Gold Silver Price: सोना-चांदी में जोरदार उछाल, 2 दिन में चांदी 20,000 ऊपर; चेक करें लेटेस्ट रेट

MCX पर दो सत्र में चांदी 20,000 रुपये चढ़ी, सोना 5,000 रुपये से ज्यादा उछला। वैश्विक संकेत, फेड नीति और भू-राजनीतिक हालात से बाजार में तेज हलचल।

दो कारोबारी सत्र में चांदी 20,000 रुपये महंगी होकर 2,45,213 रुपये प्रति किलो पहुंची। सोना 5,000 रुपये से ज्यादा चढ़ा। वैश्विक संकेत, फेड नीति और भू-राजनीतिक तनाव से कीमती धातुओं में तेज उतार-चढ़ाव दर्ज हुआ।

Gold Silver Price: घरेलू और वैश्विक बाजारों में सोना और चांदी की कीमतों ने एक बार फिर निवेशकों को चौंका दिया है। सिर्फ दो कारोबारी सत्रों में चांदी करीब 20,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक महंगी हो गई, जबकि सोने के दाम में भी 5,000 रुपये से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। इस अचानक उछाल ने ट्रेडर्स, निवेशकों और ज्वेलरी बाजार में हलचल बढ़ा दी है।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कीमतों में यह तेजी मजबूत ट्रेंड का संकेत दे सकती है, लेकिन निकट अवधि में उतार-चढ़ाव से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय सोच-समझकर रणनीति बनानी चाहिए।

MCX पर सोना-चांदी के ताजा रेट

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर अप्रैल 2026 डिलीवरी वाला सोना फ्यूचर्स दो दिनों में 5,000 रुपये से ज्यादा चढ़कर 1,55,761 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। यह तेजी संकेत देती है कि बाजार में सोने की मांग मजबूत बनी हुई है।

वहीं मार्च 2026 सेटलमेंट वाली चांदी फ्यूचर्स में और भी बड़ा उछाल देखने को मिला। चांदी करीब 20,000 रुपये की तेजी के साथ 2,45,213 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। इतनी बड़ी तेजी कम समय में आना आम नहीं है, इसलिए बाजार में उत्साह के साथ सतर्कता भी देखी जा रही है।

यह तेजी सिर्फ निवेशकों तक सीमित नहीं रही। ज्वेलरी कारोबारियों और इंडस्ट्रियल यूजर्स पर भी इसका असर पड़ सकता है, क्योंकि चांदी का उपयोग आभूषण के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्रों में भी होता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी मजबूती

वैश्विक बाजार में भी कीमती धातुओं की कीमतों में मजबूती दर्ज की गई। स्पॉट गोल्ड लगातार दो सत्र की गिरावट के बाद संभलते हुए लगभग 5,000 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया।

चांदी भी उछलकर करीब 77.91 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह तेजी घरेलू कीमतों को भी सहारा दे रही है।

हाल के दिनों में एशियाई बाजारों में छुट्टियों के कारण ट्रेडिंग वॉल्यूम कम रहा। सीमित लिक्विडिटी के कारण कीमतों में तेज और अचानक उतार-चढ़ाव देखने को मिला। जब बाजार में भागीदारी कम होती है, तो थोड़े से ऑर्डर भी कीमतों को तेजी से ऊपर या नीचे ले जा सकते हैं।

फेड संकेतों पर टिकी बाजार की नजर

बाजार की नजर अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी यानी FOMC की बैठक के मिनट्स और कोर PCE महंगाई आंकड़ों पर टिकी हुई है। अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

कुछ फेड अधिकारी ब्याज दरों को फिलहाल स्थिर रखने के पक्ष में हैं। वहीं कुछ का मानना है कि यदि महंगाई 2 प्रतिशत के लक्ष्य के करीब आती है, तो दरों में कटौती की जा सकती है।

ब्याज दरों में बदलाव का सीधा असर सोना और चांदी की कीमतों पर पड़ता है। जब दरें कम होती हैं, तो सोना जैसे गैर-ब्याज देने वाले निवेश अधिक आकर्षक हो जाते हैं। इसी वजह से फेड के हर संकेत पर बाजार की पैनी नजर रहती है।

भू-राजनीतिक हालात का असर

ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता से भू-राजनीतिक तनाव में कुछ कमी आई थी, जिससे शुरुआती दौर में सोने की कीमतों पर हल्का दबाव देखा गया। लेकिन बाद में कीमतें फिर संभल गईं।

आमतौर पर जब वैश्विक तनाव बढ़ता है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोने की ओर रुख करते हैं। इसे सेफ हेवन एसेट माना जाता है। यही वजह है कि भू-राजनीतिक घटनाएं सोने की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाती हैं।

क्या लंबी अवधि का ट्रेंड मजबूत

विशेषज्ञों का मानना है कि हाल की ऊंचाई से मुनाफावसूली के बावजूद सोना पिछले कुछ हफ्तों के मुकाबले अब भी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। इससे संकेत मिलता है कि लंबी अवधि का ट्रेंड पूरी तरह कमजोर नहीं पड़ा है।

हालांकि मौजूदा तेजी के बाद कुछ समय के लिए ठहराव या करेक्शन देखने को मिल सकता है। यह सामान्य बाजार प्रक्रिया है। तेज उछाल के बाद निवेशक मुनाफावसूली करते हैं, जिससे कीमतों में अस्थायी गिरावट आ सकती है।

चांदी की बात करें तो इसमें अस्थिरता ज्यादा रहती है। इंडस्ट्रियल डिमांड और निवेश मांग दोनों का असर चांदी पर पड़ता है। इसलिए इसमें तेजी और गिरावट दोनों अधिक तीव्र हो सकती हैं।

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