प्रयागराज के सरकारी अस्पताल में रिश्वतखोरी का आरोप, मेडिकल और रेफर करने के नाम पर 5-5 हजार की वसूली

प्रयागराज के सरकारी अस्पताल में घायलों का मेडिकल और रेफर करने के नाम पर 5-5 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगा है। मामले की जांच की मांग उठी।
प्रयागराज के सरकारी अस्पताल में रिश्वतखोरी का आरोप, मेडिकल और रेफर करने के नाम पर 5-5 हजार की वसूली
Photo Credit / Attribution: Google

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के एक सरकारी अस्पताल में घायलों का मेडिकल कराने और उन्हें दूसरे अस्पताल में रेफर करने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि अस्पताल के कुछ कर्मियों द्वारा मरीजों और उनके परिजनों से 5-5 हजार रुपये की मांग की जा रही है। मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

पीड़ित परिजनों का आरोप है कि सड़क हादसे और अन्य घटनाओं में घायल होकर अस्पताल पहुंचे मरीजों के मेडिकल परीक्षण में जानबूझकर देरी की जाती है। इसके बाद उन्हें बताया जाता है कि यदि जल्दी मेडिकल रिपोर्ट चाहिए या किसी बड़े अस्पताल में रेफर कराना है तो इसके लिए पैसे देने होंगे। आरोप है कि कई लोगों से हजारों रुपये वसूले गए हैं।

मरीजों के परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में इलाज और जरूरी प्रक्रियाएं मुफ्त होनी चाहिए, लेकिन यहां उन्हें मजबूरी का फायदा उठाकर पैसे देने के लिए दबाव बनाया गया। कुछ लोगों ने बताया कि गंभीर हालत में मरीजों को रेफर कराने की जल्दबाजी रहती है, ऐसे में परिजन मजबूरी में पैसे देने को तैयार हो जाते हैं।

मामला सामने आने के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक चर्चा होती रही। लोगों ने आरोप लगाया कि यदि इस तरह की घटनाओं पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो आम लोगों का सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से भरोसा उठ जाएगा। कई सामाजिक संगठनों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि आरोपों की जानकारी मिली है और यदि किसी कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि मरीजों से किसी भी तरह की अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी कहा है कि शिकायत मिलने पर तथ्यों की जांच की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अस्पताल की कार्यप्रणाली की समीक्षा भी की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

यह पहला मौका नहीं है जब सरकारी अस्पतालों में भ्रष्टाचार या अवैध वसूली के आरोप सामने आए हों। समय-समय पर इस तरह की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन सवाल यह है कि आखिर मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाने वालों पर कब तक प्रभावी कार्रवाई होगी। फिलहाल इस मामले ने प्रयागराज के स्वास्थ्य महकमे में हलचल मचा दी है और लोग जांच के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।

नोट: इस खबर में रिश्वतखोरी से जुड़े दावे आरोपों पर आधारित हैं। मामले की जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी। संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है

Leave a comment