गोरखपुर में मेडिकल स्टोर कर्मी पर डंडे से हमला कर लूट, मोबाइल और 2 हजार रुपये छीने; एक ही जगह सप्ताह में तीन घटनाएं

गोरखपुर के गगहा क्षेत्र में मेडिकल स्टोर कर्मी कन्हैया को डंडे से पीटकर मोबाइल और 2 हजार रुपये लूटे गए। एक सप्ताह में उसी इलाके में तीन घटनाएं हुईं।
गोरखपुर में मेडिकल स्टोर कर्मी पर डंडे से हमला कर लूट, मोबाइल और 2 हजार रुपये छीने; एक ही जगह सप्ताह में तीन घटनाएं
Photo Credit / Attribution: Google

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में अपराधियों के हौसले बढ़ने का मामला सामने आया है। गगहा थाना क्षेत्र के साऊखोर-असवनपार मार्ग पर बाइक सवार बदमाशों ने साइकिल से घर लौट रहे एक मेडिकल स्टोर कर्मचारी को रोककर डंडे से हमला कर दिया। बदमाशों ने कर्मचारी को पीटकर घायल करने के बाद उसका मोबाइल फोन और पर्स छीन लिया। पर्स में आधार कार्ड और करीब दो हजार रुपये नकद रखे हुए थे। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों बदमाश साऊखोर की तरफ फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, पीड़ित की पहचान गगहा थाना क्षेत्र की असवनपार पुलिस चौकी के अंतर्गत सहुआकोल गांव निवासी कन्हैया के रूप में हुई है। वह बड़हलगंज स्थित एक मेडिकल स्टोर पर नौकरी करता है। रोज की तरह बुधवार शाम वह काम खत्म करने के बाद साइकिल से अपने घर लौट रहा था। रास्ते में अहिरौली गांव के पास चौराहे पर गोलंबर के समीप पहुंचते ही बाइक सवार दो बदमाशों ने उसे रोक लिया। अचानक रास्ता रोक दिए जाने से कन्हैया संभल पाता, उससे पहले ही बदमाशों ने उस पर हमला कर दिया।

बताया गया कि बाइक पर पीछे बैठा बदमाश नीचे उतरा और कन्हैया पर डंडे से ताबड़तोड़ प्रहार करने लगा। उसके हाथ, पैर और पीठ पर चोटें आईं। हमले के दौरान बदमाशों ने उसका मोबाइल फोन और पर्स छीन लिया। पर्स में आधार कार्ड के साथ दो हजार रुपये नकद रखे हुए थे। लूटपाट के बाद दोनों आरोपी बाइक से साऊखोर की दिशा में भाग निकले। घायल कर्मचारी किसी तरह वहां से निकलकर पुलिस चौकी पहुंचा और घटना की जानकारी पुलिस को दी।

इस वारदात के बाद पीड़ित और उसके परिजनों के सामने आर्थिक नुकसान के साथ-साथ चोटों से उबरने की चुनौती भी है। मोबाइल फोन और नकदी की लूट से उसे परेशानी हुई है, वहीं आधार कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज भी पर्स में होने के कारण उनके गुम होने की चिंता बढ़ गई। घटना के दौरान बदमाशों ने जिस तरह डंडे से हमला किया, उससे यह भी स्पष्ट होता है कि विरोध करने या अचानक हमले का सामना करने पर पीड़ित के लिए खुद को बचाना मुश्किल हो सकता था।

इस मामले में एक और चिंताजनक बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, इसी स्थान पर मेडिकल स्टोर कर्मचारी से लूट की घटना से करीब आधे घंटे पहले भी बदमाशों ने एक अन्य युवक को निशाना बनाने की कोशिश की थी। बताया गया कि पूरे गांव निवासी भाष्कर तिवारी को डंडे से मारकर लूटने का प्रयास किया गया, लेकिन बदमाश अपने मकसद में सफल नहीं हो सके। इसके कुछ समय बाद कन्हैया को रोककर लूटपाट की गई। एक ही स्थान पर कम समय के अंतराल में दो घटनाओं की जानकारी मिलने से क्षेत्र में गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

