हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला सचिवालय में नए अलर्जली फेस-टू कार्यालय का उद्घाटन किया। 20 करोड़ रुपये की लागत से बने भवन में 15 कमरे और 40 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को शिमला सचिवालय में नए अलर्जली फेस-टू भवन स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय का उद्घाटन किया। पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने यहीं से नियमित प्रशासनिक कामकाज शुरू किया। विपक्ष के फिजूलखर्ची के आरोपों पर सुक्खू ने कहा कि यह उनका निजी घर नहीं, बल्कि संस्थान का कार्यालय है और 15-20 साल बाद कोई दूसरा मुख्यमंत्री भी यहां बैठेगा।
नए कार्यालय से शुरू हुआ मुख्यमंत्री का कामकाज
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला सचिवालय में नवनिर्मित अलर्जली फेस-टू भवन स्थित अपने नए कार्यालय का उद्घाटन किया। करीब दो साल के इंतजार के बाद मुख्यमंत्री ने सोमवार को पूजा-अर्चना के बाद नए कार्यालय से नियमित प्रशासनिक कामकाज शुरू किया।

मुख्यमंत्री कार्यालय के नए भवन में कामकाज शुरू होने के साथ सचिवालय में मुख्यमंत्री की नियमित मौजूदगी भी फिर शुरू हो गई है। पिछले कुछ समय से मुख्यमंत्री का कामकाज ओक ओवर और सचिवालय के छोटे कार्यालय से चल रहा था। नए भवन के शुरू होने से सचिवालय में कार्यालय और अन्य सुविधाओं के लिए उपलब्ध जगह का विस्तार हुआ है।
फिजूलखर्ची के आरोपों पर सुक्खू का जवाब
नए कार्यालय के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे फिजूलखर्ची के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह उनका निजी घर नहीं है। उनके अनुसार, 15 से 20 साल बाद कोई दूसरा मुख्यमंत्री भी इसी कार्यालय में बैठकर सरकार का कामकाज संभालेगा।
सुक्खू ने इसे किसी व्यक्ति विशेष का कार्यालय नहीं, बल्कि संस्थान का कार्यालय बताया। उन्होंने पुराने मुख्यमंत्री कार्यालय में जगह की कमी का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, पहले यह कहा जाता था कि जिला उपायुक्त कार्यालय भी मुख्यमंत्री कार्यालय से बेहतर स्थिति में हैं, क्योंकि पुराने कार्यालय में अधिक लोगों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी।
छह मंजिला अलर्जली फेस-टू भवन में क्या सुविधाएं
नया कार्यालय छह मंजिला अलर्जली फेस-टू भवन में तैयार किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भवन में मुख्यमंत्री कार्यालय के लिए 15 कमरे हैं और इसके निर्माण पर करीब 20 करोड़ रुपये की लागत आई है।
भवन में पार्किंग की सुविधा भी विकसित की गई है। यहां करीब 40 वाहनों को खड़ा करने की व्यवस्था होगी। इससे सचिवालय क्षेत्र में सड़क किनारे वाहनों की वजह से होने वाली परेशानी और जाम की स्थिति को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
नए भवन की संरचना में अलग-अलग अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी कार्यालय की व्यवस्था की गई है। भवन की कुछ मंजिलों में पार्किंग और प्रशासनिक कार्यालयों के लिए जगह निर्धारित की गई है।
कई वरिष्ठ अधिकारी भी इसी भवन में बैठेंगे
अलर्जली फेस-टू भवन में मुख्यमंत्री कार्यालय के अलावा कई वरिष्ठ अधिकारियों के लिए भी कार्यालय की व्यवस्था की गई है। मुख्य सचिव और उनके स्टाफ के लिए एक मंजिल निर्धारित की गई है। सामान्य प्रशासन विभाग और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव का कार्यालय भी इसी भवन में होगा।
इसके अलावा गृह विभाग के प्रशासनिक सचिव, मुख्यमंत्री के निजी प्रधान सचिव और अन्य संबंधित स्टाफ के बैठने की व्यवस्था भी नए भवन में की गई है। इस तरह नए भवन में मुख्यमंत्री कार्यालय के साथ सरकार के महत्वपूर्ण प्रशासनिक कामकाज से जुड़े अधिकारियों के लिए भी स्थान उपलब्ध कराया गया है।
नए कार्यालय के शुरू होने से मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच प्रशासनिक समन्वय के लिए एक ही परिसर में अधिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। वहीं, कार्यालय के लिए अतिरिक्त जगह मिलने से सचिवालय में लंबे समय से चली आ रही स्थान की समस्या को भी कम करने की दिशा में कदम बढ़ा है।











