होर्मुज स्ट्रेट से राहत: 44,000 टन LPG लेकर मुंबई आ रहा भारतीय जहाज

Strait of Hormuz से बड़ी राहत की खबर है। 44,000 टन LPG लेकर एक भारतीय जहाज Mumbai की ओर बढ़ रहा है। बढ़ते तनाव के बीच यह सप्लाई भारत के लिए राहत लेकर आई है,

पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz से भारतीय ध्वज वाले जहाजों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी है। 

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट पर लगाए गए प्रतिबंधों ने वैश्विक तेल आपूर्ति को प्रभावित किया है, जिससे कई देशों में कच्चे तेल और एलपीजी की चिंता बढ़ गई है। भारत में भी एलपीजी को लेकर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं, जो इस संकट की गंभीरता को दर्शाती हैं। इसी बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। 

अमेरिका और इजरायल के साथ जारी तनाव के बावजूद ईरान ने भारतीय ध्वज वाले कई जहाजों को सुरक्षित मार्ग देने की अनुमति दी है। हाल ही में एक और भारतीय जहाज सफलतापूर्वक होर्मुज स्ट्रेट पार कर गया, जिससे भारत की ऊर्जा आपूर्ति को कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।

44,000 मीट्रिक टन LPG के साथ भारत की ओर

‘ग्रीन सान्वी’ नामक यह टैंकर करीब 44,000 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर भारत आ रहा है। पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद यह सातवां भारतीय जहाज है जिसने सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार किया है। इससे पहले भी छह एलपीजी टैंकर भारत पहुंच चुके हैं, जिससे देश में गैस आपूर्ति को आंशिक राहत मिली है। 

विशेषज्ञों का मानना है कि ‘ग्रीन सान्वी’ के आगमन से घरेलू बाजार में एलपीजी की उपलब्धता बेहतर हो सकती है, खासकर उस समय जब मांग और आपूर्ति के बीच असंतुलन देखा जा रहा है।

ईरान की अनुमति से बना सुरक्षित कॉरिडोर

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह जहाज फारस की खाड़ी से निकलकर ईरान के समुद्री क्षेत्र के भीतर एक निर्धारित सुरक्षित कॉरिडोर से होकर गुजरा। यह कदम ईरान द्वारा उठाए गए नियंत्रित और चयनात्मक प्रतिबंधों का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत कुछ देशों के जहाजों को सीमित अनुमति दी जा रही है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब Iran और United States के बीच तनाव चरम पर है, और Israel के साथ भी सैन्य टकराव जारी है।

हालांकि ‘ग्रीन सान्वी’ का सुरक्षित निकलना एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन अभी भी कई भारतीय जहाज होर्मुज क्षेत्र में फंसे हुए हैं। जानकारी के अनुसार, लगभग 17 भारतीय टैंकर स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से में खड़े हैं और ईरानी क्लीयरेंस का इंतजार कर रहे हैं। इनमें से दो प्रमुख जहाज—‘ग्रीन आशा’ और ‘जग विक्रम’—एलपीजी से लदे हुए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि इन्हें भी जल्द ही भारत आने की अनुमति मिल सकती है। यदि ऐसा होता है, तो भारत में गैस आपूर्ति की स्थिति और बेहतर हो सकती है।

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