गुजरात में 6 लाख करोड़ रुपये के निवेश से बनेंगे डेटा सेंटर, धोलेरा बनेगा नया टेक हब

गुजरात की नई डेटा सेंटर पॉलिसी के तहत 6 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। धोलेरा में ग्रीन एनर्जी आधारित आधुनिक डेटा सेंटर विकसित किए जाएंगे।

गुजरात सरकार ने नई डेटा सेंटर पॉलिसी की घोषणा की है। इसके तहत 6 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे 10 गीगावॉट क्षमता वाले डेटा सेंटर विकसित किए जाएंगे। परियोजनाओं में ग्रीन एनर्जी और समुद्री जल के उपयोग पर जोर रहेगा।

गांधीनगर: गुजरात डेटा सेंटर पॉलिसी के तहत राज्य सरकार ने बड़े निवेश को आकर्षित करने की दिशा में अहम कदम उठाया है। सरकार के अनुसार, 6 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनके जरिए धोलेरा समेत विभिन्न क्षेत्रों में आधुनिक डेटा सेंटर विकसित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं में ग्रीन एनर्जी और समुद्र के पानी के उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।

6 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव, धोलेरा बनेगा डेटा सेंटर हब

गुजरात सरकार ने नई डेटा सेंटर पॉलिसी लागू करते हुए राज्य को देश के प्रमुख डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर हब के रूप में विकसित करने की योजना पेश की है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने बताया कि राज्य को अब तक लगभग 6 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन निवेशों के जरिए करीब 10 गीगावॉट क्षमता वाले डेटा सेंटर स्थापित किए जाने की योजना है।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि जिस तरह साणंद सेमीकंडक्टर उद्योग का प्रमुख केंद्र बन रहा है, उसी तरह धोलेरा को डेटा सेंटर हब के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि गुजरात सरकार पर्यावरण संरक्षण के साथ आधुनिक औद्योगिक विकास को आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है।

ग्रीन एनर्जी और समुद्री जल से संचालित होंगे प्रोजेक्ट

उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने बताया कि डेटा सेंटर परियोजनाओं के लिए आवश्यक बिजली, पानी और अन्य बुनियादी ढांचे की पर्याप्त व्यवस्था राज्य में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं में उपयोग होने वाला पानी समुद्र के पानी को डिसेलिनेशन (लवण हटाने की प्रक्रिया) के जरिए तैयार किया जाएगा, जिससे किसानों और आम नागरिकों के उपयोग वाले जल संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि डेटा सेंटर परियोजनाओं में कम से कम 51 प्रतिशत ऊर्जा ग्रीन एनर्जी से प्राप्त करना अनिवार्य होगा। सरकार का उद्देश्य डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना है।

डिजिटल अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने बताया कि राज्य में प्रस्तावित डेटा सेंटर परियोजनाएं बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के अवसर पैदा करेंगी। उनके अनुसार, एक गीगावॉट क्षमता वाले डेटा सेंटर पर लगभग 75 हजार करोड़ रुपये से 1 लाख करोड़ रुपये तक का निवेश हो सकता है। इससे गुजरात देश के प्रमुख डेटा स्टोरेज और डिजिटल सर्विस हब के रूप में उभर सकता है।

सरकार का मानना है कि बढ़ती डिजिटल सेवाओं, क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा प्रोसेसिंग की मांग को देखते हुए डेटा सेंटर भविष्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बनेंगे। इसी उद्देश्य से राज्य में निवेशकों के लिए अनुकूल नीति तैयार की गई है।

सरकार ने यह भी कहा कि डेटा सेंटर विकास के दौरान पर्यावरणीय मानकों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। आधुनिक तकनीक, हरित ऊर्जा और मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए गुजरात को वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में यह नीति अहम कदम मानी जा रही है।

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