देश में बढ़ती गर्मी के बीच हीटस्ट्रोक के मामलों में तेजी आई है। आंध्र प्रदेश में 300 से ज्यादा संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जबकि IMD ने दिल्ली समेत उत्तर भारत में गंभीर हीटवेव की चेतावनी जारी की है।
New Delhi: देश के कई हिस्सों में लगातार बढ़ रहे तापमान ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। Heatwave Alert के बीच आंध्र प्रदेश में मार्च से मई के बीच 325 संदिग्ध हीटस्ट्रोक मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं भारतीय मौसम विभाग ने 22 से 27 मई तक दिल्ली, उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों में गंभीर हीटवेव की चेतावनी जारी की है।
आंध्र प्रदेश में बढ़े हीटस्ट्रोक के मामले
आंध्र प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक 1 मार्च से 19 मई के बीच राज्य में 325 संदिग्ध हीटस्ट्रोक मामले सामने आए हैं। इनमें से बड़ी संख्या मई के शुरुआती दिनों में दर्ज हुई।

डॉक्टरों के अनुसार, शरीर का तापमान अत्यधिक बढ़ने पर हीटस्ट्रोक की स्थिति बनती है। इसमें चक्कर आना, उल्टी, बेहोशी, भ्रम और शरीर के अंगों के काम करना बंद करने जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।
राज्य प्रशासन ने लोगों को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
दिल्ली समेत उत्तर भारत में हीटवेव अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 22 से 27 मई के बीच दिल्ली और उत्तर भारत के कई हिस्सों में गंभीर हीटवेव की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार कई मैदानी इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है।
दिल्ली के कुछ सरकारी अस्पतालों में हीटस्ट्रोक के मरीज भर्ती किए गए हैं। वहीं उत्तर प्रदेश के बांदा में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक तापमान माना जा रहा है।
डिहाइड्रेशन और पानी संकट की भी बढ़ी चिंता
तेज गर्मी के कारण अस्पतालों में डायरिया और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। कई राज्यों में पानी की कमी की समस्या सामने आने लगी है। गुजरात समेत कई इलाकों में जल संकट को लेकर चिंता जताई जा रही है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल मार्च से जून के बीच देशभर में 40 हजार से ज्यादा संदिग्ध हीटस्ट्रोक मामले और 100 से अधिक मौतें दर्ज की गई थीं। इस बार भी तापमान लगातार बढ़ने से स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क हैं।









