होली 2026: रेलवे चलाएगा 1,410 स्पेशल ट्रेनें; बिहार, झारखंड और पूर्वी यूपी के लिए विशेष तैयारी

होली 2026 के मौके पर भारतीय रेलवे ने 1,410 स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान किया। बिहार, झारखंड और पूर्वी यूपी के यात्रियों के लिए विशेष तैयारी और सुविधाओं की

होली का त्योहार नजदीक आते ही देशभर में यात्रियों की आवाजाही तेज हो गई है। रंगों के इस पर्व को मनाने के लिए बड़ी संख्या में लोग अपने-अपने घरों की ओर रवाना होंगे। ऐसे में रेलवे ने स्टेशन पर बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए खास तैयारी की है। 

नई दिल्ली: आगामी होली उत्सव के अवसर पर यात्रियों की सुगम और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय रेलवे ने अपने नेटवर्क पर 1,410 से अधिक होली स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना बनाई है। रेलवे ने कहा कि जरूरत पड़ने पर इन ट्रेनों की संख्या 1,500 तक बढ़ाई जा सकती है। यह योजना त्योहारी अवधि के दौरान बढ़ी हुई भीड़ को नियंत्रित करने और प्रमुख गंतव्यों के बीच आरामदायक कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैयार की गई है।

पिछले वर्ष 2025 में रेलवे ने होली के लिए कुल 1,144 स्पेशल ट्रेनें चलाई थीं। इस बार इस संख्या में भारी इजाफा किया गया है, ताकि त्योहार के दौरान यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और परेशानी मुक्त यात्रा मिल सके।

जोनवार होली स्पेशल ट्रेनें

रेल मंत्रालय ने विभिन्न रेलवे जोनों के अनुसार होली स्पेशल ट्रेनें संचालित करने का निर्णय लिया है। इसमें पूर्व मध्य रेलवे सबसे आगे है, यहाँ से 285 स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। इसके बाद पश्चिम रेलवे 231 और मध्य रेलवे 209 होली स्पेशल ट्रेनें चलाएगा। दक्षिण मध्य रेलवे की ओर से 160, उत्तर रेलवे से 108, और उत्तर पश्चिम रेलवे से 71 ट्रेनें चलाई जाएंगी। उत्तर मध्य रेलवे 66 ट्रेनें, जबकि पूर्वोत्तर रेलवे और पूर्व तटीय रेलवे 62-62 ट्रेनें चलाएंगे।

इसके अतिरिक्त दक्षिण पश्चिम रेलवे 47, पश्चिम मध्य रेलवे 43, दक्षिण रेलवे 39 और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे 15 स्पेशल ट्रेनें चलाएगा। कोंकण रेलवे 9 और पूर्वोत्तर सीमा रेलवे 2 ट्रेनें चलाने की योजना में शामिल हैं।

बिहार, झारखंड और पूर्वी यूपी के लिए विशेष तैयारी

इस बार रेलवे ने बिहार, झारखंड और पूर्वी यूपी से आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या को देखते हुए विशेष ध्यान दिया है। ईस्ट सेंट्रल रेलवे इस क्षेत्र में सबसे सक्रिय है और यहाँ से 285 होली स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। रेल मंत्रालय ने बताया कि ये स्पेशल ट्रेनें अतिरिक्त फेरे के रूप में चलाई जाएंगी, ताकि त्योहार के दौरान बढ़ी भीड़ को सुचारू रूप से संभाला जा सके। इन ट्रेनियों में स्लीपर और जनरल कोच की संख्या बढ़ाकर ज्यादा यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी।

रेलवे का मुख्य उद्देश्य वेटिंग लिस्ट को नियंत्रण में रखना और यात्रियों को मजबूरी में जोखिम उठाने से बचाना है। रेलवे ने सुनिश्चित किया है कि प्लेटफॉर्म पर भीड़ कम रहे और सभी गंतव्यों के लिए डायरेक्ट कनेक्टिविटी उपलब्ध हो। साथ ही, रेलवे ने यात्रियों से आग्रह किया है कि वे टिकट समय पर बुक करें और यात्रा से पहले ट्रेन शेड्यूल की जानकारी ले लें। इस तरह यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का भरोसा मिलेगा।

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