गूगल एंड्रॉयड यूजर्स के लिए एक नया सिक्योरिटी फीचर ला रहा है, जो फेक और स्कैम कॉल को पहले ही पहचानकर अलर्ट करेगा। ‘वेरिफाइड कॉलर’ सिस्टम से बैंक फ्रॉड और स्पूफिंग कॉल पर रोक लगने की उम्मीद है। यह अपडेट सभी एंड्रॉयड डिवाइस पर लागू हो सकता है।
एंड्रॉयड वेरिफाइड कॉलर फीचर: गूगल एंड्रॉयड यूजर्स की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक नया सिस्टम तैयार कर रहा है, जो भारत समेत दुनिया भर में बढ़ते फेक कॉल और बैंक फ्रॉड को रोकने में मदद करेगा। यह फीचर एंड्रॉयड प्ले सर्विसेज के जरिए सभी स्मार्टफोन में काम करेगा और कॉल आने से पहले ही यूजर्स को बताएगा कि कॉल भरोसेमंद है या संदिग्ध। इसका मकसद स्पूफिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी पर लगाम लगाना है।
एंड्रॉयड यूजर्स को मिलेगी बड़ी सुरक्षा राहत
गूगल एंड्रॉयड फोन के लिए एक नया सिक्योरिटी फीचर तैयार कर रहा है, जो फेक और स्कैम कॉल को पहले ही पहचानकर यूजर्स को अलर्ट करेगा। यह फीचर सिस्टम लेवल पर काम करेगा, जिससे बैंक फ्रॉड और स्पूफिंग कॉल से बचाव और मजबूत हो जाएगा।
भारत जैसे देशों में बढ़ते ऑनलाइन और फोन फ्रॉड को देखते हुए इसे एक अहम अपडेट माना जा रहा है। नया सिस्टम कॉल आने से पहले ही यह संकेत देगा कि कॉलर भरोसेमंद है या संदिग्ध।

‘वेरिफाइड कॉलर’ फीचर कैसे करेगा काम
गूगल का नया वेरिफाइड कॉलर सिस्टम एंड्रॉयड प्ले सर्विसेज का हिस्सा होगा। इसका मकसद स्कैमर्स की उस तकनीक को रोकना है जिसमें वे बैंक या सरकारी नंबर जैसे दिखने वाले फर्जी कॉल करते हैं।
यह सिस्टम कॉल को एक वेरिफाइड डेटाबेस से मिलाएगा और अगर कोई नंबर संदिग्ध पाया गया तो यूजर को तुरंत अलर्ट मिल जाएगा। इससे यूजर्स कॉल उठाने से पहले ही सतर्क हो सकेंगे।
हर एंड्रॉयड फोन में मिलेगी एक जैसी सुरक्षा
अब तक यह सुविधा सिर्फ गूगल फोन ऐप तक सीमित थी, लेकिन नए अपडेट के बाद इसे सभी एंड्रॉयड डिवाइस पर लागू किया जाएगा। इसमें सैमसंग, वीवो, ओप्पो, रियलमी और वनप्लस जैसे ब्रांड शामिल होंगे।
इस बदलाव के बाद हर एंड्रॉयड यूजर को एक समान स्तर की सुरक्षा मिलेगी, चाहे वह किसी भी कंपनी का फोन इस्तेमाल कर रहा हो। इससे एंड्रॉयड इकोसिस्टम पहले से ज्यादा सुरक्षित बन सकता है।
बैंक फ्रॉड और स्पूफिंग पर लगेगी रोक
इस फीचर का एक बड़ा फोकस डू नॉट ओरिजिनेट यानी डीएनओ नंबरों के दुरुपयोग को रोकना है। स्कैमर्स अक्सर इन्हीं नंबरों का इस्तेमाल कर बैंक या सरकारी एजेंसियों के नाम पर धोखाधड़ी करते हैं।
नया सिस्टम इन नंबरों को पहले से पहचानकर कॉल को फ्लैग करेगा। साथ ही बैंक ऐप्स भी अपने वेरिफाइड नंबर सिस्टम में जोड़ सकेंगे, जिससे फ्रॉड की संभावना काफी कम हो जाएगी।










