गिरिडीह जिले के डुमरी इलाके में सड़क पर खड़े ट्रक से एक हाइवा की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि हाइवा का केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक उसी के अंदर फंस गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और राहत टीम ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। केबिन के क्षतिग्रस्त हिस्से को हटाने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल किया गया, जबकि क्रेन और जेसीबी की मदद से वाहनों को नियंत्रित करते हुए चालक को बाहर निकालने का प्रयास किया गया।
घटना के बाद सड़क पर कुछ समय के लिए आवाजाही भी प्रभावित हुई। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों की स्थिति को देखते हुए सामान्य तरीके से चालक को निकालना संभव नहीं था, इसलिए मशीनों और कटिंग उपकरणों की मदद लेनी पड़ी। काफी मशक्कत के बाद केबिन में फंसे चालक को बाहर निकालने की कार्रवाई की गई। उपलब्ध रिपोर्टों में ऐसे हादसों में पुलिस द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू करने की जानकारी दी गई है।
बताया जा रहा है कि खड़े भारी वाहन से टक्कर के कारण हाइवा के आगे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। चालक के केबिन के दब जाने की वजह से रेस्क्यू टीम को सबसे पहले वाहन के क्षतिग्रस्त हिस्से को सुरक्षित तरीके से हटाना पड़ा। गैस कटर से लोहे के हिस्सों को काटा गया और इसके बाद क्रेन तथा जेसीबी की सहायता से वाहन को थोड़ा हटाकर अंदर फंसे व्यक्ति तक पहुंच बनाई गई। इस तरह के रेस्क्यू में मशीनरी को सावधानी से इस्तेमाल करना पड़ता है, क्योंकि वाहन का कोई हिस्सा अचानक खिसकने से अंदर फंसे व्यक्ति को और नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है।
घटना के बाद पुलिस ने दुर्घटना के कारणों को लेकर जांच शुरू की। हादसा किस परिस्थिति में हुआ, सड़क पर खड़ा ट्रक किस वजह से वहां मौजूद था और हाइवा किस दिशा से आ रहा था, इन बिंदुओं की जांच की जा रही है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि पुलिस की जांच और घटनास्थल से जुटाए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर होगी।
गिरिडीह-डुमरी मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही रहती है और सड़क पर खराब या खड़े वाहनों के कारण पीछे से टक्कर की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। हाल में गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र में भी जीटी रोड पर सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से दूसरे ट्रक की टक्कर हुई थी, जिसमें चालक केबिन में फंस गया था और बाद में उसकी मौत हो गई।
डुमरी की इस घटना के बाद एक बार फिर सड़क पर खड़े भारी वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठते हैं। रात के समय खराब वाहन को सड़क पर खड़ा करने की स्थिति में दूसरे वाहन चालकों को पहले से चेतावनी देने के लिए पर्याप्त संकेतक, रिफ्लेक्टर या अन्य सुरक्षा इंतजाम जरूरी होते हैं। हालांकि इस विशेष हादसे में ऐसे संकेतक मौजूद थे या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस की जांच में वाहनों की स्थिति, सड़क की स्थिति, दुर्घटना स्थल के आसपास मौजूद लोगों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को शामिल किया जा सकता है। हादसे के बाद क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने और यातायात सामान्य करने की कार्रवाई भी की गई। घटना ने एक बार फिर यह दिखाया कि भारी वाहनों की आवाजाही वाले मार्गों पर सड़क किनारे खड़े वाहनों को लेकर अतिरिक्त सावधानी की जरूरत है।












