बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद Small Cap Funds में निवेश लगातार बढ़ रहा है। फरवरी में इस कैटेगरी में ₹3,881 करोड़ का इनफ्लो आया, जिससे साफ है कि निवेशक गिरावट को निवेश के मौके के रूप में देख रहे हैं।
Small cap Funds: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और गिरावट के बावजूद निवेशकों का भरोसा इक्विटी म्युचुअल फंड्स पर बना हुआ है। खासकर Small Cap Funds में लगातार निवेश देखने को मिल रहा है। फरवरी महीने के आंकड़े बताते हैं कि बाजार में कमजोरी के बावजूद निवेशकों ने इस हाई रिस्क कैटेगरी में जमकर पैसा लगाया है।
मिड कैप और स्मॉल कैप जैसे सेगमेंट को आमतौर पर ज्यादा जोखिम वाला माना जाता है, लेकिन इसके बावजूद इनमें निवेश बढ़ना यह दिखाता है कि निवेशक अब लंबी अवधि के नजरिए से मौके तलाश रहे हैं।
इक्विटी फंड्स में बढ़ा इनफ्लो
एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया के अनुसार फरवरी 2026 में इक्विटी म्युचुअल फंड्स में कुल 25,978 करोड़ रुपये का निवेश आया। यह पिछले महीने के मुकाबले लगभग 8 प्रतिशत अधिक है।
अगर सिर्फ Small Cap Funds की बात करें तो फरवरी में इस कैटेगरी में 3,881 करोड़ रुपये का इनफ्लो दर्ज किया गया। जनवरी 2026 में यह आंकड़ा 2,942 करोड़ रुपये था, जबकि दिसंबर 2025 में 3,823 करोड़ रुपये का निवेश आया था।
पिछले छह महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो हर महीने इस सेगमेंट में मजबूत निवेश देखने को मिला है। यह ट्रेंड साफ संकेत देता है कि निवेशकों का भरोसा इस कैटेगरी में लगातार बढ़ रहा है।
Small Cap Funds में लगातार निवेश का ट्रेंड
बीते कुछ महीनों में Small Cap Funds में लगातार इनफ्लो बना हुआ है। सितंबर 2025 से लेकर फरवरी 2026 तक हर महीने निवेशकों ने इस सेगमेंट में हजारों करोड़ रुपये लगाए हैं।
नवंबर 2025 और सितंबर 2025 जैसे महीनों में भी 4,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश आया। इससे यह स्पष्ट होता है कि बाजार की गिरावट के बावजूद निवेशकों का रुझान इस कैटेगरी से कम नहीं हुआ है।
निवेशकों को Small Cap Funds क्यों आ रहे पसंद
एक्सपर्ट्स के मुताबिक Small Cap Funds में निवेश बढ़ने के पीछे दो मुख्य कारण हैं। पहला, इन कंपनियों में उच्च ग्रोथ की संभावना और दूसरा, मौजूदा समय में आकर्षक वैल्यूएशन। जब अर्थव्यवस्था विस्तार के दौर में होती है, तब छोटी कंपनियों के पास तेजी से बढ़ने का ज्यादा अवसर होता है। इसी वजह से निवेशक इन कंपनियों में भविष्य की संभावनाएं देखते हैं।
दूसरी तरफ, हालिया गिरावट के कारण कई स्मॉल कैप शेयर अपने उच्च स्तर से काफी नीचे आ चुके हैं। इससे निवेशकों को बेहतर एंट्री पॉइंट मिल रहा है। इस स्थिति को सेफ्टी मार्जिन के रूप में भी देखा जा रहा है।
बाजार की गिरावट में भी बना भरोसा
ग्लोबल स्तर पर चल रहे तनाव और बाजार में अस्थिरता के बावजूद निवेशकों की दिलचस्पी इक्विटी में बनी हुई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अब निवेशक वैल्यूएशन को बेहतर तरीके से समझने लगे हैं।
यानी, जब बाजार गिरता है तो निवेशक घबराने के बजाय अच्छे फंड्स और स्टॉक्स में निवेश के मौके तलाशते हैं। यही कारण है कि मिड कैप और Small Cap Funds में लगातार निवेश जारी है। यह भी संकेत देता है कि निवेशकों का नजरिया अब शॉर्ट टर्म के बजाय लॉन्ग टर्म की तरफ बढ़ रहा है।
Top Small Cap Funds का प्रदर्शन
बीते एक साल में कई Small Cap Funds ने अच्छा रिटर्न दिया है। कुछ टॉप फंड्स ने 10 से 15 प्रतिशत तक का रिटर्न दिया है, जो मौजूदा बाजार परिस्थितियों में बेहतर माना जा सकता है।
Union Small Cap Fund ने लगभग 14.92 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। TRUST MF Small Cap Fund ने करीब 14.68 प्रतिशत का रिटर्न दिया।
DSP Small Cap Fund ने 12.29 प्रतिशत का रिटर्न दिया, जबकि ABSL Small Cap Fund ने 10.84 प्रतिशत और Invesco India Smallcap Fund ने 10.66 प्रतिशत का रिटर्न दिया। इन आंकड़ों से यह साफ होता है कि सही फंड चुनने पर Small Cap Funds निवेशकों को अच्छा रिटर्न दे सकते हैं।
Small Cap Funds क्या होते हैं
Small Cap Funds ऐसे म्युचुअल फंड होते हैं, जो मुख्य रूप से छोटी कंपनियों में निवेश करते हैं। इन कंपनियों का मार्केट कैप कम होता है और ये आमतौर पर मार्केट कैप रैंकिंग में 251वें स्थान से नीचे आती हैं।
इन कंपनियों में तेजी से ग्रोथ की संभावना होती है, लेकिन इनके साथ जोखिम भी ज्यादा जुड़ा होता है। फंड मैनेजर कंपनियों का चयन उनके ग्रोथ पोटेंशियल के आधार पर करते हैं। इसलिए इन फंड्स में निवेश करते समय निवेशकों को जोखिम को समझना जरूरी होता है।
किन निवेशकों के लिए सही हैं Small Cap Funds
Small Cap Funds उन निवेशकों के लिए बेहतर माने जाते हैं, जो ज्यादा जोखिम लेने के लिए तैयार हैं और लंबी अवधि तक निवेश बनाए रख सकते हैं।
इस कैटेगरी में उतार-चढ़ाव ज्यादा होता है, इसलिए शॉर्ट टर्म निवेशकों के लिए यह सही विकल्प नहीं माना जाता। वहीं, जो निवेशक बाजार की अस्थिरता को समझते हैं और लंबे समय तक निवेश बनाए रख सकते हैं, उनके लिए यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है।








