस होगा और इसे बहुउद्देश्यीय बनाया जाएगा। यह ब्रिस्बेन को न केवल खेलों के लिए बल्कि पर्यटन के लिए भी एक प्रमुख केंद्र बना देगा। गाबा का अंत एक नए युग की शुरुआत का संकेत है, जहां भविष्य के खेल प्रेमियों को बेहतरीन सुविधाएं मिलेंगी। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह खबर भावनात्मक हो सकती है, लेकिन नया स्टेडियम खेलों के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत करेगा।

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