लखनऊ में ‘दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026’: डेयरी सेक्टर में ₹5000 करोड़ निवेश का रोडमैप, यूपी बना ग्रामीण अर्थव्यवस्था का नया केंद्र

Dugdh Swarna Mahotsav 2026 लखनऊ में आयोजित किया गया, जिसमें डेयरी सेक्टर में ₹5000 करोड़ निवेश का रोडमैप पेश हुआ। यह पहल Uttar Pradesh को ग्रामीण

लखनऊ में Uttar Pradesh के दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित Dugdh Swarna Mahotsav 2026 न केवल उपलब्धियों का उत्सव बना, बल्कि सरकार के ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के विजन को भी सामने लाया।

Milk Golden Jubilee 2026: लखनऊ में आयोजित ‘दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026’ ने उत्तर प्रदेश के डेयरी सेक्टर को नई दिशा देने की बड़ी पहल के रूप में ध्यान आकर्षित किया है। दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस दो दिवसीय महोत्सव में लगभग ₹5000 करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर सहमति बनी, जिससे राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

कार्यक्रम में हजारों पशुपालकों, उद्यमियों और निवेशकों ने भाग लिया, जबकि ऑनलाइन माध्यम से देश-विदेश के लाखों हितधारकों ने भी सहभागिता दर्ज कराई।

डेयरी सेक्टर को ग्रामीण विकास की रीढ़ बनाने का विजन

महोत्सव में सरकार ने स्पष्ट किया कि डेयरी सेक्टर को सिर्फ उत्पादन तक सीमित न रखकर ग्रामीण रोजगार और आय वृद्धि का प्रमुख आधार बनाया जा रहा है। राज्य सरकार की नीतियों के तहत “गौ से ग्राहक तक” की पूरी सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। इस आयोजन में तकनीकी नवाचार, आधुनिक डेयरी प्रबंधन, स्वदेशी नस्लों के संवर्धन और पशुपालन को व्यवसाय के रूप में विकसित करने पर विशेष चर्चा हुई।

महोत्सव में लगभग 10,000 पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया। इसके अलावा वेबकास्टिंग और यूट्यूब लाइव के माध्यम से वैश्विक स्तर पर लाखों लोगों को जोड़ा गया। विशेषज्ञों ने डेयरी तकनीक, पशु स्वास्थ्य प्रबंधन, दुग्ध उत्पादन क्षमता बढ़ाने और ग्रामीण उद्यमिता पर विस्तार से जानकारी साझा की।

₹5000 करोड़ निवेश पर सहमति, हजारों रोजगार की उम्मीद

कार्यक्रम में बताया गया कि राज्य में डेयरी सेक्टर लगातार निवेश आकर्षित कर रहा है। अब तक:

  • 25,000 करोड़ रुपये से अधिक के 796 एमओयू पर हस्ताक्षर
  • 60,000 से अधिक रोजगार सृजन की संभावना
  • 2,000 करोड़ रुपये की 72 परियोजनाएं पहले ही शुरू
  • 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के नए निवेश प्रस्ताव तैयार

इन परियोजनाओं से ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद है।

लाभार्थियों को DBT से मिली सहायता

कार्यक्रम में राज्य के पशुपालन एवं दुग्ध विकास मंत्री ने विभिन्न योजनाओं के तहत चयनित 139 लाभार्थियों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से धनराशि प्रदान की। इसके साथ ही ‘नन्द बाबा दुग्ध मिशन’ के तहत हजारों लाभार्थियों को सहायता दी जा चुकी है, जिससे छोटे पशुपालकों की आय में सुधार हुआ है।

अधिकारियों के अनुसार, उत्तर प्रदेश भारत में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य है। राज्य का डेयरी सेक्टर अब लगभग ₹1.72 लाख करोड़ के सकल मूल्य वर्धन में योगदान दे रहा है। दुग्ध आयुक्त के अनुसार, सरकार का लक्ष्य है कि किसानों को:

  • स्थिर बाजार
  • पारदर्शी मूल्य
  • और नियमित आय

उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।

सहकारी समितियों का विस्तार

राज्य में डेयरी सहकारिता नेटवर्क को भी तेजी से बढ़ाया जा रहा है:

  • 4,000 से अधिक दुग्ध सहकारी समितियां सक्रिय
  • लगभग 1.5 लाख दुग्ध उत्पादक जुड़े
  • 10,000 से अधिक लाभार्थियों को ₹84 करोड़ की सहायता

इस मॉडल ने ग्रामीण क्षेत्रों में संगठित डेयरी उत्पादन को मजबूत किया है।

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