इंडक्शन कुकटॉप खरीदते समय CRS Mark की जांच बेहद जरूरी है, क्योंकि यह BIS द्वारा जारी सुरक्षा प्रमाणन होता है। बिना इस मार्क वाले प्रोडक्ट्स में करंट, ओवरहीटिंग और आग लगने का खतरा बढ़ सकता है, जबकि प्रमाणित इंडक्शन सुरक्षित और भरोसेमंद होते हैं।
CRS Mark Induction Safety: भारत में इंडक्शन कुकटॉप खरीदते समय Bureau of Indian Standards (BIS) द्वारा जारी CRS Mark को जांचना जरूरी बताया गया है। उपभोक्ता मामलों के विभाग ने हाल ही में लोगों को इस बारे में जागरूक किया है। यह मार्क यह सुनिश्चित करता है कि प्रोडक्ट सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है। बिना CRS Mark वाले इंडक्शन में इलेक्ट्रिक शॉक, ओवरहीटिंग और आग जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए सुरक्षित और प्रमाणित प्रोडक्ट चुनना जरूरी है।
CRS Mark क्या है और क्यों जरूरी
CRS Mark दरअसल Bureau of Indian Standards (BIS) की Compulsory Registration Scheme के तहत दिया जाने वाला सर्टिफिकेशन है। यह बताता है कि संबंधित इंडक्शन कुकटॉप भारतीय सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है।
इस मार्क के साथ एक यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर (R-XXXXXXXX) भी होता है, जिससे प्रोडक्ट की पहचान की जा सकती है। बिना इस मार्क वाले प्रोडक्ट्स में सुरक्षा से जुड़े जोखिम ज्यादा हो सकते हैं।

बिना CRS Mark के क्या खतरे
सरकार के मुताबिक, बिना CRS Mark वाले इंडक्शन कुकटॉप्स में इलेक्ट्रिक शॉक, ओवरहीटिंग और आग लगने जैसी समस्याओं का खतरा बना रहता है। ऐसे प्रोडक्ट्स में जरूरी सेफ्टी फीचर्स की कमी हो सकती है।
सस्ते और अनब्रांडेड विकल्पों के चलते कई लोग बिना जांचे खरीदारी कर लेते हैं, जिससे न सिर्फ डिवाइस बल्कि यूजर की सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाती है।
CRS Mark वाले इंडक्शन के फायदे
CRS प्रमाणित इंडक्शन कुकटॉप्स में बेहतर इंसुलेशन होता है, जिससे करंट लगने का खतरा कम हो जाता है। इसके अलावा, इनमें ओवरहीटिंग होने पर ऑटो कट-ऑफ जैसे फीचर्स भी मौजूद होते हैं।
इनकी सतह अपेक्षाकृत सुरक्षित रहती है और हीट सीधे बर्तन तक पहुंचती है, जिससे जलने का जोखिम कम होता है। साथ ही, इनका डिजाइन स्थिर होता है, जिससे बर्तन फिसलने या गिरने की संभावना भी घट जाती है।