पीड़ित कन्हैया ने घटना के बाद पुलिस को सूचना दी और बृहस्पतिवार को गगहा थाने में लिखित तहरीर दी। थाना प्रभारी राजकुमार सरोज के अनुसार, पुलिस को शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस घटनास्थल तथा आसपास के क्षेत्र की परिस्थितियों के आधार पर बदमाशों की पहचान करने और घटना से संबंधित तथ्यों की पुष्टि करने में जुटी है। फिलहाल आरोपितों की गिरफ्तारी या लूटे गए सामान की बरामदगी को लेकर कोई पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर चिंता इसलिए भी बढ़ी है, क्योंकि इसी सप्ताह असवनपार क्षेत्र में लूट की अन्य घटनाएं भी सामने आई हैं। रविवार को बड़हलगंज निवासी कृष्ण कुमार सोनी दुकान बंद करके घर लौट रहे थे। इस दौरान असवनपार तिरंगा चौक के पास उनसे मोबाइल फोन और 15,500 रुपये नकद लूट लिए गए थे। इसके बाद बुधवार को भाष्कर तिवारी को डंडे से मारकर लूटने का प्रयास किया गया और उसी दिन कन्हैया से मोबाइल व नकदी छीनने की घटना हुई। इस तरह एक सप्ताह के भीतर एक ही इलाके में अलग-अलग घटनाओं का सामने आना पुलिस के लिए जांच का अहम पहलू बन गया है।

लगातार सामने आ रही घटनाओं से स्थानीय लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा हो सकती है। ग्रामीण इलाकों में कई कर्मचारी और दुकानदार रोजाना काम खत्म होने के बाद साइकिल या दोपहिया वाहन से घर लौटते हैं। ऐसे में सुनसान या कम आवाजाही वाले रास्तों पर सुरक्षा का सवाल महत्वपूर्ण हो जाता है। खासकर शाम के समय काम से लौटने वाले लोगों को रास्ते में रोककर लूटपाट किए जाने की घटनाएं उनके रोजमर्रा के जीवन और कामकाज पर असर डाल सकती हैं।

एक ही स्थान पर लगातार घटनाएं सामने आने के बाद पुलिस के सामने बदमाशों की पहचान करना और भविष्य में ऐसी वारदातों को रोकना महत्वपूर्ण चुनौती है। जांच के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि अलग-अलग घटनाओं में एक ही गिरोह शामिल है या आरोपित अलग-अलग हैं। इसके साथ ही घटनास्थल के आसपास उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी और अन्य साक्ष्यों से जांच को आगे बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, जांच में क्या तथ्य सामने आए हैं, इस बारे में पुलिस की ओर से अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों के लिए मोबाइल फोन और नकदी केवल आर्थिक संपत्ति नहीं, बल्कि रोजमर्रा के कामकाज का जरूरी हिस्सा भी हैं। मेडिकल स्टोर में नौकरी करने वाले कन्हैया के लिए मोबाइल फोन खोना परिवार और काम से संपर्क बनाए रखने में परेशानी पैदा कर सकता है। वहीं, आधार कार्ड जैसे दस्तावेजों के खो जाने पर उनकी सुरक्षा और दोबारा प्राप्त करने की प्रक्रिया भी जरूरी हो जाती है। पुलिस की जांच में लूटे गए सामान की बरामदगी होने पर पीड़ित को राहत मिल सकती है।

फिलहाल गगहा थाना पुलिस कन्हैया की शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है। पुलिस के सामने एक ही इलाके में हुई तीन घटनाओं के बीच संभावित संबंध की पड़ताल करना भी अहम है। अब यह देखना होगा कि जांच के दौरान आरोपितों की पहचान हो पाती है या नहीं और लूटे गए मोबाइल फोन तथा नकदी की बरामदगी के लिए क्या कार्रवाई की जाती है। लगातार सामने आ रही घटनाओं के कारण साऊखोर-असवनपार मार्ग पर सुरक्षा और पुलिस गश्त को लेकर स्थानीय लोगों की अपेक्षाएं बढ़ गई हैं।

Leave a comment