Indian Institute of Technology Mandi ने Summer Internship Program 2026 शुरू किया है, जिसमें छात्रों को हर महीने 10,000 रुपये स्टाइपेंड और रिसर्च का अवसर मिलेगा। यह प्रोग्राम इंजीनियरिंग और साइंस छात्रों को नई तकनीकों, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और करियर में आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण मौका देगा।
IIT Mandi Summer Internship 2026: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी ने छात्रों के लिए समर इंटर्नशिप प्रोग्राम की घोषणा की है, जो हिमाचल प्रदेश स्थित कैंपस में 25 मई 2026 से शुरू होगा। इस प्रोग्राम में इंजीनियरिंग और पोस्टग्रेजुएट छात्र अनुभवी फैकल्टी के साथ रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे और हर महीने 10,000 रुपये स्टाइपेंड प्राप्त करेंगे। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को व्यावहारिक अनुभव, आधुनिक तकनीकी कौशल और रिसर्च एक्सपोजर देना है, जिससे उनका करियर और अकादमिक प्रोफाइल मजबूत हो सके।
स्टाइपेंड और अवधि
IIT मंडी समर इंटर्नशिप 2026 की अवधि दो महीने की होगी, जिसमें छात्रों को हर महीने 10,000 रुपये का स्टाइपेंड दिया जाएगा। यानी पूरी इंटर्नशिप के दौरान कुल 20,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी।
इंटर्नशिप पूरा करने के बाद छात्रों को आधिकारिक सर्टिफिकेट भी मिलेगा, जो आगे की पढ़ाई, रिसर्च और नौकरी के अवसरों में काफी मददगार साबित हो सकता है। यह अनुभव छात्रों के प्रोफेशनल प्रोफाइल को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

कौन कर सकता है आवेदन और किन विषयों में मिलेगा मौका
इस इंटर्नशिप के लिए इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी में पढ़ रहे प्री-फाइनल ईयर के अंडरग्रेजुएट छात्र आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा पोस्टग्रेजुएट कोर्स के पहले वर्ष में पढ़ रहे छात्र भी पात्र हैं, बशर्ते उनके संस्थान का IIT मंडी के साथ आधिकारिक समझौता (MoU) हो।
छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, बायोसाइंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी, फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स जैसे प्रमुख क्षेत्रों में रिसर्च का अवसर मिलेगा। यह अवसर नई तकनीकों और उभरते क्षेत्रों में विशेषज्ञता विकसित करने में मदद करेगा।
आवेदन प्रक्रिया और करियर के बड़े फायदे
इच्छुक छात्र IIT मंडी की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 30 मार्च 2026 है, जबकि इंटर्नशिप 25 मई 2026 से शुरू होगी। चयन प्रक्रिया में छात्रों की अकादमिक योग्यता और रिसर्च में रुचि को ध्यान में रखा जाएगा।
इस इंटर्नशिप के दौरान छात्रों को अत्याधुनिक लैब, अनुभवी प्रोफेसरों का मार्गदर्शन और वास्तविक रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर काम करने का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें उच्च शिक्षा, रिसर्च और बड़ी टेक कंपनियों में करियर बनाने में महत्वपूर्ण बढ़त मिल सकती है।









