हॉलीवुड की ऑस्कर विजेता अभिनेत्री जूलिया रॉबर्ट्स ने हाल ही में एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि भारतीय संत Neem Karoli Baba (नीम करौली बाबा) की एक तस्वीर ने उनके जीवन की दिशा बदल दी।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: हॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री जूलिया रॉबर्ट्स ने एक हालिया इंटरव्यू में खुलासा किया कि संत नीम करोली बाबा की एक तस्वीर ने उनके जीवन पर गहरा प्रभाव डाला और उसी के बाद उनका झुकाव हिंदू धर्म की ओर बढ़ा। उन्होंने बताया कि वह कभी नीम करोली बाबा से व्यक्तिगत रूप से नहीं मिलीं, लेकिन उनकी एक तस्वीर देखने के बाद उनके भीतर आध्यात्मिक परिवर्तन शुरू हुआ।
उनके अनुसार, जीवन में बदलाव लाने के लिए कभी-कभी एक प्रेरणादायक क्षण या छवि ही काफी होती है। जूलिया रॉबर्ट्स ने यह बात हाल ही में अमेरिकी टीवी शो Good Morning America में साझा की, जहां उन्होंने अपनी आध्यात्मिक यात्रा और आस्था से जुड़े अनुभवों पर खुलकर चर्चा की।
एक तस्वीर से शुरू हुआ आध्यात्मिक सफर
हालिया बातचीत के दौरान जूलिया रॉबर्ट्स ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार नीम करौली बाबा की तस्वीर देखी, तब उन्हें उनके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। न तो वह उनकी शिक्षाओं से परिचित थीं और न ही उनके जीवन से। लेकिन उस तस्वीर को देखते ही उन्हें एक अनोखा जुड़ाव महसूस हुआ। उन्होंने कहा कि जीवन में कुछ बदलाव अचानक नहीं आते, बल्कि धीरे-धीरे आकार लेते हैं। उनके लिए यह बदलाव भी एक शांत और आंतरिक प्रक्रिया थी, जिसने समय के साथ उनकी सोच और जीवन दृष्टिकोण को प्रभावित किया।
जूलिया रॉबर्ट्स ने यह अनुभव अमेरिकी टीवी शो Good Morning America में साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उन्होंने बाबा की तस्वीर देखी, तब तक उनका निधन हो चुका था। उल्लेखनीय है कि नीम करौली बाबा का निधन 1973 में हुआ था। रॉबर्ट्स ने कहा, मैं उनसे कभी नहीं मिली। लेकिन उनकी तस्वीर देखने के बाद मुझे ऐसा लगा जैसे मेरे भीतर कुछ जाग गया हो।

हिंदू धर्म की ओर झुकाव
नीम करौली बाबा को विश्वभर में आध्यात्मिक गुरु के रूप में जाना जाता है। उनके कई अनुयायी पश्चिमी देशों से भी रहे हैं। जूलिया रॉबर्ट्स का कहना है कि इस आध्यात्मिक अनुभव के बाद उन्होंने हिंदू धर्म के सिद्धांतों और दर्शन में रुचि लेनी शुरू की। उन्होंने अपने प्रोडक्शन हाउस का नाम भी हिंदू दर्शन से प्रेरित रखा है — Red Om Films। ‘ओम’ हिंदू धर्म का एक पवित्र प्रतीक है, जो आध्यात्मिक ऊर्जा और ब्रह्मांडीय चेतना का प्रतिनिधित्व करता है।
जूलिया रॉबर्ट्स का यह अनुभव इस बात को दर्शाता है कि भारतीय आध्यात्मिक परंपराएं और संतों की शिक्षाएं सीमाओं से परे जाकर लोगों को प्रभावित करती हैं। नीम करौली बाबा का नाम पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहा है, खासकर उन पश्चिमी हस्तियों के कारण जिन्होंने उनकी शिक्षाओं से प्रेरणा ली।रॉबर्ट्स का यह खुलासा न केवल उनके निजी आध्यात्मिक सफर को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि संस्कृति और आस्था किस तरह वैश्विक स्तर पर संवाद स्थापित कर सकती हैं।







