Gujarat Kidney IPO ने शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत की। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर इश्यू प्राइस से ऊपर लिस्ट हुए। लिस्टिंग के दिन निवेशकों को प्रीमियम का लाभ मिला, जिससे IPO को सकारात्मक रिस्पॉन्स मिला।
Gujarat Kidney IPO: मल्टीस्पेशियलिटी हेल्थकेयर सर्विस प्रोवाइडर गुजरात किडनी एंड सुपर स्पेशियलिटी ने शेयर बाजार में पॉजिटिव एंट्री की है। मंगलवार 30 दिसंबर को आईपीओ पूरा होने के बाद कंपनी के शेयर NSE और BSE दोनों एक्सचेंज पर लिस्ट हुए। निवेशकों को लिस्टिंग के दिन ही प्रीमियम का फायदा मिला, जिससे IPO को लेकर बनी उम्मीदों को मजबूती मिली है।
NSE और BSE पर कैसी रही लिस्टिंग
Gujarat Kidney IPO की लिस्टिंग दोनों प्रमुख एक्सचेंज पर इश्यू प्राइस से ऊपर हुई। NSE पर कंपनी के शेयर 120 रुपये प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट हुए। यह इश्यू प्राइस के अपर बैंड 114 रुपये की तुलना में करीब 6 रुपये यानी लगभग 5.3 प्रतिशत का प्रीमियम है।
वहीं BSE पर गुजरात किडनी के शेयर 120.75 रुपये प्रति शेयर पर लिस्ट हुए। यहां निवेशकों को 6.75 रुपये यानी करीब 6 प्रतिशत का लिस्टिंग गेन मिला। दोनों एक्सचेंज पर मिली इस मजबूत शुरुआत ने यह साफ कर दिया कि बाजार ने कंपनी के बिजनेस मॉडल और ग्रोथ पोटेंशियल को सकारात्मक रूप से लिया है।
ग्रे मार्केट अनुमान से बेहतर प्रदर्शन
Gujarat Kidney IPO की लिस्टिंग ग्रे मार्केट के अनुमानों से बेहतर रही। लिस्टिंग से पहले अनलिस्टेड मार्केट में कंपनी के शेयर करीब 115.5 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहे थे। इससे ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP लगभग 1.5 रुपये प्रति शेयर का संकेत दे रहा था, जो इश्यू प्राइस से करीब 1.32 प्रतिशत ज्यादा था।
हालांकि, असली लिस्टिंग में शेयरों ने GMP से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया। यह दर्शाता है कि अंतिम समय में निवेशकों की मांग मजबूत रही और लिस्टिंग के वक्त बाजार में buying interest देखने को मिला। कई बार ग्रे मार्केट का अनुमान सीमित रहता है, लेकिन इस IPO में एक्सचेंज पर लिस्टिंग ने उससे बेहतर रिटर्न दिया।
निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स
Gujarat Kidney IPO को निवेशकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। NSE के आंकड़ों के अनुसार यह IPO कुल मिलाकर 5.21 गुना सब्सक्राइब हुआ। कंपनी ने 1.32 करोड़ शेयरों के मुकाबले निवेश के लिए पेश किए थे, जबकि इसके बदले 6.89 करोड़ इक्विटी शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुईं।
यह आंकड़ा दिखाता है कि बाजार में इस हेल्थकेयर कंपनी को लेकर भरोसा बना हुआ था। खासतौर पर retail investors की भागीदारी ने IPO को मजबूत सपोर्ट दिया।
रिटेल निवेशकों की सबसे ज्यादा दिलचस्पी
सब्सक्रिप्शन डेटा पर नजर डालें तो Gujarat Kidney IPO में रिटेल निवेशकों की मांग सबसे ज्यादा रही। रिटेल कैटेगरी में यह इश्यू 19.04 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसका मतलब है कि छोटे निवेशकों ने इस IPO में जमकर दिलचस्पी दिखाई।
वहीं non-institutional investors यानी NII सेगमेंट में IPO को 5.73 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। Qualified Institutional Buyers यानी QIB के लिए आरक्षित हिस्से को 1.06 गुना सब्सक्राइब किया गया। यह आंकड़े बताते हैं कि IPO को सभी कैटेगरी से सपोर्ट मिला, हालांकि सबसे ज्यादा उत्साह रिटेल निवेशकों में देखने को मिला।
IPO के जरिए जुटाई गई बड़ी रकम
Gujarat Kidney ने अपने IPO के जरिए कुल 250.80 करोड़ रुपये जुटाए हैं। यह पूरा पब्लिक इश्यू 2.20 करोड़ नए इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू था। यानी इस IPO में कोई offer for sale शामिल नहीं था और पूरी रकम सीधे कंपनी के पास गई है।
कंपनी इस फंड का इस्तेमाल अपने बिजनेस को मजबूत करने, क्षमता विस्तार और अन्य कॉरपोरेट जरूरतों को पूरा करने के लिए कर सकती है। हेल्थकेयर सेक्टर में बढ़ती मांग के बीच यह पूंजी कंपनी के future growth plans के लिए अहम मानी जा रही है।
प्राइस बैंड और लॉट साइज की जानकारी
Gujarat Kidney IPO को 108 रुपये से 114 रुपये प्रति शेयर के प्राइस बैंड में पेश किया गया था। निवेशकों को न्यूनतम 128 शेयरों के एक लॉट में बोली लगाने का मौका दिया गया था।
यह IPO 22 दिसंबर से 24 दिसंबर 2025 के बीच निवेश के लिए खुला रहा। तीन दिनों के इस सब्सक्रिप्शन पीरियड में ही IPO को अच्छी प्रतिक्रिया मिल गई थी, जिससे लिस्टिंग से पहले ही सकारात्मक संकेत मिलने लगे थे।
हेल्थकेयर सेक्टर में क्यों अहम है यह लिस्टिंग
Gujarat Kidney एंड सुपर स्पेशियलिटी एक मल्टीस्पेशियलिटी हेल्थकेयर सर्विस प्रोवाइडर है। भारत में हेल्थकेयर सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है। बढ़ती आबादी, लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां और बेहतर मेडिकल सुविधाओं की मांग ने इस सेक्टर को मजबूत बनाया है।
ऐसे में इस कंपनी की शेयर बाजार में एंट्री निवेशकों के लिए एक नया विकल्प लेकर आई है। लिस्टिंग के दिन मिला प्रीमियम यह दिखाता है कि बाजार इस सेक्टर की संभावनाओं को लेकर आशावादी है।
लिस्टिंग के बाद निवेशकों की रणनीति
IPO में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए लिस्टिंग गेन एक राहत भरी खबर है। जिन निवेशकों ने शॉर्ट-टर्म के नजरिए से आवेदन किया था, उन्हें पहले दिन ही मुनाफा मिला है। वहीं लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए अब कंपनी के financial performance, expansion plans और sector outlook पर नजर रखना जरूरी होगा।
हेल्थकेयर कंपनियों में आमतौर पर steady growth देखने को मिलती है, लेकिन प्रतिस्पर्धा और operational efficiency भी अहम भूमिका निभाती है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसला लेने से बचना चाहिए।









