कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर शुक्रवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार का पद से जाना अब सिर्फ समय की बात है और कांग्रेस इसे करके दिखाएगी।
Gyanesh Kumar: भारत में चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन किया और उनके इस्तीफे की मांग दोहराई। वहीं, Cockroach Janta Party (CJP) ने भी ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था, जिसकी समयसीमा 26 सितंबर को पूरी हो रही है। चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक ज्ञानेश कुमार फरवरी 2025 से भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं।
कांग्रेस ने देशभर में किया प्रदर्शन
कांग्रेस ने शुक्रवार को SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों और चुनाव कार्यालयों की ओर मार्च करने की कोशिश की। कुछ स्थानों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग के जरिए प्रदर्शनकारियों को रोक दिया और कुछ नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की खबरें भी सामने आईं।
कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर पार्टी का आंदोलन अभी शुरुआती चरण में है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर और बड़े प्रदर्शन किए जाएंगे। कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल के दौरान लिए गए फैसलों और मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग भी रखी है।
SIR को लेकर क्या है विवाद?
SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची की समीक्षा की प्रक्रिया है। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर भी 2026 के SIR से संबंधित सामग्री और मतदाता सूची खोजने की सुविधा उपलब्ध है। मौजूदा विवाद उस समय और बढ़ा जब एक मीडिया रिपोर्ट में चुनाव आयोग के भीतर मतदाता सूची और SIR से संबंधित कुछ फैसलों पर चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों का जिक्र किया गया।
कांग्रेस ने इन रिपोर्टों के आधार पर चुनाव आयोग से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की है। हालांकि, इन राजनीतिक आरोपों और रिपोर्टों को चुनाव आयोग के आधिकारिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
‘Mark VIP’ फीचर पर भी कांग्रेस के सवाल

कांग्रेस ने चुनाव आयोग के BLO ऐप में कथित ‘Mark VIP’ फीचर को लेकर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि मतदाताओं की पहचान से जुड़ी ऐसी व्यवस्था समान मतदान अधिकार के सिद्धांत को प्रभावित कर सकती है। कांग्रेस ने इसे लेकर चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण मांगा है। यहां पुराने चुनावी नियमों और कथित नए ऐप फीचर के बीच अंतर समझना भी जरूरी है।
चुनावी व्यवस्था में कुछ श्रेणियों के मतदाताओं की पहचान से संबंधित प्रावधान पहले से मौजूद रहे हैं। इसलिए ‘Mark VIP’ को लेकर किए जा रहे दावों की स्वतंत्र रूप से जांच और आधिकारिक स्पष्टीकरण महत्वपूर्ण है।
पवन खेड़ा ने भी साधा निशाना
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रदर्शन के दौरान ज्ञानेश कुमार को लेकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफा देने और कथित चुनावी अनियमितताओं की जांच में सहयोग करने की अपील की। कांग्रेस नेताओं ने SIR से जुड़े फैसलों को लेकर भी सवाल उठाए और चुनाव आयोग से पूरी प्रक्रिया पर जवाब देने की मांग की।
कांग्रेस के इन बयानों को पार्टी की राजनीतिक मांग के तौर पर देखा जाना चाहिए। चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट फिलहाल ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में सूचीबद्ध करती है।
CJP का 48 घंटे का अल्टीमेटम
दूसरी ओर, Cockroach Janta Party (CJP) ने 24 सितंबर को ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देने के लिए 48 घंटे का समय दिया था। संगठन ने कहा था कि अगर वह इस्तीफा नहीं देते हैं तो देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। CJP ने SIR को रोकने और मतदाता सूची से जुड़े अपने अन्य मांगों को भी सामने रखा है। रिपोर्टों के मुताबिक, संगठन ने 2 अक्टूबर से मुंबई से आंदोलन शुरू करने और इसे अन्य शहरों तक ले जाने की चेतावनी दी है।










