Gracy Singh: ‘लगान’ से बॉलीवुड स्टार बनीं ग्रेसी सिंह ने क्यों छोड़ी फिल्म इंडस्ट्री? जानिए अब कैसी है उनकी जिंदगी

‘Lagaan’ और ‘Munna Bhai MBBS’ से मशहूर हुईं ग्रेसी सिंह ने बॉलीवुड से दूरी क्यों बनाई? जानिए उनकी लाइफस्टाइल, करियर बदलाव और अब वह क्या कर रही हैं।

Gracy Singh ने अपने करियर की शुरुआत बेहद मजबूत तरीके से की थी। आमिर खान के साथ फिल्म Lagaan में उनकी भूमिका ने उन्हें रातों-रात पहचान दिलाई और यह फिल्म ऑस्कर तक पहुंची

एंटरटेनमेंट न्यूज़: बॉलीवुड में कई ऐसे सितारे रहे हैं, जिन्होंने कम समय में बड़ी सफलता हासिल की, लेकिन फिर अचानक फिल्मी दुनिया से दूरी बना ली। ऐसी ही एक अभिनेत्री हैं ग्रेसी सिंह, जिन्होंने ‘लगान’, ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ और ‘गंगाजल’ जैसी सफल फिल्मों से अपनी खास पहचान बनाई। अपनी सादगी भरी छवि और दमदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीतने वाली ग्रेसी ने करियर के शिखर पर होते हुए भी धीरे-धीरे फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बना ली और बाद में आध्यात्मिक जीवन की ओर रुख किया।

आज भी उनके प्रशंसक यह जानना चाहते हैं कि आखिर इतनी सफल शुरुआत के बावजूद ग्रेसी सिंह ने बॉलीवुड से दूरी क्यों बनाई और वह अब क्या कर रही हैं।

डांसर से अभिनेत्री बनने तक का सफर

ग्रेसी सिंह का मनोरंजन जगत में सफर एक पेशेवर डांसर के रूप में शुरू हुआ। वह ‘द प्लैनेट्स’ नामक डांस ग्रुप का हिस्सा थीं और विभिन्न मंचों पर प्रस्तुति देती थीं। अभिनय में उनकी रुचि ने उन्हें टेलीविजन की ओर आकर्षित किया और वर्ष 1997 में उन्होंने टीवी धारावाहिक ‘अमानत’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की।

हालांकि, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान वर्ष 2001 में रिलीज हुई फिल्म ‘लगान’ से मिली। फिल्म में उन्होंने आमिर खान के साथ गौरी का किरदार निभाया। उनकी सादगी और सहज अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों ने खूब सराहा।

‘लगान’ ने बदल दी किस्मत

निर्देशक आशुतोष गोवारिकर की फिल्म ‘लगान’ भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक मानी जाती है। फिल्म ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत को पहचान दिलाई। यह फिल्म अकादमी पुरस्कार (ऑस्कर) के सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा फिल्म वर्ग में नामांकित हुई और भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की। ‘लगान’ की सफलता के बाद ग्रेसी सिंह बॉलीवुड की उभरती हुई अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं।

‘लगान’ की सफलता के बाद ग्रेसी सिंह को कई बड़े बैनरों की फिल्मों में काम करने का अवसर मिला। उन्होंने संजय दत्त के साथ ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ और अजय देवगन के साथ ‘गंगाजल’ जैसी सफल फिल्मों में अभिनय किया। इन फिल्मों में उनके किरदारों को दर्शकों ने काफी पसंद किया। इसके अलावा उन्होंने अमिताभ बच्चन और अनिल कपूर के साथ ‘अरमान’ जैसी फिल्मों में भी काम किया। उस समय उन्हें बॉलीवुड की प्रतिभाशाली और सादगीपूर्ण अभिनेत्रियों में गिना जाता था।

फिल्मी करियर में आई चुनौतियां

शुरुआती सफलता के बाद ग्रेसी सिंह के करियर की रफ्तार धीमी पड़ने लगी। उनकी कई बाद की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकीं। लगातार कुछ फिल्मों के असफल होने का असर उनके करियर पर पड़ा। उन्होंने हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगु, मलयालम, पंजाबी, गुजराती और बंगाली फिल्मों में भी काम किया, लेकिन वहां भी उन्हें वैसी सफलता नहीं मिली जैसी ‘लगान’ और ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ के समय मिली थी।

धीरे-धीरे उन्होंने फिल्मी दुनिया से दूरी बनानी शुरू कर दी। बॉलीवुड से दूर होने के बाद ग्रेसी सिंह ने छोटे पर्दे पर वापसी की। वर्ष 2015 में उन्होंने लोकप्रिय धार्मिक धारावाहिक ‘संतोषी मां’ में देवी संतोषी का किरदार निभाया। इस भूमिका को दर्शकों ने काफी पसंद किया और एक बार फिर ग्रेसी अपने शांत और सकारात्मक व्यक्तित्व के कारण चर्चा में आ गईं। हालांकि, उन्होंने सीमित परियोजनाओं में ही काम करना जारी रखा।

आध्यात्मिक जीवन में मिला नया रास्ता

ग्रेसी सिंह कई मौकों पर कह चुकी हैं कि अभिनय उनके जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं था। उनका मानना है कि जीवन में प्रसिद्धि और सफलता से अधिक महत्वपूर्ण मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन है। समय के साथ वह आध्यात्मिक संस्था ब्रह्माकुमारी से जुड़ गईं और सामाजिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों में सक्रिय रहने लगीं। विभिन्न कार्यक्रमों और सांस्कृतिक आयोजनों में उनकी भागीदारी देखी जाती है। वह योग, ध्यान और सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रमों से भी जुड़ी रहती हैं।

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