होटल का Free WiFi कितना सुरक्षित है? एक गलती आपको पड़ सकती है भारी

होटल का Free WiFi कितना सुरक्षित है? एक गलती आपको पड़ सकती है भारी

होटल का फ्री WiFi सुविधा के साथ बड़ा साइबर खतरा भी बन सकता है। कमजोर सुरक्षा वाले नेटवर्क पर हैकर्स यूजर्स का डेटा, पासवर्ड और बैंकिंग जानकारी चुरा सकते हैं। एक्सपर्ट्स सावधानी, VPN और मोबाइल हॉटस्पॉट जैसे सुरक्षित विकल्प अपनाने की सलाह देते हैं।

Hotel WiFi Security Risk: यात्रा के दौरान होटल में मिलने वाला फ्री WiFi कई बार यूजर्स की प्राइवेसी और वित्तीय सुरक्षा के लिए खतरा बन जाता है। होटल के नेटवर्क से एक साथ सैकड़ों लोग जुड़े होते हैं, जहां कमजोर सिक्योरिटी के कारण हैकर्स आसानी से घुसपैठ कर लेते हैं। यह खतरा होटल में ठहरने वाले आम यात्रियों, बिजनेस ट्रैवलर्स और डिजिटल पेमेंट करने वालों सभी के लिए है। साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ऐसे नेटवर्क पर लॉगिन करने से पासवर्ड, ईमेल और बैंकिंग डेटा लीक हो सकता है, इसलिए सतर्कता जरूरी है।

होटल का WiFi क्यों बन जाता है आसान निशाना

होटल के WiFi नेटवर्क से एक साथ सैकड़ों यूजर्स जुड़े होते हैं। ज्यादातर मामलों में ये नेटवर्क पुराने या कमजोर सिक्योरिटी सिस्टम पर चलते हैं, जिससे साइबर अपराधियों के लिए इनमें सेंध लगाना आसान हो जाता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ओपन या कम सुरक्षित नेटवर्क पर आपकी ऑनलाइन एक्टिविटी आसानी से ट्रैक की जा सकती है।

अगर हैकर को नेटवर्क या राउटर तक पहुंच मिल जाए, तो वह जुड़े किसी भी डिवाइस की जानकारी हासिल कर सकता है। इसमें पासवर्ड चोरी, ईमेल एक्सेस और यहां तक कि निजी फाइल्स तक पहुंच शामिल है। कुछ मामलों में मैलवेयर डालकर डिवाइस की सेटिंग्स से छेड़छाड़ भी की जाती है।

पासवर्ड वाला WiFi भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं

कई लोग मानते हैं कि पासवर्ड-प्रोटेक्टेड होटल WiFi पूरी तरह सुरक्षित होता है, लेकिन हकीकत इससे अलग है। पासवर्ड होने के बावजूद नेटवर्क आपकी डिवाइस से जुड़ी बेसिक जानकारी देख सकता है। अगर एडवांस एन्क्रिप्शन या मॉनिटरिंग सिस्टम नहीं है, तो खतरा बना रहता है।

साइबर एक्सपर्ट्स बताते हैं कि पब्लिक नेटवर्क पर लॉगिन करते समय आपकी जानकारी इंटरसेप्ट की जा सकती है। खासतौर पर तब, जब आप बिना सुरक्षा के वेबसाइट्स या ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हों।

होटल में WiFi इस्तेमाल करते समय कैसे रहें सुरक्षित

यात्रा के दौरान होटल WiFi पर बैंकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग या पेमेंट से जुड़ा काम करने से बचना चाहिए। VPN का इस्तेमाल करने से डेटा एन्क्रिप्ट रहता है और हैकिंग का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। इसके साथ ही सभी जरूरी अकाउंट्स पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखना फायदेमंद है।

अगर संभव हो, तो पब्लिक WiFi की जगह मोबाइल हॉटस्पॉट का इस्तेमाल करें। लंबे ट्रैवल में एक सिक्योर ट्रैवल राउटर भी बेहतर विकल्प हो सकता है। साथ ही, डिवाइस में अपडेटेड फायरवॉल और भरोसेमंद सिक्योरिटी ऐप्स जरूर रखें।

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