भारी बारिश का कहर: पुणे में कचरे का पहाड़ इमारत पर गिरा, गुजरात में रिकॉर्ड बारिश, कई राज्यों में जनजीवन प्रभावित

महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान मे भारी बारिश से कई बड़े हादसे। पुणे मे इमारत ढही, सूरत में रिकॉर्ड बारिश से बाढ़, कई लोगों की मौत, राहत कार्य जारी।

देश के कई राज्यों में भारी बारिश से हालात गंभीर हो गए हैं। पुणे में कचरे का ढेर इमारत पर गिरने से कई लोगों के फंसे होने की आशंका है, जबकि सूरत में रिकॉर्ड बारिश, बाढ़ और अन्य हादसों में कई लोगों की जान गई।

पुणे: भारत के कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान में बारिश से जुड़े हादसों में कई लोगों की जान चली गई, जबकि सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। महाराष्ट्र के पुणे में कचरे का विशाल ढेर एक तीन मंजिला इमारत पर गिरने से बड़ा हादसा हो गया। वहीं गुजरात के सूरत में रिकॉर्ड तोड़ बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी इमारत गिरने, लैंडस्लाइड और बिजली गिरने जैसी घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है।

पुणे में कचरे का पहाड़ गिरने से बड़ा हादसा

महाराष्ट्र के पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवाड़ क्षेत्र में बुधवार को भारी बारिश के बीच बड़ा हादसा हुआ। लगातार बारिश के कारण कचरे का विशाल ढेर खिसककर पास स्थित तीन मंजिला इमारत पर जा गिरा। हादसे के बाद इमारत पूरी तरह ढह गई।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मलबे में करीब 16 लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई है। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है तथा मलबा हटाकर लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की जा रही है।

खंडाला में लैंडस्लाइड, एक सुरक्षा गार्ड की मौत

महाराष्ट्र में लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की घटनाएं भी सामने आई हैं। पुणे के खंडाला इलाके में तेज बारिश के दौरान पहाड़ी से मलबा गिरने से एक सुरक्षा गार्ड की मौत हो गई, जबकि उसका एक साथी अब भी लापता बताया जा रहा है। प्रशासन लापता व्यक्ति की तलाश में खोज अभियान चला रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों की मिट्टी कमजोर हो जाती है, जिससे भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है।

सूरत में 85 साल पुराना बारिश का रिकॉर्ड टूटा

गुजरात के सूरत शहर में बीते 36 घंटों के दौरान रिकॉर्ड स्तर की बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, शहर के अलग-अलग हिस्सों में 11 से 19 इंच तक वर्षा हुई। बताया जा रहा है कि जुलाई 1941 में दर्ज लगभग 18 इंच बारिश का 85 वर्ष पुराना रिकॉर्ड भी टूट गया। लगातार बारिश से शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए और बाढ़ जैसे हालात बन गए। सड़कें, बाजार और रिहायशी इलाके पानी में डूब गए, जिससे सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ।

शॉपिंग मॉल में घुसा पानी, हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला गया

सूरत में भारी बारिश का असर व्यावसायिक क्षेत्रों पर भी देखने को मिला। शहर के एक बड़े शॉपिंग मॉल की एक मंजिल तक पानी भर गया। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज किया। लगभग 3,400 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। बारिश के दौरान करंट लगने, पेड़ गिरने और बिजली गिरने जैसी घटनाओं में नौ लोगों की मौत की भी सूचना है। प्रशासन लोगों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील कर रहा है।

मध्य प्रदेश में पांच मंजिला इमारत गिरी

मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में मंगलवार शाम एक पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई। घटना के बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचा और मलबे में फंसे लोगों को निकालने का अभियान शुरू किया गया। प्रशासन ने इमारत गिरने के कारणों की जांच के आदेश दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बारिश और कमजोर संरचना कई बार इमारतों के ढहने का कारण बन सकती है।

राजस्थान में नदी हादसा और बिजली गिरने से मौतें

राजस्थान में भी मानसून का असर गंभीर रूप में देखने को मिला। जालोर जिले में तेज बहाव के दौरान एक जीप नदी में पलट गई, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। वहीं चित्तौड़गढ़ जिले में आकाशीय बिजली गिरने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। विशेष रूप से महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और पश्चिमी भारत के कई हिस्सों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों, पहाड़ी क्षेत्रों के निवासियों और निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

Leave a comment