Gold Price 2026: महंगाई और डॉलर की मार! ₹1.27 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है सोने का भाव

Gold Price 2026 अपडेट: महंगाई और डॉलर की बढ़ती कीमतों के बीच सोने का भाव ₹1.27 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने का अनुमान। जानें आज के ताजा रेट और निवेश की सलाह।

सोने की चमक पर पिछले कुछ समय से ग्रहण लगा हुआ है। लंबे समय से सुरक्षित निवेश माना जाने वाला सोना अब निवेशकों के लिए चिंता का कारण बन गया है। अमेरिका-ईरान युद्ध की शुरुआत में सोने की कीमतें लगभग ₹1,60,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई थीं, लेकिन पिछले हफ्ते यह धड़ाम होकर ₹1,44,825 के स्तर पर बंद हुई।

Gold Price: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिकी डॉलर की मजबूती के बीच सोने की कीमतें निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई हैं। लंबे समय तक सुरक्षित निवेश के तौर पर देखा जाने वाला सोना अब निवेशकों के लिए उतना आकर्षक नहीं रहा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में सोने का भाव भारत में ₹1,27,000 प्रति 10 ग्राम तक गिर सकता है।

हाल ही में, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के चलते सोना लगभग ₹1,60,000 के स्तर तक पहुंच गया था, लेकिन वैश्विक और घरेलू आर्थिक दबावों के कारण पिछले हफ्ते यह गिरकर ₹1,44,825 के स्तर पर बंद हुआ। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह गिरावट फिलहाल यहीं नहीं रुकेगी और तकनीकी रूप से सोना एक करेक्शन फेज में प्रवेश कर चुका है।

कच्चे तेल की कीमतों और महंगाई का दबाव

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव ने वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ला दिया है। इज़राइल द्वारा ईरान के गैस क्षेत्रों पर हमला और ईरान की जवाबी कार्रवाई ने तेल की कीमतों को बढ़ा दिया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर माल ढुलाई, ईंधन और आयातित वस्तुओं की महंगाई पर पड़ता है। एसएस वेल्थस्ट्रीट की एक्सपर्ट सुगंधा सचदेवा के मुताबिक, तेल की बढ़ती कीमतें वैश्विक महंगाई (Global Inflation) को बढ़ावा दे रही हैं। महंगाई बढ़ने का असर सोने के बाजार पर नकारात्मक होता है, क्योंकि निवेशक उच्च रिटर्न वाले साधनों की ओर रुख करते हैं।

आमतौर पर युद्ध और वैश्विक तनाव के समय सोने की कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन इस बार मजबूत अमेरिकी डॉलर ने सोने के बाजार को प्रभावित किया है। डॉलर इंडेक्स हाल ही में 95.50 से बढ़कर 100 के पार पहुंच गया। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत बढ़ती है, जिससे अमेरिकी डॉलर में सोना खरीदना महंगा हो जाता है। इसके साथ ही, यूएस फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ इंग्लैंड जैसी केंद्रीय बैंकिंग संस्थाओं ने महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरें उच्च रखने के संकेत दिए हैं।

उच्च ब्याज दरों के समय निवेशक सोने की बजाय बॉन्ड, स्टॉक और बैंक डिपॉजिट में पैसा लगाना ज्यादा पसंद करते हैं। इसका असर भारत सहित अन्य देशों में सोने की मांग पर पड़ता है।

आने वाले दिनों का रुझान

विशेषज्ञों का मानना है कि शॉर्ट टर्म में सोने का भाव ₹1,40,000 से ₹1,47,000 के बीच रह सकता है। यदि वैश्विक परिस्थितियां जैसे डॉलर मजबूती, तेल की कीमतों में स्थिरता और केंद्रीय बैंकों की नीतियां सुधार नहीं होती हैं, तो सोने का भाव और गिरकर ₹1,27,000 प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें $4,250 प्रति औंस के स्तर को छू सकती हैं। इसका सीधा असर भारतीय सोना बाजार और ज्वैलरी इंडस्ट्री पर भी पड़ सकता है।

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