Gold Silver Price: एक हफ्ते में चांदी ₹13,000 महंगी, सोने में भी जोरदार उछाल; जानें आज का भाव

सोने-चांदी के दाम में बड़ी तेजी देखने को मिल रही है। एक हफ्ते में चांदी ₹13,000 तक महंगी हो गई है, जबकि सोने के भाव में भी जोरदार उछाल आया है। जानिए आज का ताजा

वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच सोना और चांदी की कीमतों में पिछले एक सप्ताह में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई है। निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी और अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों के चलते दोनों कीमती धातुओं ने मजबूत प्रदर्शन किया है। 

बिजनेस न्यूज़: वैश्विक बाजार में बदलते हालात के बीच सोना और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। बीते एक सप्ताह में चांदी की कीमत में करीब ₹13,000 प्रति किलो का उछाल आया है, जबकि सोना भी लगभग ₹3,000 से ₹3,500 तक महंगा हो गया है। इस तेजी के पीछे कई बड़े कारण माने जा रहे हैं। 

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के तौर पर सोना-चांदी की ओर रुख कर रहे हैं। इसके अलावा डॉलर में कमजोरी और ब्याज दरों को लेकर असमंजस भी इन धातुओं की कीमतों को समर्थन दे रहा है।

ताजा कीमतें: MCX और अंतरराष्ट्रीय बाजार

भारत के प्रमुख कमोडिटी एक्सचेंज Multi Commodity Exchange (MCX) पर सोने की कीमत लगभग ₹1,52,690 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई, जो पिछले सप्ताह की तुलना में करीब ₹3,000 से ₹3,500 की वृद्धि दर्शाती है। वहीं चांदी की कीमतों में और भी अधिक उछाल देखने को मिला है। MCX पर चांदी ₹2,43,274 प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई, जो एक सप्ताह में लगभग ₹13,000 की बढ़ोतरी को दर्शाता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इसी तरह का रुझान देखने को मिला। COMEX (COMEX) पर सोना लगभग 4,787 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस और चांदी 76.48 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के आसपास बंद हुई।

क्यों बढ़ रही हैं सोना-चांदी की कीमतें?

विशेषज्ञों के अनुसार, हालिया तेजी के पीछे कई वैश्विक कारक जिम्मेदार हैं। प्रमुख कारणों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में कमी और संभावित कूटनीतिक समाधान की उम्मीद शामिल है। इससे बाजार में अस्थिरता कम होने की संभावना बढ़ी है, लेकिन निवेशकों ने सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) के तौर पर सोना-चांदी में निवेश बढ़ाया है।

इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने भी बाजार को प्रभावित किया है। तेल सस्ता होने से वैश्विक महंगाई पर दबाव कम होता है, जिससे केंद्रीय बैंकों की नीतियों में बदलाव की उम्मीद बढ़ती है।

डॉलर में कमजोरी का असर

अमेरिकी डॉलर की कमजोरी भी सोने और चांदी की कीमतों को बढ़ाने वाला एक अहम कारक है। जब डॉलर कमजोर होता है, तो अन्य मुद्राओं में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए सोना और चांदी सस्ते हो जाते हैं, जिससे उनकी मांग बढ़ जाती है। अमेरिका के केंद्रीय बैंक Federal Reserve द्वारा ब्याज दरों में संभावित कटौती की उम्मीद भी इन धातुओं की कीमतों को समर्थन दे रही है। जब ब्याज दरें कम होती हैं, तो बॉन्ड जैसे निवेश कम आकर्षक हो जाते हैं, और निवेशक सोना-चांदी की ओर रुख करते हैं।

इस बार चांदी ने सोने से बेहतर प्रदर्शन किया है। एक सप्ताह में लगभग 4.8% की वृद्धि के साथ चांदी निवेशकों के लिए अधिक लाभदायक साबित हुई है। इसके पीछे औद्योगिक मांग में वृद्धि भी एक बड़ा कारण है, क्योंकि चांदी का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में व्यापक रूप से होता है।

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