केरल में CMRL मामले को लेकर BJP नेता राजीव चंद्रशेखर ने पिनराई विजयन से विपक्ष के नेता पद से इस्तीफा मांगा है। ED ने विजयन, उनकी बेटी टी. वीणा, मोहम्मद रियास और अन्य के खिलाफ FIR की मांग की है।
तिरुवनंतपुरम: केरल में CMRL से जुड़े कथित रिश्वत मामले को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। BJP के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक राजीव चंद्रशेखर ने शुक्रवार को CPI(M) के वरिष्ठ पोलित ब्यूरो सदस्य पिनराई विजयन से विधानसभा में विपक्ष के नेता पद से इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम सरकार को जवाबदेह बनाना है, न कि अपने नेता पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों का बचाव करना।
CMRL मामले में विजयन के इस्तीफे की मांग
राजीव चंद्रशेखर ने फेसबुक पोस्ट के जरिए पिनराई विजयन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विधानसभा में विपक्ष की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के नेतृत्व वाली UDF सरकार की कमियों को सामने लाना और उसे जनता के प्रति जवाबदेह बनाना है।
चंद्रशेखर ने सवाल उठाया कि अगर विपक्ष का नेतृत्व ऐसे नेता के हाथ में है, जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच चल रही है, तो विधानसभा में चर्चा का विषय क्या होगा। उन्होंने आशंका जताई कि क्या सदन की रोजाना की बहस व्यक्तिगत भ्रष्टाचार के आरोपों को सही ठहराने तक सीमित हो जाएगी। BJP नेता ने कहा कि उनकी पार्टी और NDA भी विधानसभा में विपक्ष का हिस्सा हैं। उनके मुताबिक, विजयन से जुड़े आरोप पूरे विपक्ष के कामकाज को प्रभावित कर रहे हैं।
विपक्ष की भूमिका को लेकर BJP का तर्क
राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि आने वाले चार-पांच वर्षों में विपक्ष की मुख्य जिम्मेदारी मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन और उनकी सरकार की नीतियों तथा फैसलों पर सवाल उठाना होगी।
उन्होंने कहा कि BJP/NDA को सरकार की गलतियों को जिम्मेदारी के साथ उठाना है और कांग्रेस-लीग गठबंधन वाली सरकार को जनता से किए गए वादे पूरे करने के लिए मजबूर करना है।
BJP नेता ने आरोपों के बीच विजयन के विपक्ष के नेता पद पर बने रहने को लोकतांत्रिक संस्थाओं के हित में उचित नहीं बताया। उन्होंने कहा कि विजयन को केरल के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए इस पद से हट जाना चाहिए।
ED की कार्रवाई के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद
चंद्रशेखर का यह बयान प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हालिया कार्रवाई के कुछ दिन बाद आया है। ED ने केरल के पुलिस प्रमुख को पत्र लिखकर CMRL से जुड़े कथित रिश्वत मामले में पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, उनकी बेटी टी. वीणा, उनके दामाद पी.ए. मोहम्मद रियास और अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने का अनुरोध किया है।
सूत्रों के अनुसार, ED ने यह अनुरोध अपनी जांच के दौरान कथित तौर पर मिले साक्ष्यों और धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई तलाशी के दौरान बरामद सामग्री के आधार पर किया है।
मामला केरल स्थित खनन कंपनी Cochin Minerals and Rutile Ltd (CMRL) और वीणा की अब बंद हो चुकी कंपनी Exalogic Solutions से जुड़ा है।
₹2.78 करोड़ के कथित भुगतान का आरोप
ED का आरोप है कि CMRL ने IT कंसल्टेंसी सेवाओं के भुगतान के रूप में दिखाकर Exalogic Solutions को कथित तौर पर ₹2.78 करोड़ का फर्जी भुगतान किया।
जांच एजेंसी के अनुसार, इन भुगतानों की प्रकृति और उनके पीछे के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। ED ने इस मामले में संबंधित दस्तावेजों और अन्य सामग्री की जांच की है।
हालांकि, मामले में लगाए गए आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
जून में वीणा से जुड़े परिसरों पर ED की तलाशी
ED ने जून में टी. वीणा से जुड़े परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया था। इसके बाद एजेंसी ने उनसे पूछताछ भी की।
जांच एजेंसी ने अगस्त में दावा किया था कि तलाशी के दौरान जब्त किए गए हस्तलिखित नोट्स में दुबई को किए गए कुछ कथित फंड ट्रांसफर का विवरण मिला था।
इन दस्तावेजों और कथित वित्तीय लेनदेन को ED की जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एजेंसी अब मामले से जुड़े वित्तीय लेनदेन और संभावित लाभार्थियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
रियास और CPI(M) ने आरोपों पर दिया जवाब
ED की कार्रवाई के बाद मोहम्मद रियास और CPI(M) ने कहा था कि वे मामले का राजनीतिक और कानूनी तौर पर सामना करेंगे।
उन्होंने ED की ओर से की गई तलाशी का भी उल्लेख किया था, जिसमें उनके आवास और उनसे जुड़े लोगों के कारोबारी परिसरों की कार्रवाई शामिल थी।
CPI(M) की ओर से मामले को लेकर लगातार राजनीतिक विरोध दर्ज कराया गया है। पार्टी और संबंधित नेताओं का रुख रहा है कि ED की कार्रवाई का जवाब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर दिया जाएगा।
विजयन ने बताया था राजनीतिक बदले की कार्रवाई
पिनराई विजयन पहले ही अपनी बेटी के खिलाफ ED की कार्रवाई को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता चुके हैं।
विजयन का कहना है कि उनकी बेटी से जुड़े मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी की कार्रवाई राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है। दूसरी ओर, ED अपनी जांच में सामने आए कथित साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ा रही है।
इस तरह मामले में जांच एजेंसी के आरोप और विजयन परिवार की राजनीतिक प्रतिक्रिया एक-दूसरे के बिल्कुल विपरीत हैं।
केरल की राजनीति में बढ़ सकता है टकराव
CMRL मामले ने केरल की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। BJP इस मामले को विपक्ष के नेतृत्व और भ्रष्टाचार के आरोपों से जोड़कर सरकार के खिलाफ राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है।
राजीव चंद्रशेखर की इस्तीफे की मांग से विधानसभा के भीतर और बाहर राजनीतिक टकराव बढ़ने की संभावना है। BJP का कहना है कि विपक्ष को सरकार की जवाबदेही तय करने पर ध्यान देना चाहिए, जबकि CPI(M) और विजयन पक्ष ED की कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध के तौर पर देख रहे हैं।
मामले में ED की जांच और पुलिस स्तर पर आगे की कानूनी प्रक्रिया अब महत्वपूर्ण होगी। FIR दर्ज होती है या नहीं और जांच में एजेंसी को आगे क्या साक्ष्य मिलते हैं, इससे मामले की दिशा तय होगी।
फिलहाल, CMRL से जुड़े कथित भुगतान, Exalogic Solutions की भूमिका और संबंधित लोगों के बीच वित्तीय लेनदेन जांच के केंद्र में हैं। राजनीतिक स्तर पर BJP ने विजयन के पद छोड़ने की मांग तेज कर दी है, जबकि विजयन पक्ष ने ED की कार्रवाई को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है।












