सरकार ने Meta से मांगा जवाब, AI कंटेंट और तकनीकी गड़बड़ियों पर होगी अहम बैठक

भारत सरकार 5-6 अगस्त को Meta के साथ बैठक करेगी। AI कंटेंट, तकनीकी गड़बड़ियों, CSEAM और वेरिफाइड अकाउंट्स पर जवाब मांगा जाएगा

भारत सरकार और Meta की ग्लोबल टीम के बीच 5 और 6 अगस्त को अहम बैठक होगी। बैठक में AI से फैलने वाली गलत जानकारी, बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट, तकनीकी गड़बड़ियों और वेरिफाइड अकाउंट्स से जुड़े मामलों पर चर्चा की जाएगी।

Tech:भारत सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Meta की कार्यप्रणाली और सुरक्षा तंत्र की समीक्षा करने जा रही है। 5 और 6 अगस्त को Meta की ग्लोबल टीम के साथ होने वाली बैठक में AI आधारित गलत जानकारी, बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट, वेरिफाइड अकाउंट्स पर अस्थायी रोक और हाल के तकनीकी मामलों पर कंपनी से जवाब मांगा जाएगा।

Meta की ग्लोबल टीम के साथ होगी अहम बैठक

सरकार ने Meta से मांगा जवाब, AI कंटेंट और तकनीकी गड़बड़ियों पर होगी अहम बैठक

केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया कंपनी Meta के साथ कई गंभीर मुद्दों पर चर्चा के लिए 5 और 6 अगस्त को बैठक तय की है। इस बैठक में भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और Meta की ग्लोबल टीम शामिल होगी। आईटी सचिव एस. कृष्णन के अनुसार, बैठक का उद्देश्य यह समझना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हाल के समय में सामने आए तकनीकी और कंटेंट मॉडरेशन से जुड़े मामलों में कंपनी की व्यवस्था कहां कमजोर साबित हुई। सरकार चाहती है कि Meta इन घटनाओं पर अपना पक्ष स्पष्ट करे और भविष्य में ऐसी समस्याओं को रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी दे।

AI कंटेंट और CSEAM से जुड़े मामलों पर रहेगा फोकस

बैठक में सबसे अहम मुद्दों में बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़े कंटेंट (CSEAM) के कथित प्रमोशन, AI की मदद से फैलने वाली गलत जानकारी और कंटेंट मॉडरेशन की प्रभावशीलता शामिल होगी। सरकार यह जानना चाहती है कि आधुनिक AI तकनीकों के उपयोग के बावजूद Meta के सुरक्षा सिस्टम ऐसे संवेदनशील कंटेंट को समय रहते रोकने में क्यों सफल नहीं हो पाए। इसके अलावा AI आधारित फर्जी या भ्रामक जानकारी की पहचान और उसे हटाने की प्रक्रिया पर भी विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।

वेरिफाइड अकाउंट्स और तकनीकी गड़बड़ियों पर भी उठेंगे सवाल

हाल के दिनों में कुछ वेरिफाइड अकाउंट्स पर अस्थायी रोक और तकनीकी गड़बड़ियों के मामले भी सरकार की चिंता का विषय बने हैं। रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक फेसबुक पोस्ट भी कुछ समय के लिए प्लेटफॉर्म से हट गई थी, जिसके बाद Meta की तकनीकी प्रक्रियाओं और कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम पर सवाल उठे। सरकार इस बैठक में यह समझना चाहती है कि ऐसे मामलों के पीछे तकनीकी कारण क्या थे और भविष्य में इन्हें रोकने के लिए कंपनी क्या सुधार कर रही है।

सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही पर सरकार का जोर

आईटी सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल किसी एक घटना की समीक्षा करना नहीं है, बल्कि यह समझना भी है कि Meta के सिस्टम किन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और उन्हें कैसे बेहतर बनाया जा सकता है। सरकार चाहती है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बच्चों की सुरक्षा, फर्जी जानकारी पर रोक और वेरिफाइड अकाउंट्स की सुरक्षा के लिए अधिक प्रभावी तकनीकी व्यवस्था विकसित करें। इस बैठक में Meta से उसके कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम, AI एल्गोरिदम और सुरक्षा उपायों को लेकर विस्तृत जानकारी मांगी जाएगी।

हालांकि, इन मुद्दों पर अंतिम निष्कर्ष बैठक के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल सरकार और Meta के बीच होने वाली यह बातचीत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही, AI के जिम्मेदार उपयोग और ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर केंद्रित रहेगी।

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