गौतम अदाणी की अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स छह एयरपोर्ट्स के विस्तार के लिए ₹1,500 करोड़ बॉन्ड जारी करेगी। बॉन्ड पर 8.45% तिमाही ब्याज मिलेगा। एयरपोर्ट्स में ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाई जाएगी और तकनीकी उन्नयन किया जाएगा।
Business: गौतम अदाणी के नेतृत्व वाली अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) ने अपने छह प्रमुख एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 1,500 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी तीन साल की अवधि के बॉन्ड 8.45 प्रतिशत ब्याज दर पर जारी करेगी, जिसमें निवेशकों को हर तिमाही ब्याज भुगतान मिलेगा।
इस फंडरेजिंग का उद्देश्य अहमदाबाद, लखनऊ, मंगलुरु, जयपुर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट के विस्तार और कैपेक्स जरूरतों को पूरा करना है। सूत्रों के मुताबिक यह बॉन्ड इश्यू समूह स्तर पर सीमित स्ट्रक्चर में किया जा रहा है, यानी सभी छह एयरपोर्ट को एक साथ जोड़कर अतिरिक्त कर्ज लेने पर रोक रखी जाएगी। इंडिया रेटिंग्स ने इस बॉन्ड को AA– रेटिंग दी है और ट्रस्ट इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स इस इश्यू के अरेंजर हैं।
एयरपोर्ट विस्तार
इन छह एयरपोर्ट की कुल सालाना यात्री क्षमता वर्तमान में लगभग 3.9 करोड़ है। अनुमान है कि वित्त वर्ष 2030 तक यह क्षमता दोगुनी हो जाएगी। ये एयरपोर्ट देश के बड़े शहरों या राज्य की राजधानियों में स्थित हैं, इसलिए यात्री और कार्गो दोनों के लिए इनका महत्व बहुत बड़ा है। अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स की योजना इन एयरपोर्ट्स के इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने, यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने और ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित है।
कंपनी ने पहले भी FY24 और FY25 में 400 करोड़ रुपये के नॉन कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) जारी किए थे, जिनकी मैच्योरिटी 2027 से 2029 के बीच है और उनका इस्तेमाल कैपेक्स जरूरतों के लिए किया गया था।
फंडिंग स्ट्रक्चर और निवेशकों के लिए मौका
इस बॉन्ड इश्यू के जरिए निवेशकों को तीन साल की अवधि में नियमित तिमाही ब्याज मिलने का अवसर मिलेगा। यह स्ट्रक्चर विशेष रूप से स्थिर और संरक्षित माना जा रहा है, क्योंकि सभी छह एयरपोर्ट्स को एक ही फंडिंग फ्रेमवर्क में रखा गया है। इसका मतलब है कि निवेशक अलग-अलग एयरपोर्ट में निवेश करने की बजाय एक साथ पूरे पोर्टफोलियो में हिस्सेदारी पा सकेंगे। इंडिया रेटिंग्स ने इस बॉन्ड को AA– रेटिंग देकर इसकी विश्वसनीयता को सुनिश्चित किया है, जो निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर बनाता है।
अदाणी ग्रुप की फंडिंग रणनीति
यह बॉन्ड इश्यू ऐसे समय आ रहा है जब अदाणी ग्रुप घरेलू कर्ज बाजार में फिर से सक्रिय हुआ है। इसी महीने अदाणी पावर ने 7,500 करोड़ रुपये NCD के जरिए जुटाने की घोषणा की है। पिछले 15 महीनों में समूह की पांच प्रमुख कंपनियों ने मिलकर करीब 14,000 से 15,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं।
इससे यह साफ संकेत मिलता है कि अदाणी ग्रुप एयरपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में विस्तार के लिए आक्रामक फंडिंग रणनीति पर काम कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि समूह का यह कदम भारतीय हवाई अड्डों के क्षेत्र में निवेशकों और कॉर्पोरेट खिलाड़ियों के लिए नई संभावनाएं खोल सकता है।
क्या है गौतम अदाणी का लक्ष्य
अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स का लक्ष्य न केवल मौजूदा एयरपोर्ट्स की ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाना है, बल्कि भविष्य के यात्री ट्रैफिक और कॉमर्शियल अवसरों को ध्यान में रखते हुए इन एयरपोर्ट्स को टेक्नोलॉजी और सुविधा की दृष्टि से अपग्रेड करना है।
समूह की योजना है कि सभी छह एयरपोर्ट्स में कैपेक्स निवेश और तकनीकी उन्नयन के जरिए यात्री अनुभव को बेहतर बनाया जाए और एयरपोर्ट्स का सालाना राजस्व क्षमता बढ़े। निवेशकों के लिए यह बॉन्ड इसलिए भी आकर्षक है क्योंकि इसमें तिमाही ब्याज का भुगतान सुनिश्चित है और रेटिंग AA– होने के कारण यह सुरक्षित निवेश माना जाता है।
वित्तीय बाज़ार पर प्रभाव
अदाणी ग्रुप की फंडिंग गतिविधियां निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बन चुकी हैं। लगातार बड़े स्तर पर बॉन्ड और NCD जारी करने से समूह ने यह दिखा दिया है कि वह एयरपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार में लंबी अवधि की योजना पर काम कर रहा है।












