बिहार के गया जिले के गुरपा इलाके में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां 1000 वोल्ट का बिजली तार अचानक गिरने से करंट लगने से 6 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, ये मवेशी रोज की तरह जंगल में चारा खाने गए थे और वापस अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में अचानक एक हाई वोल्टेज बिजली का तार जमीन पर गिरा हुआ था, जिसकी चपेट में आकर सभी मवेशी करंट की चपेट में आ गए। करंट इतना तेज था कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला और सभी की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। मवेशियों को इस हालत में देखकर लोगों में गहरा दुख और गुस्सा दोनों देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है। उनका आरोप है कि लंबे समय से तारों की स्थिति खराब थी, लेकिन शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इलाके में कई जगहों पर बिजली के तार झुके हुए हैं और पोल भी जर्जर हालत में हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस घटना के बाद लोगों में डर का माहौल है और वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है और पीड़ित पशुपालकों को मुआवजा देने की बात कही है।
यह हादसा न केवल आर्थिक नुकसान है, बल्कि ग्रामीणों के लिए भावनात्मक झटका भी है, क्योंकि मवेशी उनके जीवनयापन का प्रमुख साधन होते हैं। एक साथ 6 मवेशियों की मौत ने प्रभावित परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है, अगर समय-समय पर बिजली लाइनों की जांच और रखरखाव किया जाए। लापरवाही के कारण न सिर्फ जानवरों, बल्कि इंसानों की जान भी खतरे में पड़ सकती है।
फिलहाल ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों पर कार्रवाई की जाए और जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को कुछ राहत मिल सके।
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि बुनियादी ढांचे की अनदेखी किस तरह बड़े हादसों को जन्म दे सकती है। समय रहते सुधार नहीं किए गए, तो भविष्य में और भी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं।











