UPI फीस को लेकर राहुल गांधी का केंद्र पर निशाना, कांग्रेस ने 2,000 रुपये से ऊपर पेमेंट पर चार्ज का दावा किया

चंडीगढ़ के मनीमाजरा में 27 वर्षीय Swiggy डिलीवरी बॉय उतेश उर्फ उदित 12.71 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार हुआ। NDPS Act में केस दर्ज कर जांच जारी है।

कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर UPI पेमेंट पर शुल्क लगाने का रास्ता खोलने का आरोप लगाया है। पार्टी ने 2,000 रुपये से ऊपर के ट्रांजैक्शन पर 0.5% चार्ज लगने का दावा किया, जबकि सरकार के नोटिफिकेशन में अलग प्रावधान है।

नई दिल्ली: UPI ट्रांजैक्शन पर संभावित शुल्क को लेकर कांग्रेस और केंद्र सरकार के बीच सियासी बहस तेज हो गई है। राहुल गांधी और कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार ने 2,000 रुपये से ऊपर के UPI पेमेंट पर फीस लगाने का रास्ता चुपचाप खोल दिया है। पार्टी ने 14 सितंबर 2026 के गजट नोटिफिकेशन और पेमेंट सिस्टम से जुड़े हालिया संशोधन को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं।

कांग्रेस ने UPI चार्ज को लेकर सरकार पर साधा निशाना

UPI पेमेंट पर संभावित शुल्क को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने UPI ट्रांजैक्शन पर फीस लगाने का रास्ता चुपचाप खोल दिया है। कांग्रेस का दावा है कि इस कदम से आगे चलकर आम उपभोक्ताओं पर भुगतान का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।

कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए UPI पेमेंट पर प्रस्तावित चार्ज का उदाहरण भी दिया। पार्टी ने दावा किया कि 2,000 रुपये से अधिक के प्रत्येक UPI पेमेंट पर 0.5% शुल्क वसूला जा सकता है। इसके उदाहरण के तौर पर कांग्रेस ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति 5,000 रुपये का पेमेंट करता है तो उस पर 25 रुपये और 10,000 रुपये के पेमेंट पर 50 रुपये का चार्ज लगेगा।

कांग्रेस ने इस व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए इसे अमेरिकी कंपनियों को खुश करने की कोशिश बताया है। पार्टी का आरोप है कि अंततः इसका असर उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है।

14 सितंबर के गजट नोटिफिकेशन में क्या है

केंद्र सरकार ने 14 सितंबर 2026 को पेमेंट सिस्टम से जुड़ा नया गजट नोटिफिकेशन जारी किया। इसमें कहा गया है कि कोई भी बैंक या सिस्टम प्रोवाइडर RuPay डेबिट कार्ड या UPI के जरिए 2,000 रुपये तक का पेमेंट करने या प्राप्त करने वाले व्यक्ति पर सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से कोई चार्ज नहीं लगाएगा।

यह नोटिफिकेशन Payment and Settlement Systems Act, 2007 की धारा 10A में किए गए संशोधन के बाद आया है। संशोधन के तहत UPI और अन्य नोटिफाइड इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट माध्यमों से होने वाले भुगतान पर Merchant Discount Rate (MDR) लगाने के लिए जरूरी ढांचा तैयार किया गया है।

यही प्रावधान कांग्रेस के आरोपों का मुख्य आधार है। पार्टी का कहना है कि 2,000 रुपये तक के पेमेंट को शुल्क से बाहर रखने के साथ अधिक राशि वाले ट्रांजैक्शन के लिए शुल्क लगाने की संभावित गुंजाइश बनाई गई है।

मॉनसून सत्र में पास हुआ था संशोधन बिल

इससे पहले 13 अगस्त 2026 को खत्म हुए संसद के मॉनसून सत्र के दौरान संबंधित संशोधन बिल पास किया गया था। बिल पारित होने के बाद सरकार की ओर से कहा गया था कि MDR दरों को लेकर फैसला NPCI की अध्यक्षता वाली UPI और Services Steering Committee करेगी।

सरकार ने शुल्क व्यवस्था की जरूरत के पीछे UPI इकोसिस्टम पर बढ़ते दबाव का हवाला दिया है। ट्रांजैक्शन की संख्या तेजी से बढ़ने के कारण सिस्टम में साइबर सिक्योरिटी, फ्रॉड से बचाव और तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार अपग्रेड करने की जरूरत बताई गई है।

ऐसे में मौजूदा विवाद एक तरफ सरकार के नोटिफिकेशन में 2,000 रुपये तक के UPI और RuPay डेबिट कार्ड पेमेंट पर शुल्क नहीं लगाने के प्रावधान से जुड़ा है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस इस संशोधन को भविष्य में बड़े UPI ट्रांजैक्शन पर शुल्क लगाने की संभावित शुरुआत के तौर पर देख रही है।

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